बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने रिकॉर्ड मतों से जीता संसदीय चुनाव, लैंडस्लाइड जीत की तरफ अवामी लीग
Bangladesh Election Result: बांग्लादेश की प्रधान मंत्री और अवामी लीग प्रमुख शेख हसीना ने रविवार को गोपालगंज -3 निर्वाचन क्षेत्र से संसद के लिए फिर से चुनाव जीत लिया है। वहीं, उनकी अवामी लीग पार्टी भी लैंडस्लाइट जीत की तरफ आगे बढ़ रही है।
आम चुनावों में निर्णायक जीत के बावजूद, चुनावी प्रक्रिया को छिटपुट हिंसा और प्राथमिक विपक्षी पार्टी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) द्वारा बहिष्कार सहित चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने 1986 के बाद से आठवीं बार गोपालगंज-3 सीट से चुनाव जीता है।

अब तक आए नतीजों के मुताबिक, ज्यादातर सीटों पर सत्तारूढ़ अवामी लीग के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। बांग्लादेश में रविवार को मतदान के लिए वोट डालने के लिए काफी कम संख्या में लोग पहुंचे और चुनाव आयोग ने 40 प्रतिशत वोटिंग की बात कही है।
फिलहाल वोटों की गिनती जारी है और सोमवार तक पूरे नतीजे आने की उम्मीद है। चुनाव आयोग के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, मतदान लगभग 40 फीसदी है, लेकिन अंतिम गिनती के बाद यह आंकड़ा बदल सकता है। यह 2018 में हुए पिछले चुनाव में दर्ज किए गए 80% से ज्यादा के कुल मतदान के ठीक विपरीत है।
इस बीच, तीन केंद्रों पर मतदान रद्द कर दिया गया - एक नरसिंगडी में और दो नारायणगंज में। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयोग ने नरसिंगडी में चुनावी धोखाधड़ी के आरोप में उद्योग मंत्री नुरुल माजिद महमूद हुमायूं के बेटे को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है।
प्रधानमंत्री शेख हसीना ने रविवार को इस बात पर उदासीनता जताई है, कि विदेशी मीडिया बांग्लादेश के चुनाव में कम पोल को लेकर निगेटिव रिपोर्टिंग कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि उनकी प्राथमिक चिंता देश के लोगों द्वारा चुनाव की स्वीकृति है। रविवार को वोट डालने के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की है।
पीएम हसीना ने कहा, कि "लोग इस चुनाव को स्वीकार करते हैं या नहीं, यह मेरे लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए, मुझे उनकी (विदेशी मीडिया) स्वीकार्यता की परवाह नहीं है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, कि आतंकवादी दल ने क्या कहा या नहीं?"
इस बीच, गृह मंत्री असदुज्जमां खान ने रविवार को कहा, कि अपेक्षित हार की आशंका के कारण बीएनपी ने संसदीय चुनाव में भाग लेने से परहेज किया।
आपको बता दें, कि बांग्लादेश में लगभग 20 करोड़ मतदाता हैं, जबकि 300 संसदीय सीटों के लिए लगभग 2,000 उम्मीदवार मैदान में हैं। 436 स्वतंत्र उम्मीदवार हैं, जो 2001 के बाद से सबसे ज्यादा आंकड़ा है।

विपक्ष क्यों कर रहा है चुनाव का बहिष्कार?
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके छोटे सहयोगियों के बहिष्कार ने चुनाव की विश्वसनीयता पर धब्बा लगा दिया है। बीएनपी ने आरोप लगाया है, कि अवामी लीग ने चुनाव को लोकतांत्रिक बनाने की कोशिश करने के लिए स्वतंत्र उम्मीदवारों के रूप में "डमी" उम्मीदवारों को खड़ा किया है। हालांकि, हसीना के गुट ने दावे का खंडन किया है।
बीएनपी के वर्तमान नेता, निर्वासित तारिक रहमान ने भी इस प्रक्रिया को "दिखावा" कहा है। बीएनपी चाहती थी, कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए चुनाव "कार्यवाहक सरकार" के तहत हो, हालांकि, शेख हसीना ने इस सुझाव को सिरे से खारिज कर दिया था।
शेख हसीना ने भारत पर क्या कहा?
मतदान के दिन एक वीडियो संदेश में शेख हसीना ने भारत के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं और 1971 में मुक्ति संग्राम के दौरान भारत के समर्थन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ''हम बहुत भाग्यशाली हैं...भारत हमारा भरोसेमंद दोस्त है। हमारे मुक्ति संग्राम के दौरान, उन्होंने हमारा समर्थन किया...1975 के बाद, जब हमने अपना पूरा परिवार खो दिया...उन्होंने हमें आश्रय दिया। इसलिए भारत के लोगों को हमारी शुभकामनाएं।"
पीएम शेख हसीना रविवार को वोट करने पहुंचीं, जिसके बाद उन्होंने रॉयटर्स से बात की और कहा: "बांग्लादेश एक संप्रभु देश है और लोग मेरी शक्ति हैं.. मैं यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रही हूं कि इस देश में लोकतंत्र जारी रहे।"












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