Who was Dr Anand Nadkarni: नहीं रहे मशहूर मनोचिकित्सक डॉ. आनंद नाडकर्णी, 68 साल की उम्र में निधन

Dr Anand Nadkarni Passes Away: मुंबई से शुक्रवार, 15 मई को एक दुखद खबर सामने आई। देश के जाने-माने मनोचिकित्सक, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. आनंद नाडकर्णी का 68 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के परेल स्थित एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।

लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे डॉ. नाडकर्णी का इलाज चल रहा था, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

who-was-dr-anand-nadkarn

उनके निधन की खबर सामने आते ही चिकित्सा जगत, साहित्य जगत और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। कौन थे डॉ. आनंद नाडकर्णी, जिन्होंने डिप्रेशन पर खुल कर बात की और जागरुकता लाया...

Who was Dr Anand Nadkarni: कौन थे डॉ. आनंद नाडकर्णी?

डॉ. आनंद नाडकर्णी देश के प्रतिष्ठित मनोचिकित्सकों में गिने जाते थे। उन्होंने मेडिकल शिक्षा पूरी करने के बाद मुंबई विश्वविद्यालय से मनोचिकित्सा (Psychiatry) में एमडी की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और नशा मुक्ति जैसे विषयों को समर्पित कर दिया।

उन्होंने इंस्टीट्यूट फॉर साइकोलॉजिकल हेल्थ (IPH) की स्थापना की, जो मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संस्थान माना जाता है। इसके अलावा उन्होंने 'मुक्तांगन डी-एडिक्शन सेंटर' की भी शुरुआत की, जहां नशे की लत से जूझ रहे लोगों का इलाज और पुनर्वास किया जाता था।

डॉ. नाडकर्णी का मानना था कि मानसिक बीमारियों को भी उतनी ही गंभीरता और संवेदनशीलता से समझने की जरूरत है, जितनी शारीरिक बीमारियों को दी जाती है। इसी सोच के साथ उन्होंने हजारों लोगों को काउंसलिंग, थेरेपी और उपचार के जरिए नई जिंदगी देने का काम किया।

Punjab Election 2026: Diljit Dosanjh राजनीति में आएंगे? 'पंजाब दा पुत्तर' के एक इशारे से दिल्ली में हलचल
Punjab Election 2026: Diljit Dosanjh राजनीति में आएंगे? 'पंजाब दा पुत्तर' के एक इशारे से दिल्ली में हलचल

डॉक्टर ही नहीं, लेखक और कलाकार भी थे डॉ. नाडकर्णी

डॉ. आनंद नाडकर्णी की पहचान सिर्फ एक मनोचिकित्सक तक सीमित नहीं थी। वे एक बेहतरीन लेखक, कवि, नाटककार, संगीत प्रेमी और चित्रकार भी थे। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य जैसे जटिल विषयों को सरल भाषा में आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया।

उनकी किताबें, व्याख्यान, पॉडकास्ट और लेख काफी लोकप्रिय रहे। वे अक्सर तनाव, अवसाद, रिश्तों की समस्याएं और नशे की लत जैसे मुद्दों पर खुलकर बात करते थे। उनके कार्यक्रमों और सेमिनारों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते थे।

सोशल मीडिया के जरिए भी वे लगातार लोगों को मानसिक रूप से मजबूत रहने, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने और जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित करते रहे।

Dr Anand Nadkarni ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बदल दी सोच

ऐसे समय में जब मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना समाज में आसान नहीं माना जाता था, डॉ. नाडकर्णी ने इस विषय को मुख्यधारा में लाने का काम किया। उन्होंने लोगों को यह समझाने की कोशिश की कि डिप्रेशन, तनाव या मानसिक परेशानी कमजोरी नहीं बल्कि एक स्वास्थ्य समस्या है, जिसका इलाज संभव है।

उन्होंने परिवारों, युवाओं और बुजुर्गों के बीच मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए कई अभियान चलाए। उनके प्रयासों की वजह से हजारों लोगों ने मदद लेने में हिचकिचाहट छोड़कर इलाज की ओर कदम बढ़ाया।

डॉ. आनंद नाडकर्णी ने अपने काम के जरिए यह साबित किया कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना और लोगों की भावनात्मक समस्याओं को समझना समाज के लिए कितना जरूरी है। उनकी विरासत आने वाले वर्षों तक मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों का मार्गदर्शन करती रहेगी।

Petrol Price Hike: फ्यूल की कीमतों में महा-उछाल से छिड़ा सियासी संग्राम,कांग्रेस बोली-मोदी की वसूली शुरु
Petrol Price Hike: फ्यूल की कीमतों में महा-उछाल से छिड़ा सियासी संग्राम,कांग्रेस बोली-मोदी की वसूली शुरु
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+