Covid19 महामारीः ब्रिटेन में एक तिहाई NHS स्वास्थ्यकर्मी पॉजिटिव पाए गए
नई दिल्ली। ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की इलाज कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षात्मक उपरकरणों की चिंताओं के तमाम दावों बीच करीब एक तिहाई NHS स्टॉफ व प्रमुख वर्कर्स के कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आए हैं। ब्रिटेन में अब तक 5,733 यानी 34 फीसदी NHS स्वास्थ्यकर्मियों में वायरस संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी थी।

सोमवार को जारी ब्रिटिश सरकार के नए डेटा के अनुसार परीक्षण में "प्रमुख हेल्थ वर्कर और उनके परिवार" की श्रेणी वाले 16,888 लोगों में वायरस लक्षण मिले हैं अथवा जो रोगसूचक लोगों के साथ रहते पाए गए हैं। हालांकि ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता जो रोगसूचक नहीं हैं और संक्रमित लोगों के साथ नहीं रहते पाए गए हैं, वो ब्रिटेन के परीक्षण के मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं, इसलिए वो आवश्यक रूप से उन सभी श्रमिकों के प्रतिनिधुत्व नहीं करते हैं।

गौरतलब है सरकार पर NHS श्रमिकों और उनके परिवारों के परीक्षण करने और उन तक उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) पहुंचाने में सुधार के लिए बड़ा दबाव है। स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने पहले कहा है कि उनका अंतिम लक्ष्य सभी एनएचएस श्रमिकों की लक्षणों की परवाह किए बिना उनको परीक्षण प्रदान करना है, लेकिन ब्रिटेन में परीक्षण का स्तर कई यूरोपीय देशों की तुलना में काफी कम है।

ब्रिटेन में कोरोना वायरस मरीजों की टेस्टिंग की निम्न दर पर आलोचना का जवाब देते हुए हैनकॉक ने कहा था कि गत 2 अप्रैल से महीने के अंत तक प्रति दिन 10,000 से 100,000 परीक्षणों की संख्या बढ़ाए जाएंगे। उन्होंंने भरोसे के साथ कहा था कि "हम वहां पहुंचेंगे।

हालांकि गत 12 अप्रैल को उनके ही स्वास्थ्य विभाग के अनुसार केवल 14,506 परीक्षण किए गए थे, जो सुझाते हैं कि सरकार अपने लक्ष्य से काफी पीछे है। वहीं, उपकरणों के मुद्दे पर हैनकॉक ने गत रविवार को कहा कि सरकार "यह सुनिश्चित करने के लिए रात और दिन काम कर रही है कि हमें सही पीपीई उपकरण मिले।"

उल्लेखनीय है ब्रिटेन में कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहे कम से कम 19 NHS वर्कर्स की मृत्यु हो चुकी है। चिकित्सा श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई संघों ने शिकायत कर चुकी है कि उन्हें Covid-19 रोगियों का सुरक्षित रूप से इलाज करने के लिए पर्याप्त पीपीई प्रदान नहीं किया गया है।
गत सोमवार को रॉयल कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने एडवाइजरी जारी किया कि अगर वे ऐसा करने में सहज महसूस नहीं करते तो कर्मचारी काम करने से इनकार करने के हकदार थे। संघ ने जोर देकर कहा, "यदि नियोक्ता उचित पीपीई और एक सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान नहीं करता है, तो एक कर्मचारी के रूप में स्वास्थ्यकर्मी मरीजों के देखभाल करने से मना कर सकते हैं।"

हालांकि संघ ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक "अंतिम उपाय" होना चाहिए और "आपको अपने निर्णय को उचित ठहराने में सक्षम होना चाहिए, इसलिए सुरक्षा चिंताओं का लिखित रिकॉर्ड रखें, जिससे आप उपचार कार्य से अपना नाम वापस ले सकें।"

संघ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डोना किन्नैर ने शनिवार को बीबीसी को बताया कि ब्रिटिश नर्सों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं है। यह पहली प्राथमिकता है, जो नर्सेज रोजाना मेरे ध्यान में लेकर आ रही है कि उनके पास पीपीई उपकरणों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं है।"
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