जानिए, क्या है IPL का बायो-बबल, जो कोरोना से रखेगा खिलाड़ियों को सेफ, नियम तोड़ने पर मिलेगी ये सजा

नई दिल्ली। कोरोना काल में करीब 6 महीने इंतजार के बाद आखिरकार आज से दुनिया का सबसे रोमांचक टी20 लीग टूर्नामेंट आईपीएल (IPL 2020) शुरू हो रहा है। यूएई में आयोजित किए गए इस टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स की धमाकेदार भिड़ंत देखने को मिलेगी। कोरोना वायरस महामारी फैलने की वजह से आईपीएल के 13वें सीजन को भारत के बाहर कराया जा रहा है। इस दौरान कोविड-19 के खतरे को देखते हुए खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ और मैच ऑफिशियल्स के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।

क्या है बायो-बबल, कैसे करता है कोरोना से बचाव

क्या है बायो-बबल, कैसे करता है कोरोना से बचाव

कोरोना वायरस संकट काल में आईपीएल-2020 का आयोजन कराना काफी मुश्किल साबित हो रहा है। महामारी से बचने के लिए खिलाड़ियों और अन्य स्टाफ को कई गाइडलाइंस का पालन करना पड़ रहा है। इस बीच कोरोना से बचाने के लिए बनाया गया बायो-सिक्योर वातावरण (बायो-बबल) इन दिनों काफी चर्चा में है। क्रिकेट फैंस जानना चाहते हैं कि आखिर यह क्या बला है और इससे किस तरह कोरोना संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है।

इंग्लैंड और पाकिस्तान सीरीज में सामने आया बायो-बबल

इंग्लैंड और पाकिस्तान सीरीज में सामने आया बायो-बबल

आपको याद दिला दें हाल ही में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच हुए एक सीरीज के दौरान कई बार इको बबल या बायो-बबल का नाम सुना गया था। अब आईपीएल के मैच शुरु होने से पहले ही यहां भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। इस बबल के बाहर किसी भी खिलाड़ी या स्टाफ के बाहर जाने पर प्रतिबंध है। तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर इको बबल उर्फ बायो-बबल क्या है और यह किस प्रकार कोरोना से बचाव करता है?

कई प्रक्रिया से गुजरने के बाद बनता है बायो-बबल

कई प्रक्रिया से गुजरने के बाद बनता है बायो-बबल

गौरतलब है कि आईपीएल शुरु होने से पहले सभी खिलाड़ियों, आयोजकों, कोच, स्टाफ को कई बार कोरोना टेस्ट के दौर से गुजरना पड़ा है। 20 अगस्त के बाद से ही दुबई में टीमों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। दुबई पहुंचने से पहले ही खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ का दो बार कोविड-19 टेस्ट किया गया था। इसके बाद दुबई में नियमों के अनुसार सभी को सात दिन के लिए क्वारंटाइन किया गया। इस दौरान उनका कई बार कोरोना टेस्ट किया गया।

बाहरी दुनिया से संपर्क बिल्कुल खत्म

बाहरी दुनिया से संपर्क बिल्कुल खत्म

इको बबल में शामिल होने के लिए कम से कम तीन बार कोरोना टेस्ट नेगेटिव होना अनिवार्य है। एक बार बबल में शामिल होने के बाद वह शख्स सिर्फ मैदान से होटल तक ही सीमित हो जाता है। सरल भाषा में कहें तो उस व्यक्ति का बाहरी दुनिया से संपर्क बिल्कुल खत्म हो जाता है, उसे उन्हीं लोगों से मिलने की अनुमति होती है जो पहले से ही बायो-बबल के सुरक्षा घेरे में शामिल हों। इसके अलावा उन्हें अपने दोस्त, फैन और रिश्तेदारों से भी मिलने की अनुमति नहीं है।

कोरोना टेस्ट करने वाली मेडिकल टीम भी है शामिल

कोरोना टेस्ट करने वाली मेडिकल टीम भी है शामिल

बायो-बबल में IPL 2020 में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ी, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ, मैच ऑफिशियल, होटल स्टाफ को शामिल किया गया है। यहां तक कि इसमें कोरोना टेस्ट करने वाली मेडिकल टीम को भी शामिल किया गया है और उन्हें भी बबल के बाहर जाने की अनुमति नहीं है। बता दें कि हर विभाग से जुड़े लोगों के लिए अलग-अलग बबल तैयार किया गया है। टूर्नामेंट खत्म होने तक सिर्फ विशेष परिस्थितियों में बबल से बाहर जाने की अनुमति है, इसमे वापस लौटने के लिए फिर से पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा।

नियम तोड़ने पर क्या होगा?

नियम तोड़ने पर क्या होगा?

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मुताबिक बायो-बबल तोड़ने वाले शख्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। IPL कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने का दोषी मानते हुए उसे सजा दी जा सकती है। खिलाड़ियों पर कुछ मैचों का प्रतिबंध लग सकता है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने तो यहां तक चेतावनी दी है कि बबल तोड़ने वाले खिलाड़ी को कॉन्ट्रैक्ट से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें: IPL 2020: कोरोना काल में आज से IPL का आगाज, पहली बार होगा कुछ ऐसा जो कभी नहीं हुआ

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+