वाइब्रेंट गुजरात का पार्टनर बना ऑस्ट्रेलिया, भारत से बढ़ती नजदीकी से कैसे चीन को हो रहा अरबों का नुकसान?

वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का दसवां संस्करण 10 जनवरी से 12 जनवरी 2024 को होने जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन में 32 देश पार्टनर कंट्री बने हैं, जिसमें से 18 पार्टनर कंट्री के गवर्नर और मंत्री आएंगे।

ऑस्ट्रेलिया भी इस समिट का एक प्रमुख साझीदार देश है। ऑस्‍ट्रेलिया ने स्‍टॉर्ट अप व डिजिटल टेक्‍नोलॉजी में भागीदारी के लिए करार किए हैं। भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "ऑस्ट्रेलिया फिर से भागीदार देश बनकर खुश है... हम शिक्षा, ऊर्जा, संसाधन और नवीकरणीय क्षेत्रों में सहयोग तलाशने के लिए उत्सुक हैं।"

India Australia trade

बीते कुछ सालों में अमेरिका के अलावा ऑस्ट्रेलिया वो देश जिसके साथ भारत के तेजी से द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार आया है। खासकर पीएम मोदी की दौर ये सुधार तेजी से हो रहा है। साल 2014 में जब पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था तो ये लगभग तीन दशक में पहली बार था जब भारतीय प्रधानमंत्री वहां पहुंचे थे।

ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ रिश्तों के विस्तार पर खास जोर दिया है। यानी 2022 में भारत की ओर से भी ऑस्ट्रेलिया को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी जिस समय 10 भारतीय केंद्रीय मंत्री ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गए थे।

बीते साल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सुरक्षा सहयोग में एक और कदम बढ़ाया गया। दोनों देशों ने एक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'ऑस्ट्रा हिंद 2022' शुरू किया। क्वाड में दोनों देश अहम सुरक्षा साझीदार हैं। क्वाड के अलावा एक और वजह है जिसके कारण ऑस्ट्रेलिया और भारत पास आ रहे हैं।

दरअसल चीन ही वो देश है जिससे भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों असुरक्षा महसूस करते हैं। भारत और चीन के बीच बीते कुछ सालों में संबंध तेजी से बिगड़े हैं वहीं, ऑस्ट्रेलिया, जो चीन का बड़ा आर्थिक साझेदार रहा है, बीते कुछ समय से अपना व्यपार घटा रहा है।

भारत के रूप में वह एक नया साझीदार तलाश रहा है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया के साथ आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जो दिसंबर, 2022 से लागू हुआ। इस समझौते के तहत 23 अरब डॉलर का व्यापार ड्यूटी फ्री हो गया है।

इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये पहला ऐसा व्यापार समझौता है जिसे एक दशक से भी कम समय में किसी विकसित देश के साथ अंजाम दिया गया है। भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में जुटे हुए हैं।

भारत मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया से कच्चा माल आयात करता है, जबकि इसका निर्यात मुख्य रूप से तैयार उत्पाद हैं। इसलिए, एफटीए भारतीय उद्यमियों की इनपुट लागत को कम करेगा और उनके सामान को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। यह भारतीय स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने के बेहतरीन अवसर भी देता है।

अप्रैल-नवंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया को भारत का व्यापारिक निर्यात 14% बढ़ा है, जो चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में शेष विश्व के साथ भारत के व्यापार की तुलना में निर्णायक रूप से बेहतर प्रदर्शन है।

ऑस्ट्रेलिया के कुल आयात में 4% की गिरावट आई है, लेकिन भारत से इसकी खरीद में जोरदार वृद्धि हुई है। ऑस्ट्रेलिया से भारत का आयात 19% गिर गया है, जिससे व्यापार घाटा 39% कम हो गया है।

वन इंडिया प्लस

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में मुख्‍यमंत्री रहते वर्ष 2003 में वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत की थी। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 20 सालों में गुजरात 55 बिलियन डॉलर का संचयी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) हासिल कर चुका है। कई फॉर्च्यून 500 कंपनियों ने गुजरात में निवेश किया है। भारत की जीडीपी में गुजरात का योगदान 8.3 फीसदी यानी करीब 282 अरब डॉलर है।

Boycott Maldives: अपने ही राष्ट्रपति को कूटनीति सिखाने लगे लोग, PM मोदी पर हुई अभद्र टिप्पणी पर क्या बोली जनता

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+