शी जिनपिंग तीसरी बार चुने गये चीन के राष्ट्रपति, टीम का भी ऐलान
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना साल 1921 में हुई थी और पार्टी की स्थापना के 101 साल बाद इस साल की 20वीं कांग्रेस की बैठक का काफी ज्यादा महत्व है।
China's 20th Communist Party Congress live updates: चीन में कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस के अधिवेशन में शी जिनपिंग को लगातार तीसरी बार चीन का राष्ट्रपति चुन लिया गया है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के देश भर में फैले करीब 2300 प्रतिनिधि, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चायना के शीर्ष नेतृत्व को नियुक्त करने, इसके संविधान में संशोधन करने और अगले पांच सालों के लिए देश के नीति निर्देशों को मंजूरी देने के लिए बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में हिस्सा लिया था। इस बैठक के बाद अब शी जिनपिंग चीन के सर्वशक्तिमान नेता बन गये हैं और पार्टी के अंदर उनके तमाम विरोधियों को पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है। यानि, कम्युनिस्ट पार्टी पर शी जिनपिंग का कब्जा हो गया है। इस बैठक की तमाम बड़ी खबरों के लाइव अपडेट के लिए आप हमारे साथ बने रहिए।

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नई स्टैंडिंग कमेटी का गठन
चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के तमाम फैसले स्टैंडिंग कमेटी लेती है, लिहाजा इसे सबसे ज्यादा ताकतवर माना जाता है। शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति चुने जाने के बाद नई स्टैंडिंग कमेटी का भी ऐलान किया है, जिसमें उन्होंने अपने सबसे प्रमुख विश्वासपात्रों ली कियांग, शाओ लेजी, वांग ह्यूनिंग और काई की को शामिल किया है। स्टैंडिंग कमेटी में शी जिनपिंग ने डिंग शेशियांग और ली शी को भी शामिल किया है। वहीं ली कियांग अब चीन के नये प्रधानमंत्री बनाए गये हैं। वहीं, ली केकियांग को अब प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया है, हालांकि वो अपना कार्यकाल पूरा होने तक मार्च महीने तक प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बने रहेंगे। वहीं, लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति चुने जाने के बाद शी जिनपिंग ने विश्वास जताने के लिए कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों को धन्यवाद दिया है। अपने संक्षिप्त संबोधन में शी जिनपिंग ने कहा कि, उनके नेतृत्व में देश ने काफी कुछ हासिल किया है और अब चीन एक आधुनिक समाजवादी देश बनने की तरफ आगे बढ़ेगा।
तीसरी बार राष्ट्रपति बने शी जिनपिंग
69 साल के शी जिनपंग, जिन्हें उनके समर्थक प्यार से 'दादा' कहते हैं, उन्हें सात सदस्यीय स्टैंडिंग कमेटी ने एक बार फिर से कम्युनिस्ट पार्टी का महासचिव चुना है। इसके साथ ही शी जिनपिंग को कम्युनिस्ट पार्टी की सेना, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का भी प्रमुख चुना है। यानि, चीन के तीनों सर्वोच्च पद पर एक बार फिर से शी जिनपिंग का कब्जा हो गया है। बीजिंग में मौजूद दुनियाभर की मीडिया ने शी जिनपिंग के लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति चुने जाने को चीन का 'शी जिनपिंग युग' करार दिया है। माओ युग की समाप्ति के बाद किसी भी चीनी राष्ट्रपति ने चीन के संविधान के मुताबिक अपने तीसरे कार्यकाल तक कदम बढ़ाने की कोशिश नहीं की और दो कार्यकाल के बाद राष्ट्रपति पद से हट गये। लेकिन, शी जिनपिंग ने लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के लिए चीन के संविधान में संशोधन करवाया था। शी जिनपिंग पहली बार साल 2012 में राष्ट्रपति चुने गए थे और इस साल अपना 10 साल का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं।
विरोधियों का सफाया
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, कम्युनिस्ट पार्टी के चौथे सर्वोच्च रैंकिंग अधिकारी वांग यांग का नाम भी सेन्ट्रल कमेटी की लिस्ट में नहीं है, लिहाजा माना जा रहा है, कि उन्हें भी निपटा दिया गया है। यानि, अब चीन में शी जिनपिंग के रास्ते के सारे कांटे हट गये हैं और उनके तमाम विरोधियों को अब या तो पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है, या फिर रिटायर्ड कर दिया गया है। चीन में फैसले लेने वाली सबसे शक्तिशाली संस्था 25 सदस्यीय पोलित ब्यूरो और उसकी सेंट्र्ल कमेटी पर अब पूरा अधिकार शी जिनपिंग का हो गया है। यानि, अपने तीसरे कार्यकाल में शी जिनपिंग बिना किसी परेशानी के देश के अंदर और बाहर सारे फैसले ले पाएंगे। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार के पोलित ब्यूरो के अधिकांस सदस्य शी जिनपिंग के वफादार हैं और दूसरे तरह से कहें को कम्युनिस्ट पार्टी पर पूरी तरह से शी जिनपिंग का कब्जा हो गया है।
