Ali Khamenei Burial: 132 दिनों बाद दफन हुए अली खामेनेई, कौन-कौन था आखिरी वक्त में साथ?- Video

Ali Khamenei Burial: 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिकी हवाई हमले में मरने के 4 महीने से भी ज्यादा वक्त बीत जाने बाद आखिरकार शुक्रवार को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। जब अली खामेनेई के शव को दफनाया जा रहा था तब भी ईरान में अमेरिका के हमले जारी थे। अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर इतने ताबड़तोड़ हमले किए हैं कि अब दोनों देशों के बीच एक बार फिर महायुद्ध छिड़ गया है। वहीं ईरान ने बहरीन और कुवैत पर हमला कर बता दिया है कि उसके लड़ने का जज्बा अभी भी बरकरार है और वह इस लड़ाई में बिल्कुल भी पीछे नहीं हटने वाला।

मशहद में उमड़ी भीड़, लेकिन नए सुप्रीम लीडर रहे नदारद

खामेनेई के पार्थिव शरीर को ईरान के नेशनल फ्लैग में लिपटे ताबूत में उनके गृहक्षेत्र मशहद की प्रसिद्ध 'इमाम रजा दरगाह' लाया गया। लोग दरगाह के बाहर अपने लीडर को आखिरी विदाई देने के लिए उमड़ पड़े। 6 दिन चले इस जनाजे में सबसे अजीब बात थी कि उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई पूरे कार्यक्रम में नजर नहीं आए। वे सिर्फ लिखित में बयान जारी करते हैं और ईरान का सरकारी मीडिया उन्हें पढ़ देता है। हालांकि उनकी गैरमौजूदगी में ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ समेत कई बड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।

Ali Khamenei Burial

"हे ट्रंप! वी विल किल यू" के लगे नारे

अंतिम संस्कार में मौजूद काले कपड़ों आए लोग बड़े-बड़े पोस्टर हाथ में लेकर ट्रंप का विरोध कर रहे थे। इन पोस्टरों पर अंग्रेजी में लिखा था 'हे ट्रंप! वी विल किल यू' लिखा हुआ था। ये नारेबाजी ट्रंप के खिलाफ हमले के पहले दिन से चल रही थी। लेकिन जैसे ही खामेनेई का जनाजा निकला तो पूरे ईरान में इस तरह की नारेबाजी तेज हो गई।

Ali Khamenei Burial Delay: खामेनेई की आखिरी विदाई पर ब्रेक! किस वजह से टाला गया सुपुर्द-ए-खाक? अब कब होगा?
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दो दिन से फिर शुरू हुए हमले

वहीं, बुधवार को ट्रंप ने जैसे ही सीजफायर तोड़ने का ऐलान किया तो दोनों देशों के बीच एक बार फिर बदले की कार्रवाई शुरू हो गई। दोबारा शुरू हुए इस युद्ध में अब तक ईरान 17 लोग मारे जा चुके हैं। जबकि मशहद को अलग-अलग जगहों से कनेक्ट करने वाली रेल लाइन भी टूट गई है। हालात ये बने कि अली खामनेई के जनाजे में शामिल होने के लिए बसों का इंतजाम करना पड़ा। दूसरी तरफ ईरान ने भी बहरीन और कतर में कई जगहों पर कहर बरपाया। उधर इजरायल भी अमेरिका से इजाजत मिलने का इंतजार कर रहा अगर उसे परमीशन मिल जाएगी तो वह फिर से हमले शुरू कर देगा।

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