सोशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र उपाय, क्योंकि एक व्यक्ति 406 लोगों में फैला सकता है कोरोना संक्रमण!
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक महज एक अकेला कोरोना वायरस रोगी 30 दिनों के भीतर संभावित रूप से करीब 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है, लेकिन अगर सोशल डेस्टेंसिंग जैसे वांछित उपायों का पालन किया जाए तो संक्रमित लोगों की संभावना कम हो सकती है।

मंगलवार को दिए एक बयान में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि महज सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के जरिए एक ही अवधि में संक्रमण को प्रति मरीज सिर्फ 406 से 2.5 लोगों तक फैलने से रोका जा सकता है।

दरअसल, वैश्विक महमारी कोरोना वायरस पर हाल ही में एक अध्ययन का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने यह जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि जानलेवा नोवल कोरोना वायरस के प्रसार को कम करने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे महत्वपूर्ण उपकरण बनकर उभरा है।

गौरतलब है मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस महामारी अब तक भारत में कुल 117 लोगों की जान ले चुकी है, जबकि COVID19 पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 4,421 हो गई है, जिसमें पिछले 24 घंटों में सामने आए 354 मामले भी शामिल हैं। मंत्रायल के मुताबिक अब तक कुल 326 व्यक्तियों को रिकवरी के बाद छुट्टी दे दी गई है।

संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि एक संक्रामक रोग कितना संक्रामक है उसे R0 या R naught यूनिट के जरिए मापा जाता है। नोवल कोरोनो वायरस के लिए R0 कहीं न कहीं 1 से 4 के बीच होता है। माना जाता है कि Covid-19 के मामले में R0 2.5 है।

उल्लेखनीय है इसी धारणा के आधार पर गणना करते हुए शोधकर्ताओं ने पाया कि बिना किसी आइसोलेशन या सेल्फ आइसोलेशन का पालन किए एक Covid-19 रोगी 30 दिनों के भीतर 406 लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित कर सकता है, लेकिन अगर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाता है तो यह संख्या मात्र 2.5 तक कम हो जाती है।
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