कोरोना संकट के बीच WHO सहित कई संगठनों की वेबसाइट हैक, ऑनलाइन शेयर कर दिए 25,000 ईमेल और पासवर्ड
नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संकट के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इन दिनों विरोध का सामना कर रह है। मंगलवार को ऑनलाइन चरमपंथ और आतंकवाद पर नजर रखने वाले इंटेलिजेंस ग्रुप एसआईटीई ने एक बड़ा खुलासा किया जसके बाद से हड़कंप मचा हुआ है। एसआईटी के मुताबिक एक कथित तौर पर अज्ञात कार्यकर्ताओं ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए काम कर रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान, विश्व स्वास्थ्य संगठन, गेट्स फाउंडेशन और अन्य समूहों से संबंधित लगभग 25,000 ईमेल पते और पासवर्ड को इंटरनेट पर शेयर कर दिया है।

हालांकि एसआईटीई ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि सोशल मीडिया पर शेयर किए गए ईमेल आईडी और पासवर्ड प्रामाणिक थे या नहीं। एसआईटीई ने बताया कि हमें इससे संबंधित सूचना रविवार और सोमवार को मिली थी जब चरमपंथियों द्वारा हैकिंग का प्रयास किया जा रहा था। ऑस्ट्रेलियाई साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रॉबर्ट पॉटर ने बताया कि वह इस बात को सत्यापित कर सकते हैं कि शेयर की गई डब्ल्यूएचओ की ईमेल आईडी और पासवर्ड रियल है।
एसआईटीई ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि इंटरनेट पर शेयर किए गए ईमेल और पासवर्ड में सबसे ज्यादा NIH से संबंधित 9,938 ईमेल और पासवर्ड थे। वहीं, दूसरे नंबर पर रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के 6,857 ईमेल और पासवर्ड, विश्व बैंक के 5,120 और WHO से संबंधित कुल 2,732 ईमेल और पासवर्ड शेयर किए गए हैं। SITE की कार्यकारी निदेशक रीटा काट्ज ने बताया के ईमेल और पासवर्ड के साथ कई भड़काऊ संदेश भी शेयर किए गए हैं।
बता दें कि माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स की संस्था गेट्स फाउंडेशन पर भी यह साइबर हमला हुआ है। बिल गेट्स के फाउंडेशन ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में 150 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। NIH, CDC, WHO और वर्ल्ड बैंक ने इस मामले पर मंगलवार शाम तक कोई टिप्पणी नहीं की। गेट्स फाउंडेशन ने एक बयान में कहा, 'हम अपने डेटा सुरक्षा प्रथाओं के अनुरूप स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। वर्तमान में हमारे साइबर सिक्योरिटी का किसी भी बाहरी द्वारा डेटा उल्लंघन का संकेत नहीं है।
यह भी पढ़ें: उड्डयन मंत्रालय का कर्मचारी निकला कोरोना पॉजिटिव, 15 अप्रैल तक आया था ऑफिस












Click it and Unblock the Notifications