Afghanistan-Taliban Crisis : अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे से भीलवाड़ा को ₹ 200 करोड़ से ज्यादा का घाटा
भीलवाड़ा, 18 अगस्त। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे का असर दुनियाभर पड़ रहा है। आस-पास कई देशों की सुरक्षा पर 'तालिबानी आतंक' का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आर्थिक नुकसान होना भी शुरू हो गया है। इसकी एक बानगी भारत में राजस्थान का भीलवाड़ा है। अकेले भीलवाड़ा में तालिबान की वजह से दो सौ करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

वस्त्रनगरी के रूप में विश्व विख्यात है भीलवाड़ा
दरअसल, राजस्थान में भीलवाड़ा वस्त्रनगरी के रूप में विश्व विख्यात है। यहां से दुनियाभर में कपड़े का निर्यात होता है। अफगानिस्तान के लोग मोटे कपड़े के कुर्ता पायजामा पहनते हैं। यह मोटा कपड़ा भीलवाड़ा में बनता है, जिसकी अफगानिस्तान में काफी डिमांड है।

12 इकाइयों भेजती हैं दो करोड़ मीटर कपड़ा
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे की वजह से अस्थिरता है। इस वजह से भीलवाड़ा से कपड़े का डिस्पैच बंद हो गया है। अकेले भीलवाड़ा की 12 ज्यादा इकाइयां सालभर में दो करोड़ मीटर कपड़ा अफगानिस्तान भेजती हैं।

एक माह से अस्थिरता का माहौल
सर्दी की सीजन को देखते हुए अगस्त-सितम्बर में करीब एक करोड़ मीटर कपड़ा अफगानिस्तान भेजा जाता है। यह कपड़ा 80 से 100 रुपए प्रति मीटर होता है, मगर तालिबानी कब्जे के चलते बीते एक माह से अस्थिरता का माहौल है और सारी बुकिंग अटक गई हैं। इस सीजन का निर्यात फिलहाल टल गया।

अफगानिस्तान को कपड़ा भेजना संभव नहीं
मेवाड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव आरके जैन बताते हैं कि तालिबानी हमले की वजह से भीलवाड़ा से भेजे जाने वाले कपड़े के ऑर्डर निरस्त हो चुके हैं। भीलवाड़ा के उद्यमियों ने सीजन 2021 के लिए अफगानिस्तान भेजने वाले कपड़े की बुकिंग तो की थी, मगर अब कपड़ा भेजना संभव नहीं हो पा रहा है।

अफगानिस्तान के व्यापारियों से नहीं हो रहा सम्पर्क
जैन बताते हैं कि अफगानिस्तान में व्यापारियों के हालात बहुत हैं। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अफगानिस्तान के कपड़ा व्यापारियों ने भीलवाड़ा से कपड़ा बुक तो करवाया, मगर अब अफगानिस्तान के व्यापारियों से फोन पर सम्पर्क ही नहीं हो पा रहा है।












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