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डोकलाम पर आखिरकार चीन ने मानी हार, चीनी मीडिया ने बताई ये कमजोरी

By Anujkumar Maurya
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नई दिल्ली। डोकलाम विवाद को लेकर भारत-चीन के बीच 72 दिनों तक टकराव चला। दोनों देशों ने आपसी सहमति से विवाद का हल निकाला और अपनी-अपनी सेना को पीछे हटने का आदेश दिया। डोकलाम विवाद को लेकर चीनी मीडिया ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया था। चीन के सरकारी अखबार 'ग्‍लोबल टाइम्‍स' ने कई बार भारत को धमकियां दी थीं। डोकलाम विवाद के दौरान चीनी मीडिया इस कदर बौखला गया था कि उसने कश्‍मीर में चीनी सेना घुसाने तक की बात कह डाली थी। लेकिन भारत के कूटनीतिक वार ने चीनी मीडिया की बोलती ऐसी बंद की है कि अब वह अपनी ही सरकार को कोस रहा है। चीनी मीडिया अब ऐसा लाइन पर आया है कि अब वह 'शांतिदूत' की तरह बात कर रहा है।

भारत पीछे हटा, हमारा कब्जा कायम

भारत पीछे हटा, हमारा कब्जा कायम

चीन के मीडिया ग्लोबल टाइम्स में छपे एक एडिटोरियल के अनुसार सोमवार को भारत ने अपनी सेना को पीछे हटा लिया है। ग्लोबल टाइम्स में लिखा है- ऐसा करके भारत ने यह मान लिया है कि चीन की संप्रभुता है और डोकलाम क्षेत्र पर चीन का ही असली कब्जा है। आगे लिखा गया है कि सेना हटाने का फैसला पीएम मोदी के लिए आसान नहीं रहा होगा, इसलिए हमें भारत के इस कदम की सराहना करनी चाहिए।

    India China Face off: Ajit Doval ने Doklam पर china को इस तरह दी कूटनीतिक मात । वनइंडिया हिंदी
    बताई ये कमजोरी

    बताई ये कमजोरी

    लेख में यह भी कहा गया है कि बाहरी उकसावों से निपटने की ताकत बढ़ाने की जरूरत है। आगे लिखा है कि चीन के पास काफी तगड़ा सैन्य बल है, जबकि अभी तक इस बात का निर्धारण नहीं किया जा चुका है कि चीन अपनी सुरक्षा इससे किस तरह करेगा। ग्लोबल टाइम्स के इस एडिटोरियल में एक सलाह देते हुए कहा गया है कि दोनों देश इस मुद्दे पर बात करके एक समाधान निकाल सकते हैं, जो कि एशिया की जीत होगी। यहां जानना काफी अहम है कि चीन की तरफ से कई बार भारत को इस बात की धमकी दी गई थी कि अगर वह अपनी सेना नहीं हटाएगा, तो परिणाम भुगतने पड़ेंगे, वहीं अब चीन के सुर कुछ बदले नजर आ रहे हैं। अब चीन यह मान रहा है कि अगर दोनों देश बातचीत करके ही मामला सुलझा लें तो अच्छा होगा।

    चीन ने दी थी ये धमकियां

    चीन ने दी थी ये धमकियां

    • अगर हमारे सैनिक भारत में घुस गए तो कोहराम मच जाएगा।
    • भारत ने लद्दाख में सड़क बनाई तो फिर डोकलाम विवाद और गहरा जाएगा।
    • अगर भारत युद्ध नहीं चाहता तो उसे अपनी सेना डोकलाम से पीछे हटा लेनी चाहिए।
    • मोदी सरकार भारत को युद्ध की तरफ धकेल रही है।
    • संयम की भी एक सीमा होती है।
    • इससे पहले की देर हो जाए, भारत को डोकलाम से अपनी सेना हटा लेनी चाहिए।

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    English summary
    Doklam standoff settlement: china use to threaten india with war, now takes u-turn
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