Ram Mandir Chanda Chori: शेयर बाजार में निवेश-ब्याज पर बांटा चंदे का पैसा? Champat Rai समेत 3 के VIP पास ब्लॉक
Ayodhya Ram Mandir Chanda Chori: राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर के दान-पात्र का पैसा सिर्फ हेराफेरी तक सीमित नहीं रहा। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर गबन की रकम का कुछ हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया और कुछ हिस्सा ब्याज पर घुमाया गया। इतना ही नहीं, कई लेन-देन रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के बैंक खातों के जरिए किए गए।

आपको बता दें कि जून के पहले सप्ताह में अयोध्या में राम मंदिर में दान की गिनती में कथित गड़बड़ी का पता चलने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक SIT का गठन किया। SIT को हेराफेरी के शुरुआती सबूत मिले, जिसके बाद FIR दर्ज की गई और मंदिर में दान की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आइए विस्तार से जानते हैं...
आरोपियों के रिश्तेदारों निशाने पर, 30 बैंक खाते फ्रीज
जांच के तहत, पुलिस गुरुवार (9 जुलाई) सुबह आरोपी अनुकल्प मिश्रा को उसके घर ले गई और करीब 20 मिनट तक तलाशी ली। उसके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई। बुधवार (8 जुलाई) को, पुलिस इसी तरह सह-आरोपी लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को उनके घरों पर ले गई थी, जहां तलाशी भी ली गई थी। पुलिस ने इन तीनों आरोपियों के रिश्तेदारों के 30 बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं।
सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि इन खातों में खाताधारकों की ज्ञात आय के स्रोतों के मुकाबले बहुत ज्यादा लेन-देन हुआ था। सूत्र यह भी बताते हैं कि तीनों आरोपियों के घरों पर की गई तलाशी में नकदी के बंडल, सोने के गहने (जिनमें झुमके और लॉकेट शामिल हैं) और एक कार बरामद हुई। हालांकि, पुलिस ने बरामद नकदी की रकम या यह नहीं बताया कि जब्त की गई चीजें किसके घर से मिलीं।
आरोपियों ने कबूला: शेयर बाजार और ब्याज पर उधार दिया दान का पैसा
सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान, अनुकल्प मिश्रा और सह-आरोपी अविनाश ने कथित तौर पर माना कि दान के चोरी हुए पैसे को शेयर बाजार में लगाया गया था और ब्याज पर उधार भी दिया गया था। उन्होंने कथित तौर पर करीबी सहयोगियों और रिश्तेदारों के बीच पैसे बांटे और बाद में लेन-देन को छिपाने के लिए पैसे वापस अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। अनुकल्प मिश्रा से पूछताछ के बाद, पुलिस ने अयोध्या में उसके घर पर छापा मारा, जहां उन्हें उसके नाम पर एक एकड़ जमीन खरीदने से जुड़े दस्तावेज मिले।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दस्तावेजों के अनुसार, जमीन लगभग 6.7 लाख रुपये में खरीदी गई थी। हालांकि, इसकी मौजूदा बाजार कीमत कई गुना ज्यादा मानी जा रही है।
Champat Rai समेत 3 के VIP पास ब्लॉक
सूत्रों ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की उन डिजिटल ID को निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया है, जिनका इस्तेमाल VIP दर्शन पास जारी करने के लिए किया जाता था। मंदिर प्रशासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह फैसला कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन की अध्यक्षता वाले नए मंदिर प्रशासन ने लिया है। यह कदम प्राथमिकता वाले प्रवेश पास जारी करने में कथित अनियमितताओं को रोकने के उपायों के तहत उठाया गया है।
ID निष्क्रिय होने के कारण, अब उनके डिजिटल क्रेडेंशियल या सिफारिशों के माध्यम से कोई 'सुगम' या 'विशिष्ट दर्शन' पास जारी नहीं किया जा सकेगा। यह कदम अयोध्या में राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा की जा रही जांच के बीच उठाया गया है।
6 जुलाई को चंपत राय का इस्तीफा स्वीकारा गया
बीती 6 जुलाई को चंपत राय का ट्रस्ट के महासचिव पद से दिया गया इस्तीफा स्वीकारा गया। उनकी जगह पूर्व भारतीय वन सेवा अधिकारी कृष्ण मोहन को नियुक्त किया गया, जिन्होंने इस मामले में FIR भी दर्ज कराई थी। ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया, जबकि ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। FIR में तीनों में से किसी को भी आरोपी नहीं बनाया गया है।
(PTI इनपुट के साथ)













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