ली केकियांग की राजनीति खत्म
शी जिनपिंग के विरोधी खेमे के माने जाने वाले प्रधानमंत्री ली केकियांग को भी निपटा दिया गया है और उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया है। चीनी मामलों के जानकारों का कहना है कि, प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद अब ली केकियांग का राजनीतिक भविष्य यहीं खत्म हो गया है। चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग, शी जिनपिंग के बाद कम्युनिस्ट पार्टी के सर्वोच्च अधिकारी थे, जो अब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का नेतृत्व करने वाली 205 सदस्यीय सेंट्रल कमेटी की सूची में नहीं हैं, जिसका अर्थ है कि ली केकियांग को अब रिटायर्ड कर दिया गया है और पार्टी में उनकी भूमिकाएं अब खत्म कर की दी गई हैं। हालांकि, ली केकियांग के मार्च 2023 तक अपना कार्यकाल पूरा होने तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने की संभावना है। हालांकि, ली केकियांग की उम्र अभी भी 67 साल है और रिटायर्ड होने की निर्धारित उम्र 68 साल से एक साल कम है, फिर भी उन्हें रिटायर्ड कर दिया गया है।
बैठक से बाहर निकाले गये पूर्व राष्ट्रपति
चीन में चल रहे कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक से पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ को बैठक से बाहर निकाल दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति को बैठक से जबरदस्ती बाहर निकाला गया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ली केकियांग की सेन्ट्रल कमेटी की सदस्यता खत्म कर दी गई है।
69 साल के शी जिनपिंग कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद से चीन के सबसे शक्तिशाली नेता के तौर पर उभरे हैं और उनकी पकड़, चीन की धीमी अर्थव्यवस्था, प्रतिबंधात्मक महामारी उपायों पर जनता का गुस्सा, पश्चिमी देशों के साथ कथित मानवाधिकारों के हनन जैसे मुद्दों पर विवाद और यूक्रेन युद्ध पर रूस की निंदा नहीं करने के बावजूद, सत्ता पर उनकी पकड़ और मजबूत हुई है। आज बैठक खत्म होने के बाद घोषणा की जाएगा, कि कम्युनिस्ट पार्टी की सर्वोच्च कार्यकारिणी में किसकी एंट्री होती है, किसे बाहर किया जाता है और प्रधानमंत्री ली केकियांग की जगह कौन लेता है, जिनका कार्यकाल अगले साल मार्च महीने में खत्म हो रहा है। अगर ली केकियांग की जगह किसी नये चेहरे के नाम का ऐलान होगा, तो वो शी जिनपिंग की कम्युनिस्ट पार्टी पर पूरी तरह से पकड़ का प्रतिनिधित्व करेगा और पूरी तरह से साफ हो जाएगा, कि माओ के बाद शी जिनपिंग से बड़ी ताकत फिलहाल चीन में कोई और नहीं है।
चीन के साथ साथ आज दुनिया को भी पता चल जाएगा, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मिलकर कौन देश चलाएगा, जब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) एक दशक में दो बार चलने वाले कांग्रेस की बैठक के खत्म होने का ऐलान करेगी। आज चीन के वरिष्ठ राजनीतिक नेतृत्व का खुलासा किया जाएगा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति बनने का ऐलान किया जाएगा। चीन की राजधानी बीजिंग में स्थिति 'द ग्रेट हॉल' में इस वक्त कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस की बैठक चल रही है, जिसमें कम्युनिस्ट पार्टी के करीब 2300 कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं। बैठक के खत्म होने के बाद कम्युनिस्ट पार्टी की आखिरी निर्णय लेने वाली सर्वोच्च कमेटी पोलित ब्यूरो के सदस्यों के नाम की घोषणा की जाएगी।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की एक परिभाषित विशेषता है विशालता। इस पार्टी के 9 करोड़ 60 लाख सदस्य हैं और पार्टी के नायकों और शहीदों की आधिकारिक लिस्ट में उन 20 लाख लोगों के नाम शामिल हैं, जिन्हें उनके जीवन और वीरतापूर्ण मौतों के लिए याद किया जाता है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक ढांचे के विस्तार में केवल कुछ ही लोगों ने पार्टी के उच्च पदों तक लंबी यात्रा पूरी की है। और जो लोग पार्टी के पदानुक्रम के शिखर पर पहुंच गए हैं, उनमें से केवल चार नामों को पार्टी के "मूल" नेताओं के रूप में लिया गया है। वो नाम हैं, माओत्से तुंग, देंग शियाओपिंग, जियांग जेमिन और सबसे हाल ही में शामिल हुआ नाम, शी जिनपिंग...
