ब्रिटिश सरकार खुद ही दे रही थी चीन के पायलटों को ट्रेनिंग, पीएम बनते ही ऋषि सुनक पर टूटा विपक्ष
बीते पखवाड़े ऐसी खबरें आई थीं कि लगभग 30 पूर्व ब्रिटिश पायलट्स पैसों के लालच में चीन में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस खबर से न सिर्फ ब्रिटेन बल्कि पश्चिमी देशों में भी खलबली मच गई थी। अब ऐसी जानकारी मिल रही है कि ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के आदेश पर रॉयल एयर फोर्स के पायलटों ने चीनी पायलटों को चीन जाकर प्रशिक्षण दिया है, जिससे उन्हें ब्रिटेन के सैन्य कॉलेजों में अध्ययन करने की अनुमति मिल सके। इस खुलासे के बाद से विपक्षी दल मौजूदा ऋषि सुनक सरकार पर हमलावर हो गए हैं।
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रॉयल एयर फोर्स के पायलटों को भेजा गया बीजिंग
स्काई न्यूज के अनुसार, यह 2019 तक चलने वाली एक योजना का हिस्सा था जिसमें, रॉयल एयर फोर्स के पायलटों को चीनी वायुसैनिकों को ट्रेनिंग देने के लिए बीजिंग भेजा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने चीनी पायलटों को 'एविएशन इंग्लिश कोर्स' के साथ-साथ कंफ्लिक्ट लॉ में निर्देश प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया था। इस खुलासे के बाद से सुनक सरकार की आलोचना बढ़ गई है। क्योंकि इस कैबिनेट के कई सदस्य उस दौर में भी कैबिनेट में शामिल थे। शैडो डिफेंस सेक्रेटरी जॉन हीली ने इसे लेकर चेतावनी दी है कि इससे ब्रिटेन की राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

कई चीनी पायलटों ने ब्रिटेन के कॉलेजों में की पढ़ाई
स्काई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक रॉयल एयर फोर्स के कई सेवारत पायलटों ने 2016 में चीन में एक 'एविएशन इंग्लिश कोर्स' की शिक्षा दी, जबकि कई चीनी नागरिकों ने ब्रिटेन के वायुसेना कॉलेज में अध्ययन किया। इस संबंध में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा: 'यूके ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (वायु सेना) के पायलटों के लिए कभी भी तेज जेट उड़ान प्रशिक्षण, या कोई अन्य संवेदनशील प्रशिक्षण नहीं कराया है।'

सुनक सरकार पर हमलावर हुआ विपक्ष
हालांकि विपक्षी लेबर पार्टी ने सत्ता पक्ष की आलोचना की है। लेबर पार्टी से जुड़े मिस्टर हीली ने कहा कि 'इस आधिकारिक तैनाती से ब्रिटेन के सैन्य अभियानों, प्रौद्योगिकी और विदेशी शक्ति के प्रशिक्षण के विवरण से समझौता हो सकता है, जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है। हिली ने कहा कि कैबिनेट मंत्रियों को इससे जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देना चाहिए कि उन्होंने इस गतिविधि का समर्थन क्यों किया और इससे क्या जोखिम हो सकते हैं। इसे रोकने के लिए की गई कार्रवाई पर जनता भी आश्वासन चाहती है।'

चीनी सेना को ट्रेनिंग दे रहे 30 पूर्व ब्रिटिश पायलट
इससे पहले ब्रिटेन ने अपने पुराने सैन्य पायलटों को चीनी सेना में काम करने के खिलाफ चेतावनी जारी की थी। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक 30 पूर्व सैन्य पायलट पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को ट्रेनिंग देने में लिप्त पाए गए हैं। ये पूर्व पायलट ब्रिटिश सेना में टाइफून, जगुआर, हैरियर और टॉरनेडो उड़ा चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इन ब्रिटिश पायलटों को भारी रकम देने का लालच देकर ट्रेनिंग के लिए चीन बुलाया गया है। खुफिया अधिकारियों के मुताबिक इन पायलटों को खोजने की कोशिशें तेज हो गई है।

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने एलर्ट जारी किया
सशस्त्र बल मंत्री जेम्स हीप्पे ने कहा था कि चीन के पायलटों को प्रशिक्षित करने के लिए ब्रिटिश पायलटों की भर्ती कई साल से रक्षा मंत्रालय के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। उन्होंने कहा कि चीन में पहले से मौजूद कर्मियों से संपर्क किया गया है और इस तरह के काम को जारी न रखने की सलाह दी गई है वहीं एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 30 मुख्य रूप से एक्स-फास्ट जेट और कुछ हेलीकॉप्टर पायलट भी - लगभग £ 240,000 के वार्षिक वेतन के लालच में चीन में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पायलटों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। गंभीर स्थिति को देखते हुए रक्षा मंत्रालय की रक्षा खुफिया सेवा ने इस तरह के मामलों के खिलाफ सेवारत और पूर्व सैन्य कर्मियों को चेतावनी देने के थ्रेट अलर्ट भी जारी किया था।












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