नाक में स्टिक डालकर कोरोना टेस्ट कराने से फटी महिला के दिमाग की झिल्ली, फिर ऐसे बची जान

वॉशिंगटन। विश्वभर में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना को लेकर लोगों में एक डर का माहौल भी देखा जा रहा है। वहीं लोग कोरोना टेस्ट कराने से भी डर रहे हैं। कोरोना की जांच के लिए दो तरीकों से टेस्ट किए जाते हैं, पहला है नेजल स्वाब और दूसरा है थ्रोट स्वाब। नेजल स्वाब टेस्ट की प्रक्रिया काफी कष्टदायी होती है। लेकिन अब नेजल स्वाब टेस्ट की जुड़ी हुए एक डरा देने वाली घटना सामने आई है। अमेरिका में एक महिला के लिए स्वाब टेस्ट जान का खतरा बन गया है। टेस्ट के दौरान महिला के दिमाग की लाइनिंग पंचर हो गई है।

महिला के दिमाग की लाइनिंग फट गई

महिला के दिमाग की लाइनिंग फट गई

डॉक्टरों ने गुरुवार को एक मेडिकल जर्नल में बताया कि कोरोना वायरस के नेजल स्वाब के दौरान उनके दिमाग की लाइनिंग फट गई और उसकी नाक से दिमाग का फ्लूइड बाहर आ गया। जिसके चलते उसकी जान पर बन आई। लाइनिंग पंचर के चलते महिला के दिमाग में इन्फेक्शन का खतरा उत्पन्न हो गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 40 साल की महिला को पहले से कोई समस्या थी जिसके बारे में उसे जानकारी नहीं थी। टेस्ट करने में भी गलती हो गई जिससे ऐसा हादसा हो गया।

महिला को होने लगी दर्द, उल्टी, गले की अकड़न जैसी दिक्कतें

महिला को होने लगी दर्द, उल्टी, गले की अकड़न जैसी दिक्कतें

आयोवा अस्पताल के डॉक्टर महिला इलेक्टिव हर्निया सर्जरी से पहले नेजल टेस्ट के लिए गई थी। बाद में नाक से क्लियर फ्लूइड निकलता पाया गया। फिर सिर दर्द, उल्टी, गले की अकड़न, रोशनी जैसी दिक्कतें होने पर उसे वॉल्श के पास भेजा गया। महिला का कहना है कि, उसका इससे पहले भी एक स्वाब टेस्ट हुआ था, तब कोई समस्या नहीं आई थी, शायद दूसरा स्वॉब सही तरीके से नहीं किया गया था। महिला का सालों से इंटरक्रेनियल हाइपरटेंशन के लिए इलाज चल रहा था। इसका मतलब है कि मस्तिष्क को बचाने और पोषण करने वाले फ्लूइड का दबाव बहुत अधिक था।

डॉक्टरों को ऐसे चला पता

डॉक्टरों को ऐसे चला पता

इस घटना के बाद समय पर डॉक्टरों ने कुछ तरल पदार्थ निकालने के लिए एक शंट का इस्तेमाल किया। जिससे यह समस्या कम हो गई लेकिन इसकी इसके चलते महिला को encephalocele हो गया जो मस्तिषक का डिफेक्ट होता है। इसमें दिमाग की लाइनिंग नाक में पहुंच जाती है और फटने की आशंका पैदा हो जाती है। इस पर तब तक ध्यान नहीं दिया गया जब तक कि उसके नए डॉक्टरों द्वारा पुराने स्कैन की समीक्षा नहीं की, जिन्होंने जुलाई में इसे ठीक करने के लिए सर्जरी की थी। फिलहाल महिला स्वस्थ्य है।

इस घटना के बाद स्वाब टेस्ट सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद स्वाब टेस्ट सुरक्षा पर उठे सवाल

डॉक्टरों ने गुरुवार को एक मेडिकल जर्नल में बताया कि कोरोना वायरस के नेजल स्वाब के दौरान उनके दिमाग की लाइनिंग फट गई और उसकी नाक से दिमाग का फ्लूइड बाहर आ गया। जिसके चलते उसकी जान पर बन आई। लाइनिंग पंचर के चलते महिला के दिमाग में इन्फेक्शन का खतरा उत्पन्न हो गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 40 साल की महिला को पहले से कोई समस्या थी जिसके बारे में उसे जानकारी नहीं थी। टेस्ट करने में भी गलती हो गई जिससे ऐसा हादसा हो गया।

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