Bangladesh Hindu: मारपीट, किडनैपिंग और फिरौती, ढाका में हिन्दू पुजारी का अपहरण, सरकार ने साधी चुप्पी
Bangladesh Hindu: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक बार फिर हिन्दुओं को निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। जहां एक हिंदू छात्र और मंदिर के पुजारी को पहले किडनैप किया गया और फिर उनके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। पीड़ित की पहचान सुभाष देउरी के रूप में हुई है, जो जगन्नाथ विश्वविद्यालय में कानून के छात्र हैं और साथ ही एक स्थानीय मंदिर में पुजारी भी हैं। जानकारी के मुताबिक 29 जून की रात कुछ अज्ञात लोगों ने उनका कथित तौर पर अपहरण कर लिया। इस घटना के बाद बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
सड़क किनारे पड़े मिले सुभाष
अगली सुबह यानी 30 जून को सुभाष देउरी ओल्ड ढाका की एक सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल और बेहोश मिले। उनके दोस्तों ने उन्हें तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) पहुंचाया। अस्पताल की पुलिस चौकी के प्रभारी मोहम्मद फारुक के अनुसार, सुभाष को सुबह अस्पताल लाया गया था और उनका इलाज जारी है। वहीं इस मामले पर बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने चुप्पी साध रखी है।

रात में निकले थे घर से, फिर अचानक बंद हो गया फोन
सुभाष देउरी मूल रूप से खुलना प्रशासनिक संभाग के मगुरा जिले के रहने वाले हैं, जो ढाका से करीब 170 किलोमीटर दूर है। वह ढाका में अपने दोस्त दुरोज साहा के साथ किराए के फ्लैट में रहते हैं। दुरोज के मुताबिक, 29 जून की रात करीब 11:30 बजे सुभाष फ्लैट से बाहर निकले थे। इसके कुछ देर बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया, जिससे दोस्तों और परिवार की चिंता बढ़ गई।
परिवार से मांगी गई फिरौती
अपहरण के बाद आरोपियों ने सुभाष के परिवार और दोस्तों से फिरौती मांगनी शुरू कर दी। दुरोज साहा ने बताया कि उन्हें सुभाष के मोबाइल नंबर से फोन आया, जिसमें तुरंत पैसे भेजने के लिए कहा गया। लेकिन उस समय उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे, इसलिए वे रकम नहीं भेज सके।
बहन को आया कॉल, 30 हजार टका की मांग
सुभाष की बहन जया ने बताया कि 30 जून की रात करीब 1 बजे उन्हें भी भाई के फोन से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने सुभाष को छोड़ने के बदले 30,000 बांग्लादेशी टका की मांग की। परिवार ने डर के कारण बताए गए बैंक खाते में 26,000 टका ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ समय बाद अपहरणकर्ताओं ने सुभाष को सड़क पर छोड़ दिया और फरार हो गए।
होश आने पर सुनाई पूरी आपबीती
अस्पताल में होश आने के बाद सुभाष ने अपने दोस्तों को पूरी घटना बताई। उन्होंने कहा कि अपहरणकर्ताओं ने उनके साथ शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना की। उनके कपड़े उतार दिए गए और उन्हें परिवार से पैसे मांगने के लिए मजबूर किया गया। घटना के बाद उनका मोबाइल फोन और बटुआ भी गायब मिला।
धार्मिक पहचान की वजह से बनाया गया निशाना?
कहा जा रहा है कि सुभाष को उनकी हिंदू पहचान की वजह से निशाना बनाया गया है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के प्रवक्ता काजल देवनाथ ने कहा कि संगठन पूरे मामले की जानकारी जुटा रहा है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही साफ होगा कि हमले की असली वजह क्या थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह सिर्फ लूटपाट का मामला भी हो, तब भी एक हिंदू छात्र और पुजारी के साथ इस तरह की घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे पहले भी ढाका और आसपास के इलाकों में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे समुदाय में डर का माहौल बना हुआ है।
इस साल कई हिंसक घटनाएं सामने आईं
बांग्लादेश में इस साल हिंदू समुदाय के खिलाफ कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। 5 जनवरी को अलग-अलग इलाकों में दो हिंदू पुरुषों की हत्या कर दी गई। कोपालिया बाजार में समाचार पत्र के कार्यकारी संपादक राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि नरसिंगडी में 40 वर्षीय शरद मणि चक्रवर्ती पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। इसके अलावा हिन्दू विधवा से सामूहिक दुष्कर्म का भी मामला सामने आया था।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।














Click it and Unblock the Notifications