ब्रिटेन के शहर मैनचेस्टर में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने चीन विरोधी प्रदर्शन कर रहे एक हांगकांग के नागरिक को कर्मचारियों ने दूतावास के अंदर खींचकर बुरी तरह से पीटा है। पीटे गए हांगकांग के नागरिक के चेहरे पर कुछ चोटें आई हैं। मैनचेस्टर पुलिस इस घटना की जांच में लगी हुई है। जानकारी के मुताबिक हांगकांग स्वदेशी रक्षा बल नामक एक लोकतंत्र समर्थक समूह जो कि हांगकांग में लोकतंत्र स्थापित करना चाहती है, कल रविवार को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस के विरोध में वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन कर रही थी। इस दौरान चीनी वाणिज्य दूतावास से कर्मचारी निकल कर बाहर आते हैं और प्रदर्शन कर रहे लोगों को पीटने लगते हैं। इस दौरान वे एक व्यक्ति को खींचकर अंदर भी ले जाते हैं और उसकी बुरी तरह से पिटाई करते हैं।
चीन में चल रही कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस में कहा गया है, कि बैठक में निरंतरता का फैसला लिया गया है, किसी परिवर्तन का नहीं। रविवार को शुरू हुई सप्ताह भर की बैठक में शी जिनपिंग को नेता के रूप में फिर से नियुक्त करने, अगले पांच वर्षों के लिए उनकी नीतियों के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करने और संभवतः चीन के आधुनिक इतिहास में सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक के रूप में उनकी स्थिति को और भी ऊंचा करने की उम्मीद है।
चीन के दावे पर ताइवान का पलटवार
ताइवान ने चीन के उस बयान पर पलटवार करते हुए जवाब दिया है, जिसमें चीन ने कहा था कि वह ताइवान को चीन में मिलाने के लिए कुछ भी करेगा। ताइवान ने कहा है कि वह अपने संप्रभुता, लोकतंत्र और स्वतंत्रता के मूल्यों से कभी समझौता नहीं करेगा। ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता चांग तुन-हानहमारी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम सभी स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और आगे भी ऐसे ही इन सभी घटनाक्रमों पर घ्यान रखा जाएगा।
शी जिनपिंग ने किसे दी धमकी?
