Epstein Files की वजह से जा सकती है प्रधानमंत्री की कुर्सी, कर दिया था ब्लंडर, जानें अब कौन बनेगा अगला PM?
Epstein Files: अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की गई 'एपस्टीन फाइल्स' के नए खुलासों ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार पर गंभीर दबाव बढ़ा दिया है। इन दस्तावेज़ों में टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क और मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की एक तस्वीर भी सामने आई है। इस तस्वीर के सार्वजनिक होते ही मामला और ज्यादा सेंसटिव हो गया है। इन सब से इतर एक नाम है जिस पर तलवार लटकती नजर आ रही है। वो हैं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर।
खुलासों से कीर स्टार्मर पर बढ़ा दबाव
इन सभी खुलासों ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर राजनीतिक दबाव और बढ़ा दिया। इसी दबाव के चलते उनके करीबी सहयोगी और डाउनिंग स्ट्रीट के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को इस्तीफा देना पड़ा। आरोप है कि मैकस्वीनी ने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने की सिफारिश की थी, जबकि मैंडेलसन ने यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन का समर्थन किया था।

मैकस्वीनी ने मानी गलती, खुद ली जिम्मेदारी
मैकस्वीनी ने स्वीकार किया कि उन्हें यह जानकारी थी कि पीटर मैंडेलसन ने जेल जाने के बाद भी जेफरी एपस्टीन का समर्थन किया था। इसके बावजूद उन्होंने उनकी नियुक्ति का समर्थन किया, जो अब वह खुद एक बड़ी गलती मान रहे हैं। उन्होंने इस फैसले की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
मैंडेलसन पर संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप
पीटर मैंडेलसन पर यह भी आरोप लगे हैं कि जब वह ब्रिटेन के बिजनेस सेक्रेटरी थे, तब उन्होंने एपस्टीन के साथ बाजार से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा की थीं। इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है और विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया मौका मिल गया है।
"जनता का भरोसा टूटा"
इस्तीफे के बाद मैकस्वीनी ने कहा कि इस फैसले ने पार्टी, देश और राजनीति में लोगों के भरोसे को कमजोर किया है। वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि सिर्फ चीफ ऑफ स्टाफ नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को भी इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।
स्टार्मर से करीबी और लटकी तलवार
मैकस्वीनी को कीर स्टार्मर का सबसे भरोसेमंद सहयोगी और प्रधानमंत्री का "दिमाग" माना जाता था। उन्हें सत्ता तक पहुंचाने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही थी। उनके इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी के सांसद खुलकर यह सवाल पूछने लगे हैं कि अब स्टार्मर कितने समय तक प्रधानमंत्री बने रह पाएंगे।
पीएम को बदलने की मांग
लेबर पार्टी के वामपंथी धड़े ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी है। पार्टी के पूर्व अभियान प्रमुख जॉन ट्रिकट ने कहा कि जिम्मेदारी सबसे ऊपर तक जाती है। सांसद ब्रायन लीशमैन ने कहा कि पार्टी की दिशा बदलने की जरूरत है और इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री से होनी चाहिए।
सांसदों की खुली चेतावनी
सांसद किम जॉनसन ने कहा कि कीर स्टार्मर के लिए अब हालात संभालना मुश्किल हो गया है। वहीं सांसद राचेल मास्केल ने कहा कि "यह तो बस शुरुआत है।" मैकस्वीनी के समर्थकों ने उनके बाहर निकलने को बड़ी रणनीतिक गलती बताया। एक नेता ने कहा, "यह अपनी ही टीम से सबसे मजबूत खिलाड़ी को हटाने जैसा है।"
पार्टी के बाएं झुकाव की आशंका
कुछ सांसदों ने चेतावनी दी है कि इस घटनाक्रम के बाद लेबर पार्टी और ज्यादा वामपंथी रुख अपना सकती है। इससे पार्टी की मौजूदा राजनीतिक संतुलन नीति पर असर पड़ सकता है और आंतरिक संघर्ष और गहरा सकता है।
राष्ट्र को संबोधित करने की तैयारी में स्टार्मर
इन तमाम विवादों के बीच प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर राष्ट्र को संबोधित करने की तैयारी कर रहे हैं। वह राजनीति में पारदर्शिता की बात करेंगे और यह संकेत देंगे कि वह इस्तीफा नहीं देने वाले हैं। सरकार का दावा है कि नीतियों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। स्टार्मर आज लेबर सांसदों की एक अहम बैठक को भी संबोधित करेंगे।
कौन बनेगा अगला पीएम?
