Indore News: सोनिया गांधी के लिए कांग्रेसियों ने संभाला मैदान, सरकार पर लगाया बड़ा आरोप
मध्यप्रदेश के इंदौर में नेशनल हेरॉल्ड मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट फाइल किए जाने से कांग्रेस में आक्रोश व्याप्त है, इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रवर्तन निदेशालय इंदौर कार्यालय पर प्रदर्शन किया, और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा, जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव, कांग्रेस पार्षद सोनिला मिमरोट और कांग्रेस नेता देवेंद्र सिंह यादव समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में लिखा कि, सादर निवेदन है कि, जब भारत 75 वर्षों से अधिक पुराने लोकतंत्र की विरासत का दावा करता है तब देश के भीतर एक खतरनाक प्रवृत्ति लगातार गहराती जा रही है केंद्र सरकार द्वारा सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग की। विशेष रूप से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई लोकतंत्र की आत्मा को निरंतर घायल कर रही है!
हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध नेशनल हेराल्ड प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा आरोप पत्र दाखिल किया गया है। यह न केवल अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि स्पष्ट रूप से यह केंद्र सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की संकीर्ण मानसिकता का भी प्रतीक है।
जिस परिवार ने इस देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर किया जिनके अपने बलिदान हुए उस गांधी. नेहरू परिवार को केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार बार बार अपमानित करने का असफल प्रयास कर रही है। 2014 से लगातार यह देखा जा रहा है कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ ईडी सीबीआई आईटी जैसी एजेंसियों का मनमाना उपयोग किया जा रहा है! इससे यह स्पष्ट है कि यह एक राजनीतिक हथियार के रूप में एजेंसियों को प्रयोग करने की रणनीति है।
हम महामहिम से निम्नलिखित मांग करते हैं
1 आप भारत के संविधान के संरक्षक हैं कृपया इस गंभीर प्रकरण में स्वतः संज्ञान लें और केंद्र सरकार से जवाब तलब करें कि बिना किसी मूल शिकायत के किस आधार पर वर्षों पुराने प्रकरण को पुनः खोलकर विपक्ष के शीर्ष नेताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है।
2 राजनीतिक प्रतिद्वंदिता की आड़ में लोकतंत्र को कुचलने की साजिश को रोका जाए। देश की संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बचाने हेतु भी आप तत्काल हस्तक्षेप करें।
3 इस प्रकार की कार्रवाइयों पर तत्काल निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक जांच की व्यवस्था हो जिससे देश की जनता के बीच एजेंसियों की निष्पक्षता और लोकतंत्र की साख बची रह सके। यह ज्ञापन मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार प्रदेश भर की सभी जिला तहसील और संभागीय कांग्रेस इकाइयों द्वारा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा जा रहा है ताकि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक जनता और जनप्रतिनिधियों की असहमति दर्ज हो सके।
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