Petrol Price Hike: फ्यूल की कीमतों में महा-उछाल से छिड़ा सियासी संग्राम,कांग्रेस बोली-मोदी की वसूली शुरु
Petrol Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शुक्रवार, 15 मई को ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई। लंबे समय से आशंका जताई जा रही थी कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट का असर भारत में ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है।
आखिरकार सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम बढ़ा दिए। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में देशवासियों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील कर चुके हैं।

नई कीमतें लागू होने के बाद देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर जनता पर महंगाई का बोझ डालने का आरोप लगाया है, जबकि BJP नेताओं का कहना है कि वैश्विक हालात को देखते हुए सरकार ने बढ़ोतरी को न्यूनतम रखने की कोशिश की है।
Congress vs BJP Petrol Price: कांग्रेस का हमला- 'चुनाव खत्म, अब वसूली शुरू'
कांग्रेस ने ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने कहा कि विधानसभा चुनाव खत्म होते ही सरकार ने जनता पर महंगाई का नया बोझ डाल दिया है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा-"महंगाई मैन मोदी ने एक बार फिर जनता पर कोड़ा चला दिया है। पेट्रोल-डीजल 3-3 रुपये महंगा कर दिया गया। CNG के दाम भी बढ़ा दिए गए। चुनाव खत्म, मोदी की वसूली शुरू।"
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं तब भी सरकार ने टैक्स कम नहीं किए और अब वैश्विक संकट का हवाला देकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
BJP का बचाव- दुनिया संकट में, भारत फिर भी संभला
पश्चिम बंगाल के BJP नेता दिलीप घोष ने कहा कि दुनिया पिछले कई वर्षों से युद्ध और आर्थिक संकट झेल रही है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को बड़े नुकसान से बचाए रखा।
उन्होंने कहा,-दुनिया में तीन साल से युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। कई देशों में भारी संकट है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने आम लोगों को बचाने की कोशिश की है। कीमतें जितनी बढ़ सकती थीं, उससे काफी कम बढ़ाई गई हैं।"
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि वैश्विक संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की आर्थिक नीतियों की वजह से भारत में हालात नियंत्रण में हैं। महाना ने लोगों से ईंधन बचाने, अनावश्यक यात्रा कम करने और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने की अपील भी की।
DK शिवकुमार बोले- अंतरराष्ट्रीय संबंध संभालने में विफल रही सरकार
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात को सही तरीके से संभालने में विफल रही है। उन्होंने कहा,-लोग कम तेल कैसे इस्तेमाल करें? गाड़ियां चलाना कैसे बंद कर दें? क्या हर कोई यात्रा बंद कर दे? यह संभव नहीं है। अगर सरकार ईंधन बचत चाहती है तो पहले केंद्रीय मंत्रियों और बड़े नेताओं के काफिलों पर रोक लगाए।
TMC सांसद कीर्ति आजाद ने उठाए पुराने सवाल
तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में जब कच्चे तेल की कीमतें कम थीं तब भी पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ाए गए। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता था तब एक्साइज ड्यूटी 16 बार बढ़ाई गई। उस समय जनता को राहत क्यों नहीं दी गई? अब फिर से जनता पर भारी बोझ डाला जा रहा है। कीर्ति आजाद ने केंद्र सरकार पर "डबल स्टैंडर्ड" अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पहले कह रही थी कि देश में पर्याप्त ईंधन भंडार है और कीमतें नहीं बढ़ेंगी, लेकिन अब अचानक दाम बढ़ा दिए गए।
Petrol Diesel की किमतों को लेकर पेट्रोलियम मंत्री ने पहले ही दिए थे संकेत
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कुछ दिन पहले ही संकेत दे दिए थे कि सरकार को किसी समय पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर फैसला लेना पड़ सकता है। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को ईंधन कीमतों पर संतुलित निर्णय लेना होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी हाल ही में लोगों से ऊर्जा बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की थी। इसके बाद कई राज्य सरकारों ने सरकारी वाहनों के उपयोग में कटौती और कारपूलिंग को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
आम आदमी पर बढ़ेगा असर
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच यह है कि ₹3 की इस बढ़ोतरी से माल ढुलाई और दैनिक आवागमन महंगा हो जाएगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से फल-सब्जियों, राशन, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। होटल, रेस्तरां और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ा या कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।














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