बाइडेन के 'पाकिस्तान खतरनाक है' बयान पर आगबबूला हुए इमरान, अमेरिका पर जमकर निकाली भड़ास
अमेरिकी राष्ट्रपति की ये टिप्पणी वैश्विक स्तर पर बदलती भू-राजनीतिक स्थिति के संदर्भ में आई है। बाइडेन ने यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर कहा कि, दुनिया तेजी से बदल रही है और देश अपने गठबंधनों पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
Joe biden on Pakistan Nuclear Weapons: संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि, पाकिस्तान "दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक" है, क्योंकि पाकिस्तान के पास "बिना किसी सामंजस्य के परमाणु हथियार" हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये टिप्पणी गुरुवार को डेमोक्रेटिक कांग्रेस अभियान समिति के एक स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए की है, जिसपर पाकिस्तान आगबबूला हो गया है और अमेरिका के खिलाफ पाकिस्तानी लोग काफी सख्त बयानबाजी कर रहे हैं। व्हाइट हाउस की तरफ से बाइडन का जो बयान जारी किया गया है, उसमें बाइडेन ने ये कहा है, कि "जो मुझे लगता है, वह शायद दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक है: पाकिस्तान। जिसके पास बिना किसी सामंजस्य के परमाणु हथियार है।"
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बाइडेन के बयान का मतलब क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति की ये टिप्पणी वैश्विक स्तर पर बदलती भू-राजनीतिक स्थिति के संदर्भ में आई है। बाइडेन ने यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर कहा कि, दुनिया तेजी से बदल रही है और देश अपने गठबंधनों पर पुनर्विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि,"मैं वास्तव में इस बात पर विश्वास करता हूं, कि दुनिया हमें देख रही है। यहां तक कि हमारे दुश्मन भी हमें यह पता लगाने के लिए देख रहे हैं, कि हम इसका पता कैसे लगाते हैं, हम क्या करते हैं।" बाइडेन का ये बयान परमाणु बमों के लापरवाह निर्माण को लेकर थी और तमाम रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि पाकिस्तान काफी तेजी के साथ परमाणु हथियारों का निर्माण कर रहा है। बुलेटिन ऑफ अटॉमिक साइंटिस्ट की ताजा रिपोर्ट में पाकिस्तान के पास करीब 165 परमाणु बम होने की बात कही गई है, लेकिन चेतावनी ये दी गई है, कि पाकिस्तान जिस रफ्तार से परमाणु बमों का निर्माण कर रहा है, उस हिसाब से पाकिस्तान के पास साल 2025 तक 200 के करीब परमाणु बम हो जाएंगे।
बाइडेन के बयान पर भड़का पाकिस्तान
बाइडेन के बयान पर पाकिस्तान की तरफ से सख्त प्रतिक्रिया दी जा रही है। खासकर इमरान खान की पार्टी अमेरिका के साथ साथ शहबाज शरीफ की सरकार पर भी हमलावर है और अमेरिका के खिलाफ सख्त बयान जारी करने की मांग कर रही है। इस बीच पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने बाइडेन के बयान को खारिज कर दिया और उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को "निराधार" कहा है। उन्होंने कहा कि, "अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों ने एक बार नहीं बल्कि कई बार पाकिस्तान के परमाणु डेटरेंड को वेरिफाई किया है और कहा है, कि हमारी कमान और नियंत्रण प्रणाली सुरक्षित है।"
काफी आक्रामक है इमरान खान की पार्टी
अमेरिका के खिलाफ लगातार सख्त लहजा का इस्तेमाल करने वाली इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से माफी की मांग की है। बाइडेन प्रशासन पर अपनी सरकार गिराने का आरोप लगाने वाली पीटीआई की नेता और इमरान खान की सरकार में पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से उनकी "गंदी टिप्पणी" के लिए माफी की मांग की है। शिरीन मजारी ने उल्टा अमेरिका को ही दुनिया के लिए खतरा बताया है और उन्होंने अपने बयान में कहा कि, "एक परमाणु संपन्न अमेरिका दुनिया के लिए एक खतरा है, क्योंकि आपका अपने परमाणु पर कोई नियंत्रण नहीं है। बी52 बमवर्षक ने 2007 में छह जीवित परमाणु हथियारों के साथ उड़ान भरी और घंटों तक उसके बारे में किसी को भी कोई जानकारी नहीं थी।" मजारी ने कहा कि, अमेरिका परमाणु हथियारों के साथ गैर जिम्मेदाराना महाशक्ति है।
पीटीआई ने दी अमेरिका को नसीहत
पीटीआई महासचिव असद उमर ने कहा कि, शीशे के घरों में बंद देशों को दूसरों पर पत्थर फेंकने से पहले सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि, "सामंजस्य के बिना परमाणु देश? क्या बाइडेन अमेरिका की बात कर रहे हैं? आखिर उनकी पार्टी संविधान को तोड़ने और पिछले राष्ट्रपति चुनाव को चुराने की कोशिश के लिए डोनाल्ड ट्रम्प के पीछे जा रही हैं।" वहीं, पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने मांग की है, कि बाइडेन को तुरंत अपना बयान वापस लेना चाहिए, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान का नेतृत्व कमजोर हो सकता है, लेकिन पाकिस्तान के लोग कमजोर नहीं हैं।
आगबबूला हुए इमरान खान
वहीं, इमरान खान ने अमेरिकी राष्ट्रपति से दो सवालों के जवाब मांगे हैं और पूछा है, कि पहला सवाल मेरा ये है, कि अमेरिका के राष्ट्रपति के पास पाकिस्तान के न्यूक्लियर हथियारों को लेकर जानकारी कहां से पहुंची है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति हमारे परमाणु हथियार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचे हैं। मेरा दूसरा सवाल ये है, कि अमेरिका ही लगातार पूरी दुनिया में युद्ध में शामिल रहा है। और अमेरिका बताए, कि न्यूक्लियर दुनिया में आखिर पाकिस्तान ने कब आक्रामकता दिखाई है। इसके साथ ही बाइडेन का ये बयान दिखाता है, कि हमारी आयातित सरकार की विदेश नीति पूरी तरह से फेल हो गई है, जिसमें ये कह रहे हैं, कि हम अमेरिका के साथ रिश्ते 'रीसेट' कर रहे हैं। क्या यही रीसेट है? इस सरकार ने नाकामी के सभी रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं।












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