Australia को मिली पहली महिला आर्मी चीफ Susan Coyle, सैनिक से टॉप तक कैसे पहुंची? मार्च में क्यों आई थी दिल्ली?

Australia ने लेफ्टिनेंट जनरल Susan Coyle को नया सेना प्रमुख नियुक्त कर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह फैसला सिर्फ एक नियुक्ति नहीं बल्कि लैंगिक बाधाओं को तोड़ने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आज के समय में जब युद्ध का तरीका तेजी से बदल रहा है, जिसमें महिलाएं भी बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी ले रही हैं। साथ ही, सुजैन कॉयल की नियुक्ति उन रूढ़िवादी लोगों को करारा जवाब है जो महिलाओं को सेना प्रमुख जैसे अहम पदों के लिए योग्य नहीं मानते। आइए जानते हैं सुजैन के यहां तक पहुंचने की कहानी।

सैनिक से शुरू सफर अब टॉप पोजीशन पर

कॉयल ने 1987 में आर्मी रिजर्व्स में एक सैनिक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने Australian Defence Force Academy से विज्ञान में डिग्री हासिल की और 1992 में Royal Military College Duntroon से ग्रेजुएशन किया। वह जनरल Simon Stuart की रिटायरमेंट के बाद ऑस्ट्रेलियाई सेना का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनेंगी। रक्षा मंत्री Richard Marles ने इस नियुक्ति को ऐतिहासिक पल बताया।

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दुनिया की टॉप महिला सैन्य लीडर्स में शामिल

कॉयल अब उन चुनिंदा महिला अधिकारियों की लिस्ट में शामिल हो गई हैं जिन्होंने दुनिया भर में टॉप सैन्य पद हासिल किए हैं। इसमें Jennie Carignan (जुलाई 2024, कनाडा की पहली महिला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ), Alenka Ermenc (नवंबर 2018, स्लोवेनियाई सेना की पहली महिला प्रमुख) और Sharon Nesmith (जून 2024, ब्रिटिश इतिहास में सर्वोच्च रैंक वाली महिला अधिकारी) जैसे नाम शामिल हैं।

क्या है सुजैन की खासयित?

लेफ्टिनेंट जनरल कॉयल जुलाई 2024 से चीफ ऑफ जॉइंट कैपेबिलिटीज के तौर पर काम कर रही हैं। इस रोल में वह ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल के स्पेस, साइबर डोमेन और नेशनल डिफेंस सपोर्ट को लीड कर रही हैं। उनकी पिछली जिम्मेदारियों में हेड, इंफॉर्मेशन वॉरफेयर; कमांडर, फोर्सेस कमांड; जॉइंट टास्क फोर्स 633 और 6वीं ब्रिगेड जैसे अहम पद शामिल हैं।

इंटरनेशनल मिशन का भी बड़ा अनुभव

कॉयल के पास अंतरराष्ट्रीय मिशनों का भी काफी अनुभव है। उन्होंने तिमोर लेस्ते, सोलोमन द्वीप समूह, अफगानिस्तान और पश्चिम एशिया जैसे संवेदनशील इलाकों में सेवाएं दी हैं। यही अनुभव उन्हें एक मजबूत और आधुनिक सैन्य लीडर बनाता है, जो बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझती हैं।

मार्च में भारत क्यों आईं थीं सुजैन?

मार्च 2026 में सुजैन दिल्ली आईं थी, तब उन्होंने इंडियन आर्मी के चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की थी। उस वक्त सुजैन ऑस्ट्रेलियाई आर्मी की चीफ ऑफ ज्वॉइंट कैपेबिलिटीज थीं। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने डिफेंस कॉपरेशन और ज्वॉइंट कैपेबिलिटीज बढ़ाने पर लंबी चर्चा की थी। जिसका कुछ फोटो इंडियन आर्मी ने भी साझा किए थे। इसके अलावा सुजैन एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित से भी मिली थीं और रायसीना डायलॉग प्रोग्राम में भी हिस्सा लिया था

महिला को ही क्यों चुना?

ऑस्ट्रेलियाई नौसेना प्रमुख Mark Hammond, जो एक अनुभवी सबमरीनर रहे हैं और 2021 के AUKUS pact में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, अब देश की आर्म्ड फोर्सेस को लीड करेंगे। उनकी जगह पूर्व सबमरीन कमांडर Matthew Buckley नेवी चीफ का पद संभालेंगे। डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये बदलाव मॉडर्न टेक्नोलॉजी पर आधारित युद्ध और सबमरीन क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए हैं।

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