Delhi Police Training Camp For Women: दिल्ली पुलिस अब देगी फ्री सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग, कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन
Delhi Police Training Camp For Women: राजधानी की सड़कों पर चलते हुए अब महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं है। दिल्ली पुलिस एक बार फिर महिलाओं को 'शक्ति' देने की तैयारी कर चुकी है। अगर आप भी खुद को मजबूत बनाना चाहती हैं और किसी भी मुसीबत का डटकर सामना करना चाहती हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। दिल्ली पुलिस ने अपने 22वें समर कैंप 2026 की घोषणा कर दी है, जहाँ महिलाओं और लड़कियों को पूरी तरह मुफ्त (Free of Cost) आत्मरक्षा के गुण सिखाए जाएंगे।

कब और कहां होगी ट्रेनिंग?
यह ट्रेनिंग कैंप 29 मई से शुरू होकर 11 जून 2026 तक चलेगा। वर्किंग महिलाओं और स्टूडेंट्स की सहूलियत को देखते हुए ट्रेनिंग का समय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक रखा गया है। रविवार को छुट्टी रहेगी ताकि आप आराम कर सकें। दिल्ली पुलिस ने इसके लिए शहर के अलग-अलग कोनों में सेंटर बनाए हैं। मॉडल टाउन, वेस्ट विहार, द्वारका और मयूर विहार फेज-2 जैसे इलाकों में ट्रेनिंग सेंटर सेटअप किए गए हैं, ताकि आपको अपने घर के पास ही यह सुविधा मिल सके।
रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया
अगर आप इस कैंप का हिस्सा बनना चाहती हैं, तो देर बिल्कुल न करें। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 4 मई से शुरू हो चुकी है और यह 20 मई 2026 तक चलेगी। आप दो तरीके से आवेदन कर सकती हैं:
ऑनलाइन: दिल्ली पुलिस के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर घर बैठे फॉर्म भरें।
ऑफलाइन: ऊपर बताए गए केंद्रों पर जाकर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है (रविवार को छोड़कर)।
अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपसे एक भी रुपया नहीं लिया जाएगा। चाहे आप स्कूल-कॉलेज की छात्रा हों, ऑफिस जाने वाली प्रोफेशनल हों या हाउसवाइफ, हर कोई इसमें शामिल हो सकता है।
सिर्फ हाथापाई नहीं, बहुत कुछ सिखाएगी पुलिस
अक्सर लोग सोचते हैं कि सेल्फ-डिफेंस मतलब सिर्फ कराटे या मुक्केबाजी है, लेकिन दिल्ली पुलिस का यह कैंप उससे कहीं ज्यादा है। यहां आपको:
- मुश्किल हालात में घबराने के बजाय सही रिस्पॉन्स देना सिखाया जाएगा।
- साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके बताए जाएंगे, जो आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
- महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी जाएगी।
- नुक्कड़ नाटकों के जरिए सामाजिक जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने के सेशन भी होंगे।
क्यों जरूरी है यह पहल?
दिल्ली पुलिस का यह कदम सिर्फ एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास भरने की एक बड़ी मुहिम है। दिल्ली जैसे महानगर में जहां महिलाओं की सुरक्षा हमेशा चर्चा का विषय रहती है, वहां उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना अपराधों को रोकने में मददगार साबित होगा। जब महिलाएं खुद अपनी सुरक्षा करना सीखेंगी, तो समाज में अपराधियों के हौसले पस्त होंगे।












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