राफेल-M के साथ LCA-N एयरक्राफ्ट, फ्रांस से सौदेबाजी के बीच DRDO का एक और धमाका, कैसे महाविनाशक बन रही नेवी?

LCA-N Aircraft: भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) हल्के लड़ाकू विमान (LCA) को बनाने के पीछे अपना पूरा ताकत लगा रही है और भारत अपना स्वदेशी लड़ाकू विमान बना रहा है। वहीं, अब रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के प्रमुख, भारतीय नौसेना को LCA का नौसैनिक वेरिएंट खरीदने का भी ऑफर दिया है और रिपोर्ट है, कि डीआरडीओ, ट्विन इंजन डेक बेस्ड फाइटर (TEDBF) पर काम कर रहा है।

भारतीय नौसेना ने 2018 में LCA-नेवी में दिलचस्पी जताई थी। हालांकि, बाद में इसमें बदलाव आया, क्योंकि सेना ने विदेशी लड़ाकू जेट के साथ जाने का फैसला किया और TEDBF के ऑपरेशनल होने का इंतजार किया। जबकि इस बीच 6 फरवरी 2023 को LCA-नेवी नए कमीशन किए गए विमानवाहक पोत INS विक्रांत के डेक पर उतरा।

DRDO proposes LCA-N Aircraft to Indian Navy

DRDO के प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत ने बेंगलुरु में 15वें एयर चीफ मार्शल एलएम खत्रे मेमोरियल लेक्चर में भारतीय नौसेना को 8 से 10 नौसेना LCA प्लेटफॉर्म के लिए ऑफर दिया है, जिनका उपयोग ट्रेनिंग के दौरान किया जा सकता है। हालांकि, भारतीय नौसेना चाहती है कि LCA-नेवी पर अंतिम फैसला लेने से पहले TEDBF प्रोजेक्ट पूरी तरह से शुरू हो जाए।

डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है, कि हमने जो गलती की वह यह थी कि हमने इंजन (कावेरी) और प्लेटफॉर्म (एलसीए) को एक साथ विकसित किया। हम अब सैफ्रॉन, रोल्स रॉयस और जीई के साथ संयुक्त इंजन विकास के लिए बातचीत कर रहे हैं। सैफ्रॉन और जीई की संबंधित सरकारों ने उन्हें अनुमति दी है कि यदि वे सहयोगी भूमिका में हैं तो पूरा आईपी भारत के पास रहेगा। भारतीय नौसेना के हॉक ट्रेनर्स, एयरक्राफ्ट कैरियर के डेक से उड़ान नहीं भर सकते। एलसीए-नेवी भारतीय नौसेना के एविएटरों को STOBAR का उपयोग करके डेक से उड़ान भरने का प्रशिक्षण देकर इस दिशा में कदम बढ़ा सकती है।

DRDO proposes LCA-N Aircraft to Indian Navy

भारतीय नौसेना की आक्रामक तैयारी

TEDBF प्रोजेक्ट को 2020 में आधिकारिक मंजूरी मिली थी, जिसका लक्ष्य 2024 के अंत तक प्रारंभिक डिजाइन चरण को पूरा करना है, और इसकी पहली उड़ान 2026 में होने का अनुमान है। यह डबल इंजन वाला लड़ाकू विमान स्पीड, चपलता, रेंज और पेलोड क्षमता के मामले में सिंगल इंजन वाले विमानों से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए डिजाइन किए गये हैं।

अत्याधुनिक रडार सिस्टम और हथियारों के साथ, TEDBF से भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल पावर में जबरदस्त वृद्धि होने की उम्मीद है, जो INS विक्रमादित्य पर रूस निर्मित मिग-29K के मौजूदा बेड़े में एक मजबूत ए़डिशनल विमान के रूप में काम करेगा।

एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के संयुक्त प्रयास से LCA नेवी का डेवलपमेंट हुआ है। इसने एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरने में सक्षम करने के लिए जरूरी स्की जंप टेक-ऑफ और अरेस्टेड लैंडिंग जैसे महत्वपूर्ण ऑपरेशनों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है।

अगस्त 2023 में लेटेस्ट प्रोटोटाइप, NP5 की शुरूआत ने अपनी अत्याधुनिक तकनीक के साथ एक महत्वपूर्ण छलांग लगाई, जिसमें फ्लाई-बाय-वायर फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और ऑटोमेटिक स्की जंप टेक-ऑफ और लैंडिंग सुविधाएं शामिल हैं। एक प्रशिक्षण जेट के रूप में डिजाइन किया गया, NP5 न सिर्फ पायलट प्रशिक्षण में सहायता करता है, बल्कि TEDBF के लिए उड़ान परीक्षण और डिज़ाइन अनुकूलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो एक एडवांस और आत्मनिर्भर नौसैनिक लड़ाकू जेट क्षमता विकसित करने की भारत की महत्वाकांक्षा में इसके महत्व को पुष्ट करता है।

लड़ाकू और प्रशिक्षण विमानों के क्षेत्र में भारतीय नौसेना के चल रहे सहयोग और विकास रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक रणनीतिक कदम को रेखांकित करते हैं। LCA नौसेना के सफल संचालन और TEDBF को लेकर उम्मदें, स्वदेशी इनोवेशन के माध्यम से अपनी समुद्री रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।

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