MP में कलेक्टर बने टीचर, स्मार्ट क्लास में स्टूडेंट्स को बताए स्मार्ट छात्र बनने के फार्मूले
खरगोन कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा स्कूली छात्रों के बीच पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों को स्मार्ट क्लास में स्मार्ट स्टूडेंट बनने के फॉर्मूले बताए. वहीं अब एक बार फिर कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा का अलग अंदाज सामने आया है।

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खरगोन कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा इन दिनों अलग-अलग अंदाज में जनता के बीच पहुंच रहे हैं, जहां कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा लगातार मैदान में उतर कर निरीक्षण करते नजर आ रहे हैं। इस बीच कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा स्कूली छात्रों के बीच भी पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों को स्मार्ट क्लास में स्मार्ट स्टूडेंट बनने के फॉर्मूले बताएं, इससे पहले भी कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा अलग-अलग स्कूलों और प्रयोगशालाओं में जाकर छात्रों से सीधा संवाद स्थापित कर चुके हैं। वहीं अब एक बार फिर कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा का अलग अंदाज सामने आया है।
कुछ इस तरह पढ़ाया पाठ
महेश्वर स्थित सीएम राइज स्कूल में पहुँचते ही कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने छात्रों से कहा कि, आज आप लोगों को नया टीचर पढ़ाने आया है। इसके बाद कलेक्टर वर्मा ने प्रॉफिट और लॉस के फार्मूले बताकर स्मार्ट तरीके से गणित के प्रश्न हल करने तथा पहाड़े ज्ञात करने की तकनीकें सिखाई। उन्होंने कहा कि, रीडिंग लेस और लर्निंग मोर से ही पढ़ाई में स्मार्ट हो सकते हैं। यहां छात्रों को इंग्लिश के एक वाक्य को 36 प्रकार से लिखने और व्यक्त करने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इंग्लिश के टेन्स में 36 प्रकार से एक बात को कैसे व्यक्त कर सकते हैं। इस के बारे में विस्तार से बतलाया।
छात्रों का किया मार्गदर्शन
खरगोन के कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने इससे पहले भी अलग अलग तरीकों से छात्रों को अपना मार्गदर्शन दिया है, जिसमें उन्होंने रिडेन्टिफिकेशन योजना के तहत एसडीएम कसरावद आवास बनाया जाना है। इसके लिए कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा और मप्र हाउसिंग के डिप्टी कमिश्नर महेंद्र सिंह व कार्यपालन यंत्री पीके मेहता ने संयुक्त रूप से पुराना जर्जर अवस्था वाला तहसील कार्यालय का अवलोकन किया। इस परिसर में निमाड़ लायब्रेरी का भी अवलोकन करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को मार्गदर्शन भी दिया। कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने मप्र भूगोल को समझने की विभिन्न तरीके सुझाये।
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