QUAD की बैठक से आगबबूला हुए जिनपिंग, समंदर में मिसाइल दागकर खीझ निकाल रहा है चीन, लड़ाकू जहाज उतारे
क्वाड की बैठक और घेराबंदी होने से चीन बौखला गया है और समंदर में अपना गुस्सा निकाल रहा है
बीजिंग: क्वाड की बैठक के बाद चीन आगबबूला हो चुका है और लगातार समंदर में अपनी खीझ निकाल रहा है। क्वाड की बैठक में भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान के बीच कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गये हैं और इस गठबंधन ने चीन को सीमा रेखा में रहने को कहा गया है, लिहाजा चीन गुस्से में अपनी खीझ समंदर में निकाल रहा है। लगातार अपनी मिलिट्री को समंदर में युद्धाभ्यास कर रहा है। एक के बाद एक हथियार समंदर में चला रहा है।

क्वाड से आगबबूला चीन
चीन की कम्यूनिस्ट सरकार का मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक चीन की सेना पीएलए ने समंदर में तीन जगहों पर मिलिट्री युद्धाभ्यास किए हैं। जिसमें चीन की तरफ से कई वारशिप को उतारा गया है। चीन ने ये युद्धाभ्यास समंदर में महत्वपूर्ण ठिकानों पर करने का दावा किया है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जब अमेरिका के विदेश मंत्री चीन के खिलाफ अपने सहयोगियों से मिल रहे हैं, ऐसे वक्त में चीन समंदर में युद्धाभ्यास कर रहा है। जाहिर है, ग्लोबल टाइम्स का ये कहना चीन की खीझ ही दिखा रहा है। दिखा रहा है कि क्वाड से चीन डरा हुआ है।

समंदर में तीन जगहों पर युद्धाभ्यास
ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि चीन की नॉर्दर्न, इस्टर्न और साउदर्न कमांड पीएलए फोर्स ने युद्धाभ्यास किया है। ये युद्धाभ्यास येलो सी, इस्ट चायना सी और साउथ चायना सी में किए गये हैं। चीन के सीसीटीवी ने पीएलए के इस युद्धाभ्यास की रिपोर्ट दी है। येलो सी में चीन की सेना ने टाइप-056 और टाइप 056ए जहाज वुहाई, डेटांग और यिंगकाऊ के साथ ट्रेनिंग किया है। जिसमें बंदूक चलाने के थ साथ एयर डिफेंस लॉन्च कर युद्धाभ्यास किया गया है। वहीं, इस्ट चायना सी में चीन की पीएल ने टाइप-052सी डिस्ट्रॉयर जिनान और टाइप 054ए लड़ाकू पानी जहाज के साथ युद्धाभ्यास किया है। रिपोर्ट के मुताबिक पीएलए नौ-सैनिकों ने 10 ट्रेनिंग सेशन किए है। जिसमें वारशिप्स, पनडुब्बियों और वारप्लेन्स को भी शामिल किया गया। वहीं, साउथ चायना सी में पीएलए ने समंदर में सर्च अभियान चलाया और रेस्क्यू मिशन युद्धाभ्यास को अंजाम दिया है।

अमेरिका को धमकी
चीन का ये युद्धाभ्यास चीनी रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका को डायरेक्ट धमकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के रक्षामंत्री लॉयड एस्टन के उस बयान के बाद युद्धाभ्यास किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वो एशिया में अपने दोस्त देशों के साथ डिफेंस कॉर्पोरेशन को मजबूत करने जा रहे हैं ताकि चीन के खिलाफ बेहद मजबूत और विश्वसनीय एक्शन लिया जा सके। अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयट एस्टन जापान और नई दिल्ली आएंगे। जहां वो दोनों देशों के साथ डिफेंस डील और चीन को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत करने वाले हैं। ग्लोबल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीन को लगातार अमेरिका से धमकियां मिल रही हैं और चीन की संप्रभुता के लिए खतरा पैदा हो रहा है, खासकर अमेरिका की तरफ से। लिहाजा पीएलए को काफी ज्यादा सतर्क और तैयार रहना चाहिए।

साउथ चायना सी में अमेरिका
पिछले साल साउथ चायना सी में अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने कई बार प्रवेश की थी। चीन साउथ चायना सी को अपनी बपौती मानता है और छोटे छोटे देशों को डराकर रखने की कोशिश करता है, जबकि अमेरिका और भारत इंटरनेशनल समुद्री कानून के हिसाब से साउथ चायना सी में स्वतंत्रता का पक्षधर है। लिहाजा अमेरिका लगातार साउथ चायना सी में चीन को चुनौती दे रहा है। लेकिन, पिछले हफ्ते क्वाड की बैठक के बाद अब चीन मान रहा है कि उसके लिए अब छोटे देशों को धमकाना या मनमाने तरीके से विस्तारवादी होना संभव नहीं रहा, लिहाजा चीन अपनी खीझ समंदर में निकाल रहा है।












Click it and Unblock the Notifications