इस बीच, लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उप-प्रधानमंत्री एंजेला रेनर और स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिन का नाम संभावित दावेदारों के रूप में सामने आ रहा है। विदेश सचिव डेविड लैमी ने साफ किया है कि उन्होंने मैंडेलसन की नियुक्ति का विरोध किया था। ऊर्जा सचिव एड मिलिबैंड को संभावित "किंगमेकर" माना जा रहा है।
अस्थिरता बढ़ेगी- समर्थक
स्टार्मर के समर्थकों का कहना है कि भारी चुनावी जीत के सिर्फ 18 महीने बाद प्रधानमंत्री को हटाने से देश और पार्टी दोनों में अस्थिरता आ सकती है। वर्क एंड पेंशन सचिव पैट मैकफैडेन ने चेतावनी दी कि इससे आर्थिक और राजनीतिक अराजकता पैदा हो सकती है।
"मैंडेलसन झूठ बोला"
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 5 फरवरी को कहा कि पीटर मैंडेलसन ने उनसे झूठ बोला था। उन्होंने कहा कि राजदूत नियुक्त करते समय उन्होंने मैंडेलसन के दावों पर भरोसा किया, जो गलत साबित हुआ। स्टार्मर ने कहा, "मुझे इस फैसले का गहरा अफसोस है।"
एपस्टीन से संबंध "गहरे और परेशान करने वाले"
एक भाषण में स्टार्मर ने कहा कि अब उन्हें समझ आया है कि जेफरी एपस्टीन के साथ मैंडेलसन के संबंध कितने "गहरे और परेशान करने वाले" थे। उन्होंने लेबर सांसदों और एपस्टीन के पीड़ितों से माफी मांगी और कहा कि उन्हें इस नियुक्ति का पछतावा है।
सुरक्षा जांच सार्वजनिक करने में बाधा
स्टार्मर ने कहा कि वह सुरक्षा जांच से जुड़े विवरण सार्वजनिक करना चाहते हैं, लेकिन चल रही पुलिस जांच के कारण ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने साफ किया कि कोई भी राजनीतिक फायदा पीड़ितों के लिए न्याय में बाधा डालने को सही नहीं ठहरा सकता। इस विवाद के बाद निवेशकों की चिंताओं के बीच ब्रिटेन की उधारी लागत बढ़ गई है।
विपक्ष का हमला
विपक्षी कंजर्वेटिव नेता केमी बैडेनोच ने आरोप लगाया कि असली जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की है। उन्होंने कहा कि स्टार्मर हर बार अपनी गलतियों के लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं। स्टार्मर के कार्यकाल में यह दूसरे चीफ ऑफ स्टाफ का इस्तीफा है। इससे पहले 2024 के चुनाव के बाद सू ग्रे को हटाया गया था।
नए कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ की नियुक्ति
मैकस्वीनी के इस्तीफे के बाद जिल कटबर्सन और विद्या अलाकेसन को कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया गया है। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा।
कौन था जेफरी एपस्टीन
जेफरी एपस्टीन न्यूयॉर्क का एक करोड़पति फाइनेंसर था, जिसके बड़े राजनेताओं और मशहूर हस्तियों से संबंध थे। साल 2005 में उस पर एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से यौन संबंध बनाने के लिए उकसाने का दोषी ठहराया गया और 13 महीने की जेल हुई।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।
-
US-Iran War के बीच Putin को क्यों याद आया COVID-19 महामारी का वक्त? बोले-‘गंभीर परिणाम’, Lockdown पर क्या कहा? -
Trump Iran War: 'समझौते की भीख मांग रहा है ईरान' मिडिल ईस्ट जंग के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, क्या खत्म होगी जंग? -
'Monalisa झूठी है', महाकुंभ वायरल गर्ल की मां का बड़ा दावा, पिता जय सिंह ने सबके सामने रखा बेटी का ऐसा सच -
Monalisa Caste: मुस्लिम मर्द से शादी करने वाली मोनालिसा की क्या है जाति? क्या कर लिया धर्म परिवर्तन? -
IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी रद्द, BCCI ने अचानक ले लिया बड़ा फैसला, मैच पर भी मंडराए संकट के बादल? -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी होने लगा महंगा, गोल्ड 6000 और सिल्वर के 10,000 बढ़े भाव, अब ये है रेट -
Nitish Kumar का मास्टरस्ट्रोक! राज्यसभा गए पर CM पद पर अब भी सस्पेंस! 14 अप्रैल के बाद बिहार को मिलेगा नया CM?












Click it and Unblock the Notifications