Proloy Chaki Death: कौन थे मशहूर गायक प्रोलय चकी? बांग्लादेश की जेल में कैसे हुई मौत
Bangladesh Proloy Chaki Custody Death: बांग्लादेश में जारी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच एक खबर ने देश को हिला दिया है। 1980 के दशक के मशहूर गायक और अवामी लीग के दिग्गज नेता प्रोलय चकी की जेल हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बीटीवी (BTV) के लोकप्रिय कलाकार रहे चकी की मौत ने अब एक नया मानवाधिकार और राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
जहां एक ओर प्रशासन उनकी मौत का कारण बीमारी बता रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके परिवार ने जेल में इलाज न मिलने और मेडिकल लापरवाही के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन और देश में व्याप्त हिंसक माहौल के बीच हुई इस घटना ने जेल प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

BTV singer Proloy Chaki death: कौन थे प्रोलय चकी?
प्रोलय चकी बांग्लादेशी संगीत जगत का एक जाना-माना नाम थे। 1980 के दशक में उन्होंने अपने भाई मोलॉय चाकी के साथ बीटीवी पर कई यादगार प्रस्तुतियां दी थीं। संगीत के अलावा, वह राजनीति में भी बेहद सक्रिय थे और पाबना जिला अवामी लीग में सांस्कृतिक मामलों के सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वह न केवल एक गायक थे, बल्कि स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने और क्षेत्र की सांस्कृतिक गतिविधियों को नेतृत्व देने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
ये भी पढ़ें: Bangladesh Hindu killings 2026: 18 दिन, 6 लाशें और एक ही पैटर्न! बांग्लादेश में हिंदुओं का नरसंहार जारी
क्यों किया गया था गिरफ्तार?
प्रोलय चकी को 16 दिसंबर 2025 को पाबना से गिरफ्तार किया गया था। उन पर भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के दौरान हुए एक कथित हमले में शामिल होने का आरोप था। हालांकि, इस गिरफ्तारी पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि परिवार का दावा है कि उनका नाम किसी भी एफआईआर में दर्ज नहीं था। एक प्रतिष्ठित कलाकार और बुजुर्ग राजनेता को इस तरह अचानक हिरासत में लिए जाने के बाद से ही उनके समर्थकों और परिवार में काफी आक्रोश था।
ये भी पढ़ें: Bangladesh Violence: 'मैंने ही उस हिंदू को जलाया', पुलिस के सामने हत्या की शेखी बघार रहा अपराधी, वीडियो वायरल
Bangladesh violence news 2026: कैसे हुई हिरासत में मौत?
जेल अधीक्षक के अनुसार, चकी डायबिटीज और हृदय रोग से जूझ रहे थे। शुक्रवार को जेल में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आया। उन्हें पहले पाबना जनरल अस्पताल और फिर गंभीर स्थिति में राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां रात करीब 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। जेल प्रशासन का कहना है कि उन्होंने इलाज की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी हालत पहले से ही काफी नाजुक बनी हुई थी।
ये भी पढ़ें: Bangladesh बॉर्डर पर भीषण युद्ध, आराकान आर्मी और रोहिंग्या गुटों में खूनी झड़प, एक बच्ची की मौत
परिवार के गंभीर आरोप
प्रोलय चकी के बेटे सोनी चाकी ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि प्रशासन ने उनके पिता की गिरती सेहत के बारे में उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी। उन्हें अन्य माध्यमों से खबर मिली और जब वे अस्पताल पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिवार का मानना है कि यदि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे एक बुजुर्ग कलाकार को सही समय पर विशेष चिकित्सा निगरानी मिलती, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।












Click it and Unblock the Notifications