अपने दो घंटे के भाषण के दौरान शी जिनपिंग ने 2017 कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस की तुलना में इस बात की बैठक को 'असामान्य' करार दिया है और उन्होंने देश के लोगों से कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार होने का आह्वान किया है। शी जिनपिंग ने कहा कि, "हमें अपनी कठिनाई की भावना को मजबूत करना चाहिए और जमीनी सोच के लिए खुद को तैयार करना चाहिए।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, शांति के समय में खतरे का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए और हमें खुद को बारिश के दिन की तैयारी करनी चाहिए और तेज हवाओं और ऊंची लहरों की बड़ी परीक्षाओं का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।" शी जिनपिंग के ये शब्द काफी असान्या माने जा रहे हैं, क्योंकि इन लाइनों का साफ मतलब है, कि वो अपने देशवासियों से किसी बड़े खतरे का सामना करने के लिए तैयार होने का आह्वान कर रहे हैं।
23 अक्टूबर को नये राष्ट्रपति के नाम की घोषणा
कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस का समापन 22 अक्टूबर को होगा और नए नेतृत्व का अनावरण 23 अक्टूबर को होगा। वहीं, साल 2035 के लिए चीन के समग्र विकास उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि, इसमें "आर्थिक ताकत, वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं, और समग्र राष्ट्रीय ताकत में वृद्धि, और प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद को मध्य-स्तर के विकसित देश के बराबर बढ़ाना" शामिल है। खासकर चीनी राष्ट्रपति ने देश की सेना को अत्याधुनिक बनाने पर खास जोर दिया है और साल 2035 तक पीएलए को विश्व की सबसे सर्वशक्तिशाली सेना बनाने का वादा दिया है। जाहिर तौर पर शी जिनपिंग का ये भाषण आने वाले वैश्विक संकट की तरफ इशारा करता है, जहां चीन दुनिया के सामने कई बड़ी चुनौतियां पेश करने वाला है।
ताइवान पर क्या बोले शी जिनपिंग
कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस की बैठक में बोलते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने काफी सख्ती दिखाने की कोशिश की और उन्होंने कहा कि, ताइवान की स्वतंत्रता और ताइवान को मिलने वाली विदेशी दखल को कम करने के लिए चीन ने काफी मजबूत कदम उठाए हैं। इसके आगे उन्होंने कहा कि, ताइवान को चीन अपना हिस्सा मानता है और ताइवान को मुख्य भूमि में मिलाने के लिए काम किए जा रहे हैं। इसके साथ ही चीनी राष्ट्रपति ने पार्टी के अंदर सफाई की भी बात की है, जिसको लेकर कहा जाता रहा है, कि शी जिनपिंग ने सख्ती के साथ अपने विरोधियों को ठिकाना लगा दिया है। उन्होंने कहा कि, "पार्टी के अंदर हमने बीमारियों को खत्म करने का काम किया है और इसके लिए कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, क्योंकि कुछ लोगों के हितों के लिए 140 करोड़ लोगों के साथ नाइंसाफी नहीं की जा सकती है।" इसके साथी ही उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए हैं, कि आने वाले वक्त में भी पार्टी के अंदर, सेना के अंदर छिपे हुए खतरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ताइवान पर चीन का ऐलान
कम्युनिस्ट पार्टी के प्रवक्ता सुन येली ने कहा कि, बीजिंग शांतिपूर्वक ताइवान को अपने नियंत्रण में लाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। लेकिन, चीन ताइवान द्वीप पर कट्टरपंथियों और उनके विदेशी समर्थकों द्वारा समर्थित पूर्ण स्वतंत्रता की दिशा में किसी भी आंदोलन को बर्दाश्त नहीं करेगा, संभवतः संयुक्त राज्य अमेरिका, जो ताइवान का मुख्य सैन्य और राजनीतिक समर्थक है। आपको बता दें कि, ताइवान दशकों से चीनी आक्रमण के लगातार खतरे में रहा है, जो दावा करता है कि, लोकतांत्रिक रूप से शासित द्वीप को अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में एक दिन, यदि आवश्यक हो तो बल द्वारा जब्त कर लिया जाएगा। वहीं, त्साई इंग-वेन के 2016 में ताइवान में पहली बार राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से बीजिंग ने ताइवान पर अपना दावा तेज कर दिया है और दावा किया है, कि वह एक "अलगाववादी" नेता हैं, और चीन ने उनके साथ बातचीत से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही चीन ने ताइवान को डिप्लोमेटिक तौर पर अलग थलग करने की पूरी कोशिश की है और बार-बार कहा है, कि बल का प्रयोग द्वीप को अपने नियंत्रण में लाने का एक विकल्प है।
कांग्रेस क्यों महत्वपूर्ण है?
चीन कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा शासित एकदलीय राज्य है, इसलिए पार्टी का महासचिव देश का सर्वोपरि नेता होता है। यदि यह एक विशिष्ट कांग्रेस होती, तो शी जिनपिंग, जिन्होंने पहली बार 2012 में राष्ट्रपति पद का पदभार संभाला था और दो बार पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा कर चुके होते हैं, वो इस साल किसी नये व्यक्ति को देश की जिम्मेदारी सौंप रहे होते। लेकिन, 69 वर्षीय शी जिनपिंग ऐसा कुछ नहीं करने वाले हैं और शी जिनपिंग ही तीसरी बार राष्ट्रपति बनेंगे।
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