व्हाइट हाउस में फिर भिड़े ट्रंप! जेलेंस्की की तरह दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति को हड़काया, क्या है मामला?
Donald Trump Cyril Ramaphosa Tense Debate: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा (Cyril Ramaphosa) के बीच बेहद तनावपूर्ण बैठक देखने को मिली। व्हाइट हाउस में मीडिया के सामने ट्रंप-रामाफोसा के बीच दक्षिण अफ्रीका में नस्लीय हिंसा को लेकर बहस गरम हो गई। ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका में श्वेत किसानों पर कथित हमलों के वीडियो साक्ष्य पेश किए और कड़े कदम उठाने की मांग की। रामाफोसा इस आरोप पर असहज दिखे और इस विषय पर निजी बातचीत की अपील की। वहीं दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने ट्रंप के इन दावों को झूठा और भड़काऊ बताया है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूमि सुधार, नस्लीय हिंसा और कूटनीति को लेकर फिर से बहस का केंद्र बन गया है।
मेरे पास सबूत हैं-ट्रंप
ट्रंप ने कहा, मेरे पास सबूत हैं, और कथित हमलों के बेहद संवेदनशील वीडियो फुटेज पेश किए। इस पर राष्ट्रपति रामफोसा ने वीडियो बंद करने का अनुरोध किया और सुझाव दिया कि इस मुद्दे पर निजी बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए। ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका की स्थिति को खूनखराबा करार दिया और किलिंग फील्ड दर्शाने वाले उपग्रह चित्र भी सामने रखे। रामाफोसा ने इसका जवाब शांतिपूर्वक दिया और नेल्सन मंडेला की शिक्षाओं का हवाला देते हुए संवाद और शांति पर ज़ोर दिया।
रामफोसा ने क्या कहा?
रामफोसा ने कहा कि यदि अफ्रीकानेर (Afrikaner) किसानों के खिलाफ कोई नरसंहार हो रहा होता, तो उनके कृषि मंत्री बैठक में उपस्थित नहीं होते। उन्होंने ट्रंप से आग्रह किया कि वह दक्षिण अफ्रीका के लोगों की बातें खुद सुनें, ताकि असल स्थिति को समझा जा सके।
ट्रंप ने लगाए गंभीर आरोप
ट्रंप ने उन आर्टिकल्स और वीडियो का हवाला दिया जिसमें श्वेत किसानों पर हमले होने का दावा किया गया था, और आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं को मुख्यधारा मीडिया में नहीं दिखाया जा रहा। रामाफोसा ने स्पष्ट किया कि ये विचार सरकारी नीति का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि कुछ छोटे दलों की सोच हैं।
भूमि अधिग्रहण और कानून व्यवस्था पर भी चर्चा
बैठक में भूमि कब्जे का मुद्दा भी उठा। ट्रंप ने ऐसे वीडियो दिखाए जिनमें कुछ लोग बिना अनुमति के जमीन पर कब्जा करने की बात कर रहे थे। इस पर रामफोसा ने कहा कि आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह भी बताया कि दक्षिण अफ्रीका में अधिकांश अपराधों के शिकार अश्वेत लोग ही होते हैं।

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श्वेत दक्षिण अफ्रीकियों के पलायन पर चिंता
ट्रंप ने यह चिंता भी जताई कि कई श्वेत दक्षिण अफ्रीकी हिंसा और भूमि अधिग्रहण कानूनों के चलते देश छोड़ रहे हैं। उन्होंने बिना मुआवजा जमीन जब्ती के कानूनों पर भी सवाल उठाए। रामाफोसा ने इस विषय पर मीडिया से दूर रहकर गंभीरता से चर्चा करने का सुझाव दिया।












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