Womens Day: 'अबला नहीं सबला', देश की इन दिग्गज महिलाओं ने संविधान सभा में निभाई अनोखी भूमिका
Women's Day: आज 8 मार्च को पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का जश्न मना रहा है। आज के इस दौर में महिलाएं सशक्त और प्रखर हो रही हैं उन्हें अपने अधिकारों से लेकर कर्तव्यों तक ज्ञान है। भारत जैसे पितृसत्तात्मक समाज में महिलाओं के अस्तित्व को उजागर करने में देश की महान नारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
संविधान सभा में 299 सदस्य थें जिनमें 15 महिलाएं थीं जो देश के अलग-अलग हिस्से से तो थी लेकिन मकसद केवल एक था..महिलाओं के अधिकार का..

आज इस लेख में हम देश की उन महान महिलाओं के बारे में बात करेंगे जिन्होंने महिला अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है।
Womens Day: संविधान में 'नारी शक्ति' का योगदान
हमारे देश का जब संविधान बन रहा था उस दौर में समाज में पुरुषों का वर्चस्व था और स्त्रियां अपने हक से वंचित थीं। अमेरिका जैसे देश में संविधान सभा में एक भी महिला नहीं थी तब हमारे देश की इन 15 महिलाओं ने स्त्री के अधिकारों के लिए पुरजोर समर्थन कर रही थीं।
बेगम कुदसिया एजाज़ रसूल
- संविधान सभा में एकमात्र मुस्लिम महिला जो संविधान सभा का हिस्सा थीं
- मुस्लिम लीग की सदस्य भी थीं
- महिला शिक्षा की समर्थक
- मूल अधिकार और स्त्री-पुरुष समानता की मांग
दकश्यानी वेलायुधन
- संविधान सभा की एकमात्र दलित महिला सदस्य
- संविधान सभा में हिंदु-मुस्लिम, आरक्षण और छुआछूत के मुद्दे पर प्रखर
- विज्ञान स्नातक करने वाली पहली दलित महिला
हंसा मेहता
- ये भारत की इकलौती दलित महिला
- संविधान सभा में महिलाओं के तलाक के अधिकार का समर्थन
- संविधान सभा में समान नागरिक अधिकारों की भी वकालत
राजकुमारी अमृत कौर
- देश की पहली स्वास्थ्य मंत्री
- ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस यानी एम्स की स्थापना
विजया लक्ष्मी पंडित
- संविधान सभा के लिए भारतीय संविधान सभा का आह्वान करने वाली पहली नेता
- वे संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली महिला अध्यक्ष
सुचेता कृपलानी
- भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रियता
- हिंदू मैरिज बिल का समर्थन
- UCC का समर्थन
अम्मू स्वामीनाथन
- महिलाओं के मान-सम्मान और अधिकारों के लिए जीवन भर समर्पित रहीं
- संविधान सभा में महिलाओं से जुड़े हर मुद्दे पर मुखर
- 1917 में मद्रास में महिला भारत संघ बनाया
सरोजनी नायडू
- हैदराबाद में जन्मीं और सदैव अपने सशक्त अंदाज
- एकमात्र ऐसी महिला हैं,जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष थी।
- हिंदू-मुस्लिम एकता की पक्षधर
लीला रॉय
- संविधान सभा में बंगाल राज्य की इकलौती महिला
- समाज में महिला अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी
- फॉरवर्ड ब्लॉक की सदस्य
कमला चौधरी
- महिलाओं को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ने का काम किया
- 6 बार जेल गईं।
दुर्गाबाई देशमुख
- ये 1936 में आंध्र महिला सभा की स्थापना की
- महिला शिक्षा और अधिकार पर काफी काम किया।
- योजना आयोग की सदस्य भी रही थीं।
मालती चौधरी
- पूर्वी बंगाल में जन्मीं
- स्वतन्त्रता आंदोलन में भाग लिया
- संविधान सभा की 15 महिलाओं में से एक
रेणुका रे
- 1934 में IEWC के कानूनी सचिव के रूप में काम किया
- भारतीय महिलाओं में जो कानूनी अज्ञानता पर एक दस्तावेज भी लिखा
- संविधान सभा की सदस्य थी
- इनके नाम पर पीछड़े वर्ग के लिए 'रेणुका रे कमेटी' बनी
एनी मसकैरिनी
- ये केरल से चुनीं गई पहली महिला सांसद थीं
- संविधान निर्माण में मुख्य भूमिका निभाई
पूर्णिमा बनर्जी
- ये इलाहाबाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सचिव थीं।
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