Chandranath Rath: बिहार से जुड़े रथ की हत्या के तार! कहां से आए थे भाड़े के शूटर्स? क्या है 40 लाख का मामला?
Chandranath Rath Case Update: पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या से बंगाल की कानून-व्यवस्था सवालों के घेरे में हैं, हालांकि जांच तेजी से जारी है। तो वहीं एक बड़ी बात सामने आई है कि चंद्रनाथ को मारने के लिए भाड़े के शूटर्स बिहार से आए थे। tv9 की खबर के मुताबिक चंद्रनाथ को मारने के लिए 40 लाख की सुपारी दी गई थी। इन शूटर्स ने इलाके की तीन दिन तक रेकी की थी और इसी वजह से वो दो -तीन दिन तक इलाके में रूके भी थे, उनके ठहरने और खाने-पीने का इंतजाम स्थानीय अपराधियों ने किया था।
पुलिस ने आशंका व्यक्त की है कि हो सकता है घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर कोलकाता फ्लाइट पकड़ कर भाग भी गए हों और ये भी संभव है कि उनके पास नकली प्रमाणपत्र हों। आपको बता दें कि चंद्रनाथ की हत्या बुधवार रात 10 बजे मध्यमग्राम तब हुई जब वो दोहरिया की ओर लौट रहे थे।

उन पर दो बाइकसवारों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई और फरार हो गए। इस हमले में चंद्रनाथ की मौत हो गई तो वही उनका ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया जिसकी हालत नाजुक बनी हुई, वो आईसीयू में भर्ती हैं।
'मैंने ममता को हराया इसलिए हुई चंद्रनाथ की हत्या'
चंद्रनाथ रथ की हत्या पर सुवेंदु अधिकारी ने खुलकर कहा कि 'हम मेरे ड्राइवर के इलाज का सारा खर्च उठाएंगे। उसकी हालत गंभीर है, ममता अभिषेक के साथ इतनी मीटिंग क्यों कर रही हैं? क्या वह शपथ ग्रहण समारोह से पहले अशांति फैलाने की योजना बना रही हैं?' चंद्रनाथ की हत्या के पीछे एकमात्र कारण यह है कि ममता मेरे हारने के बाद गुस्से में हैं और वो अपनी हार को पचा नहीं पा रही हैं, रथ की हत्या के पीछे सबसे बड़ा कारण यही है कि मैंने ममता को चुनाव में हराया है।
'अभिषेक बनर्जी ने धमकी दी थी कि 4 मई के बाद बदला लिया जाएगा'
तो वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीधे तौर पर रथ की हत्या के लिए ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर आरोप लगया है,उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने धमकी दी थी कि 4 मई के बाद 'बदला' लिया जाएगा।दीदी अभिषेक को CM बनाना चाहती थीं,लेकिन उनका सपना टूट गया और इसीलिए ये साज़िशें रची जा रही हैं।
सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद साथी थे चंद्रनाथ रथ
आपको बता दें कि चंद्रनाथ रथ सिर्फ़ एक 'PA' नहीं थे, बल्कि वे सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगियों और करीबी दोस्तों में से एक थे। भारतीय वायु सेना में 20 साल सेवा देने के बाद, वे अधिकारी की टीम में शामिल हो गए। उन्होंने चुनावी रणनीति, संगठनात्मक कार्यों और कई संवेदनशील राजनीतिक ज़िम्मेदारियों को संभाला। इस बार, वे भवानीपुर चुनाव प्रचार के बैक-एंड मैनेजमेंट के प्रभारी थे और कई अन्य ज़ोरदार राजनीतिक लड़ाइयों में भी कोर टीम का हिस्सा थे। ममता बनर्जी को हराने में रथ ने अहम भूमिका निभाई थी।














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