Coronavirus: चीन ने जो छुपाया वो एक कंपनी की "लापरवाही" से दुनिया के सामने आ गया
बीजिंग। चीन में कोरोना वायरस की वजह से मरने वालों को आंकड़ा 563 पहुंच गया है। 20,438, लोग ऐसे हैं जिनमें संक्रमण पाया गया है। सिर्फ कुछ ही दिनों के अंदर वायरस के केसेज की संख्या 35 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है। मगर एक कंपनी की तरफ से लीक हुए डाटा की मानें तो इस जानलेवा वायरस की वजह से करीब 25 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। डाटा ऐसे समय में लीक हुए हैं जब चीन में कोरोना वायरस को लेकर गलत खबर फैलाने पर मौत की सजा का ऐलान सरकार की तरफ से किया गया है।

चीन की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी
टेनसेंट चीन की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इस कंपनी की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस की वजह से देश में मरने वाले लोगों का आंकड़ा 24, 589 है। यह आंकड़ा सरकारी आंकड़ों के कई गुना ज्यादा है। आंकड़ें ऐसे समय में लीक हुई हैं जब आशंका जताई जा रही है कि सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी वायरस की वजह से होने वाली मौतों के बारे में सही जानकारी को सार्वजनिक नहीं कर रही है। टेनसेंट एक मल्टीनेशनल टेक कंपनी है। शनिवार को कंपनी के मुताबिक देश में 154, 023 लोगों में वायरस का संक्रमण है। जो आंकड़ें सामने आए हैं, वो सरकारी आंकड़ों की तुलना में एक दो या 10 नहीं बल्कि 80 गुना ज्यादा है।

बाद में अपडेट की गई जानकारी
ताइवान न्यूज की तरफ से बताया गया है कि टेनसेंट का वेबपेज जिसका टाइटल है 'एपिडेमिक सिचुएशन' उस पर कुछ देर बाद जानकारी को अपडेट कर दिया और 304 लोगों को मृत बताया गया। साथ ही 14,446 लोगों में इसके संक्रमण की बात कही गई। कुछ लोगों का अनुमान है कि कोडिंग की गड़बड़ी की वजह से टेनसेंट का असली डाटा ऑनलाइन लीक हो गया। वहीं, कुछ और लोगों का मानना है कि टेनसेंट में काम करने वाले ही किसी कर्मी ने जानबूझकर असली डेटा लीक किया है ताकि दुनिया को वास्तविक हालात का पता चल सके।

सरकार छिपा रही जानकारी
वहीं, एक और लीक हुए डाटा के मुताबिक 79,808 केस संदिग्ध हैं और यह आंकड़ें सरकारी जानकारी से चार गुना ज्यादा हैं। इसमें कहा गया कि 269 लोगों का इलाज चल रहा है जबकि सरकारी आंकड़ों में यह संख्या 351 है। चीन ने गुरुवार को कहा कि कोरोना की वजह से मरने वालों की संख्या 563 हो गई है। जो 28,000 लोग प्रभावित हैं जिसमें ज्यादातर लोग वुहान से हैं। माना जाता है कि वुहान में ही इस वायरस से प्रभावित होने का पहला मामला सामने आया है।

डॉक्टर भी वायरस से इनफेक्टेड
वुहान के शवदाहगृहों से मिल रही रिपोर्टो के मुताबिक उन्हें शव भेजे जा रहे हैं लेकिन उन्हें आधिकारिक आंकड़ों में शामिल नहीं किया जा रहा है। इस बीच एक हॉस्पिटल के स्टाफ ने वीडियो जारी कर कहा है कि अस्पताल के कॉरिडोर में लोगों के शव बिखरे पड़े हुए हैं। उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है। चीन के 34 साल के डॉक्टर ली वेनलियांग जिन्हें सबसे पहले इस वायरस का पता लगा था, अब उन्हें भी इनफेक्शन हो गया है। वायरस के बारे में सबसे पहले ली को ही पता चला था और पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वह इस जानकारी को किसी से साझा नहीं करेंगे।












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