Bangladesh Violence: कौन था उस्मान हादी जिसकी मौत से सुलगा बांग्लादेश? भारत के खिलाफ क्यों उगलता था जहर?
Bangladesh Violence: बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से उभरे नेता शरीफ उस्मान हादी की गुरुवार देर रात सिंगापुर में इलाज को दौरान मौत हो गई, उसे पिछले सप्ताह ढाका में गोली लगी थी और उसके बाद वो अस्पताल में भर्ती था।
सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि 'हादी की मौत गंभीर चोटों के कारण हुई है' लेकिन जैसे ही ये खबर सामने आई उसके समर्थक बुरी तरह से भड़क उठे और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू किया जो कि चंद मिनटों में ही हिंसक रूप में तब्दील हो गया। अब सवाल ये उठता है कि आखिर उस्मान हादी कौन था, जिसकी मौत पर बांग्लादेश सुलग गया।

कौन था उस्मान हादी? (Bangladesh Violence News)
32 साल का उस्मान हादी इंकलाब मंच का प्रवक्ता था, अपने ज्वलंत भाषण और शेख हसीना विरोधी आंदोलन की वजह से, वो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय था। इंकलाब मंच ने ही जुलाई 2025 में शेख हसीना का खुलकर विरोध किया था, उसने सड़कों पर हसीना के खिलाफ भारी भीड़ के साथ विरोध रैलियां निकाली थीं, ये विरोध इतना ताकतवर था कि इसके चलते शेख हसीना को पीएम की गद्दी गंवानी पड़ी थी।
उस्मान हादी के पिता मदरसा के शिक्षक थे
उस्मान बिन हादी का जन्म बांग्लादेश के झलकाठी जिले में हुआ था, उसके पिता एक मदरसा शिक्षक थे, उसने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नेसराबाद कामिल मदरसा से प्राप्त की थी।
भारत विरोधी था उस्मान हादी, उगलता था जहर (Bangladesh Violence News)
गौरतलब है उस्मान हादी भारत का कट्टर विरोधी था, उसका कहना था कि अब बांग्लादेश में भारत समर्थित राजनीति नहीं चलेगी, शेख हसीना के खिलाफ होने के पीछे एक बड़ा कारण उसका इंडिया को पसंद ना करना भी था। वो पिछले दिन एक कथित विवादित नक्शे के भी वजह से चर्चित था, जिसे कि उसने 'ग्रेटर बांगलादेश' कहकर प्रसारित किया था, इस मैप में उसने भारत के कुछ हिस्सों को बांग्लादेश का पार्ट कहा था।
हादी की मौत से सुलगा बांग्लादेश
हादी की मौत की खबर सामने आने के बाद से राजधानी ढाका समेत देश के कई हिस्सों से आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं होने लगीं। ढाका में प्रमुख दैनिक अख़बारों, 'प्रथम आलो' और 'डेली स्टार' के कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया गया, जिसमें इमारत को भारी नुकसान हुआ है।
उस्मान हादी के इलाज में लापरवाही बरती गई, भड़के लोग
बता दें कि प्रदर्शनकारी, तख्तियां लेकर यूनुस सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं, इन सबका आरोप है कि उस्मान हादी का इलाज ठीक से नहीं किया गया और उसकी सुरक्षा में भी लापरवाही बरती गई है। प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग के कार्यालय को भी आग लगाई है तो वहीं चटगांव में भारतीय उच्चायोग के कार्यालय पर भी पथराव किया गया है। ये मंच अपने कट्टरपंथी स्वभाव की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहता है, यूनुस सरकार ने इसे चुनावों में हिस्सा लेने से रोका तो ये फिर से उग्र हो उठा और इसने जगह-जगह रैलियां और सभाएं करनी शुरू कर दी।
उस्मान हादी पर 12 दिसंबर को चली गोली (Bangladesh Violence News)
मालूम हो कि फरवरी 2026 में बांग्लादेश में आम चुनाव में होने हैं, जहां ढाका-8 निर्चावन क्षेत्र स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर उस्मान हादी चुनाव प्रचार कर रहे थे और इसी प्रचार के दौरान 12 दिसंबर को उन पर अज्ञात हमलावरों ने गोली चलाई थी।
'चोट के कारण उस्मान का ब्रेनडेड हो गया था'
जिसके बाद वो अस्पताल में भर्ती था, सोमवार को हालत बिगड़ने पर हादी को एयर एंबुलेंस से सिंगापुर जनरल अस्पताल ले जाया गया था, जहां कल रात उसकी मौत हो गई, डॉक्टरों का कहना है कि 'गोली की वजह से लगी चोट के कारण उस्मान का ब्रेनडेड हो गया था, उसे लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद हादी को बचाया नहीं जा सका।'












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