Women's Day पर IAS इरा सिंघल की कहानी, दिव्यांगता भी नहीं रोक सकी जिसकी मंजिल

Women's Day 2025: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को है। इस विशेष मौके पर देश के विभन्न महिलाओं के विषय में हम जानने का प्रयास करेंगे जिसने सारी परिस्थितियों को चुनौती देते हुए सफलता हासिल की। इसी कड़ी में हम जानेंगे IAS ऑफिसर इरा सिंघल के बारे में...

IAS इरा सिंघल ने तीन बार सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद, उन्हें अपनी विकलांगता के कारण अस्वीकृति का सामना करना पड़ा। इरा सिंघल ने अपने जीवन में जितना संघर्ष किया है उतना ही वो निखर के दुनिया के सामने आई है। वो रीढ़ के विकार (कूबड़) से पीड़ित है।

ira singhal

जिसे स्कोलियोसिस कहा जाता है लेकिन उन्होंने इस बिमारी को कभी सफलता के बीच में नहीं आने दिया। सार्वजनिक सेवा के प्रति उनके जुनून ने उन्हें सफलता की बुलंदियों पर पहुंचा दिया। उन्होंने ठान लिया कि इस तरह की चुनौतियों का सामना करने वाले अन्य लोगों की भी वो मदद करेगी। वन इंडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने युवाओं से खास अपील की है।

उन्होंने लड़कों और लड़कियों से कहा कि वो ऐसा काम बिलकुल ना करें जिससे उनके माता-पिता को शर्मिंदगी झेलनी पड़े और आप भी शर्म महसूस करो। जब आप ऐसे काम नहीं करेंगे तभी आप किसी की बात का विरोध कर सकोगे और खुद पर हो रही प्रताड़ना के खिलाफ भी आवाज उठा पाओगे। इरा सिंघल ने खासकर लड़कियों को सलाह दी कि जो आपसे छेड़छाड़ करता है उसके खिलाफ शिकायत जरूर दर्ज कराएं और बाकी लोगों को भी इसकी जानकारी दें।

2014 में यूपीएससी परीक्षा में टॉप करने वाली IAS अधिकारी इरा सिंघल ने महिलाओं के जीवन में आने वाली कठिनाईयों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि उन्हें उन सेवाओं द्वारा अस्वीकार कर दिया गया जो विकलांग लोगों को स्वीकार नहीं करती थीं। उनके दृढ़ संकल्प ने उन्हें इन अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना ​​है कि अगर नीतियां गलत हैं तो बदलाव लाने के लिए उन्हें चुनौती दी जानी चाहिए।

सिंघल ने पुणे बलात्कार मामले जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताया। उन्होंने लड़कों को महिलाओं के प्रति सम्मान के साथ बड़ा करने और बुरे व्यवहार पर शुरुआत से ही रोक लगाने के महत्व पर जोर दिया। उनका मानना ​​है कि सहानुभूति और समझ ऐसे अपराधों को रोक सकती है।

इरा सिंघल ने कहा कि जिन महिलाओं को सफल होना है उन्हें दूसरों की राय के बारे में चिंता करना बंद करना चाहिए। वो अपना पूरा ध्यान अच्छा इंसान बनने के लिए केंद्रित करे। वो समाज की बातों को उनके आलोचनाओं को अपने कार्य के उपर हावी न होने दे। यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत और स्मार्ट वर्क करने की सलाह दी। इरा यूपीएससी की तैयारी के साथ-साथ प्लान बी के महत्व पर भी जोर देती हैं। वो कहती हैं कि किसी भी व्यक्ति को किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना चाहिये।

2010, 2011 और 2013 तीनों साल यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाली इरा सिंघल उत्तर प्रदेश राज्य के मेरठ की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली स्थित नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक किया और आगे जाकर डीयू से एमबीए की डिग्री हासिल की।

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इन्होंने कोका कोला कंपनी में मार्केटिंग इंटर्न और इसके बाद कैडबरी इंडिया में बतौर स्ट्रेटजी मैनेजर भी कार्य किया है। बता दे कि इरा ने बचपन में अपने जिले में कई बार कर्फ्यू देखा था। उन्हें यह बताया जाता था कि डीएम काफी पावरफुल होते है बस क्या था उन्होंने भी सपना देख लिया कि वो भी एक दिन बड़ा होकर IAS बनेगी।

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