केरल CM VD Satheesan के नए Cabinet में मंत्री बनने वाले 20 MLA कौन? 6 दशक बाद केरल में लौटी पुरानी परंपरा
Kerala CM VD Satheesan Cabinet: केरल की राजनीति में सोमवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। करीब छह दशक बाद ऐसा हुआ, जब केरल में मुख्यमंत्री ने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ एक ही मंच से शपथ ली। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में हुए इस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।
नई यूडीएफ सरकार में कुल 20 मंत्री बनाए गए हैं, जो 6 अलग-अलग दलों से आते हैं। यही वजह है कि यह कैबिनेट सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि केरल की गठबंधन राजनीति का नया मॉडल भी मानी जा रही है।

60 साल बाद लौटी पुरानी परंपरा
केरल में आखिरी बार 1962 में ऐसी तस्वीर देखने को मिली थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री आर शंकर ने पूरी कैबिनेट के साथ शपथ ली थी। हालांकि उनकी सरकार 1964 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद गिर गई थी। अब 2026 में वीडी सतीशन ने उसी परंपरा को दोबारा जिंदा किया है।
राजनीतिक जानकार इसे सिर्फ प्रतीकात्मक कदम नहीं मान रहे, बल्कि इसे यूडीएफ के अंदर एकजुटता दिखाने की कोशिश भी बता रहे हैं। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री के साथ सभी मंत्रियों ने एक साथ शपथ लेकर गठबंधन की ताकत का संदेश दिया।
आखिर कौन हैं नए 20 मंत्री? (Full List Of 20 Ministers)

कांग्रेस से मंत्री बने नेता
- रमेश चेन्निथला
- सनी जोसेफ
- के मुरलीधरन
- एपी अनिल कुमार
- पीसी विष्णुनाथ
- रोजी एम जॉन
- बिंदु कृष्णा
- एम लिजू
- टी सिद्दीकी
- केए थुलसी
- ओजे जनीश
IUML से मंत्री
- पीके कुन्हालीकुट्टी
- एन शमसुद्दीन
- केएम शाजी
- पीके बशीर
- वीई अब्दुल गफूर
अन्य दलों से मंत्री
- मॉन्स जोसेफ
- अनुप जैकब
- शिबू बेबी जॉन
- सीपी जॉन
कैबिनेट में 14 नए चेहरे (14 Fresh Faces In Cabinet)
नई सरकार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कैबिनेट में 14 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। कांग्रेस ने युवा और नए चेहरों पर बड़ा दांव खेला है। राजनीतिक तौर पर इसे जनरेशन शिफ्ट माना जा रहा है।
पहली बार मंत्री बनने वालों में पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदु कृष्णा, टी सिद्दीकी और ओजे जनीश जैसे नाम शामिल हैं। वहीं IUML ने भी नए नेताओं को मौका देकर साफ संकेत दिया है कि पार्टी अब नई पीढ़ी को आगे बढ़ाना चाहती है।
स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद भी कांग्रेस के पास (Speaker Post Strategy)
नई सरकार में कांग्रेस ने विधानसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर दोनों अहम पद अपने पास रखे हैं। तिरुवनचूर राधाकृष्णन को स्पीकर बनाया गया है, जबकि शनिमोल उस्मान डिप्टी स्पीकर होंगी।
22 मई को विधानसभा अध्यक्ष का औपचारिक चुनाव होगा। इसके बाद 29 मई को राज्यपाल का अभिभाषण और जून के पहले हफ्ते तक बजट पेश होने की संभावना है।
राहुल गांधी की पसंद कोई और, लेकिन CM बने सतीशन (CM Face Suspense Explained)
केरल चुनाव परिणाम 4 मई को आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। कांग्रेस के भीतर वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के नाम चर्चा में थे।
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी की पहली पसंद केसी वेणुगोपाल थे। वहीं कुछ वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला के समर्थन में भी थे। लेकिन राज्य इकाई के ज्यादातर कार्यकर्ता और यूडीएफ के सहयोगी दल वीडी सतीशन के पक्ष में खड़े हो गए।
वायनाड समेत कई इलाकों में सतीशन के समर्थन में पोस्टर तक लगाए गए। समर्थकों ने साफ संदेश दिया कि अगर हाईकमान ने स्थानीय नेताओं की राय नजरअंदाज की, तो इसका असर भविष्य की राजनीति पर पड़ सकता है।
आखिरकार कांग्रेस हाईकमान ने लंबी चर्चा के बाद वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगा दी। 14 मई को पार्टी ने आधिकारिक घोषणा की कि वही केरल के नए मुख्यमंत्री होंगे।
नई सरकार से क्या उम्मीदें?
वीडी सतीशन सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक स्थिति सुधारने और बेरोजगारी कम करने की होगी। इसके अलावा कांग्रेस को यह भी साबित करना होगा कि गठबंधन सरकार स्थिर तरीके से चल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यूडीएफ सरकार शुरुआती महीनों में मजबूत फैसले लेती है, तो केरल की राजनीति में लंबे समय बाद कांग्रेस की पकड़ और मजबूत हो सकती है।














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