UP चुनाव हार जाएगी BJP? अखिलेश यादव की चुनौती को क्या स्वीकार करेगी भाजपा, सपा मुखिया के बयान से हलचल
Akhilesh Yadav News: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा अभी से सातवें आसमान पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसने राज्य की पूरी सियासत में भूचाल ला दिया है। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी के गंभीर आरोपों को ढाल बनाकर अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को सीधे चुनाव मैदान में उतरने का खुला चैलेंज दे दिया है।
अखिलेश यादव ने साफ कहा कि बीजेपी अगर खुद को इतनी मजबूत समझती है, तो नवंबर का इंतजार न करे, बल्कि इसी सितंबर में ही विधानसभा चुनाव कराकर देख ले। जनता इस बार इन्हें सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है। अखिलेश यादव ने साफ-साफ कहा है कि अगर सितंबर में यूपी चुनाव हो जाए तो भाजपाा चुनाव हार जाएगी। ऐसे में सोशल मीडिया पर बातें चल रही हैं कि क्या योगी आदित्यनाथ की सरकार इस चुनौती को स्वीकार करेगी।

अखिलेश यादव ने कहा,
"जो लोग चुनाव नवंबर में कराना चाहते हैं, सितंबर में आप चुनाव करा कर देखिए। राम मंदिर दान चोरी से बीजेपी विधानसभा चुनाव हारेगी। भाजपा 2024 लोकसभा चुनाव में सीटें कम क्यों हुई क्योंकि उन्होंने अयोध्या की जमीनें लेकर लोगों को सही मुआवजा नहीं दिया था। अब ये चंदा चोरी से यूपी विधानसभा चुनाव भी हारेंगे। भाजपा से अब पूरे देश में नाराजगी बढ़ रही है।''
अखिलेश यादव बोले- "प्रभु राम खुद करेंगे इनका हिसाब"
अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग अपनी गाढ़ी कमाई से भगवान के चरणों में गुप्तदान देते हैं, ये लोग उसका भी हिसाब-किताब डकार रहे हैं। यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि साक्षात भगवान के घर में डाली गई डकैती है।
बीजेपी पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "ये सारे कारनामे इनकी रोज की आदतों में शामिल हैं, लेकिन इस बार इनकी यह चोरी रंगे हाथों पकड़ी गई है। मर्यादा का पहला नाम भगवान राम है और दूसरा नाम हमारा देश का संविधान है। इन्होंने पहले जनता की आस्था और मर्यादा के साथ खिलवाड़ किया और अब ये लोकतंत्र व संविधान को निशाना बना रहे हैं। भगवान राम इस पाप के लिए इन्हें कभी माफ नहीं करेंगे और खुद ही इनका अंतिम हिसाब करेंगे। अब समाजवादी पार्टी इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ गांव-गांव जाकर 'पर्ची' छपवाने का काम करेगी ताकि जनता को इनकी असलियत पता चल सके।"
अखिलेश यादव ने मांग की कि अगर यूपी सरकार वाकई भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलती है, तो राम मंदिर का चढ़ावा चुराने के आरोप में जो लोग भी गिरफ्तार हुए हैं, उनके घरों पर भी तुरंत बुलडोजर चलना चाहिए। कानून की कार्रवाई में यह भेदभाव बिल्कुल नहीं चलेगा।
'फ्रॉड प्रदेश' बन गया है उत्तर प्रदेश
अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर भी डबल इंजन सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस राज्य में खुद भगवान के मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद करके चढ़ावा साफ कर दिया जाता हो, वहां आम जनता की सुरक्षा की क्या गारंटी होगी। आज यूपी पूरे देश में 'फ्रॉड प्रदेश' बन चुका है, जहां सबसे ज्यादा साइबर ठगी की वारदातें हो रही हैं।
गड़बड़ियों का उदाहरण देते हुए अखिलेश यादव ने कहा,
"देश के प्रधानमंत्री ने जिस बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का इतने जोर-शोर से फीता काटा था, वह पहली ही बारिश का पानी नहीं झेल पाया और ढह गया। इसके बाद गंगा एक्सप्रेस-वे के काम में भी भारी तकनीकी कमियां और धांधली सामने आ चुकी हैं। असलियत यह है कि इस सरकार का हर एक काम सिर्फ और सिर्फ कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की नींव पर टिका हुआ है।"
2024 तो सिर्फ झांकी थी, 2027 में पूरा सफाया तय
अखिलेश यादव ने विश्लेषण करते हुए कहा कि बीजेपी सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जनता का भरोसा खो चुकी है। उन्होंने याद दिलाया कि अयोध्या में विकास के नाम पर स्थानीय लोगों की जमीनें छीन ली गईं और उन्हें रहने के लिए सही मुआवजा तक नहीं दिया गया, इसी नाराजगी की वजह से बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या (फैजाबाद सीट) हार गई।
अब चंदे और चढ़ावे की चोरी की यह बात उत्तर प्रदेश के कोने-कोने और गांव-गांव तक फैल चुकी है। अखिलेश ने दावा किया कि इस बार के विधानसभा चुनाव में जनता न तो बीजेपी को कोई चंदा देने वाली है, न ही इन्हें कोई वोट मिलने जा रहा है।
उन्होंने गर्व से कहा कि समाजवादी पार्टी ही उत्तर प्रदेश की इकलौती ऐसी ताकत है जो आज तक अंदरूनी तौर पर कभी नहीं टूटी, और वह भाईचारे व सौहार्द का देश बनाने के लिए लगातार लड़ती रहेगी। थानों को बीजेपी नेताओं के इशारे पर चलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अब जनता ही इस भ्रष्ट तंत्र का अंत करेगी।
चंपत राय पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह थी कि उनके साथ अयोध्या के 'मंदिर राम निवास' के पंच प्रमुख हरिशंकर साफरीवाला भी मंच पर मौजूद थे। साफरीवाला ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर सीधे तौर पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए।
हरिशंकर साफरीवाला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, "हमारा 'मंदिर राम निवास' भगवान श्रीराम के मुख्य मंदिर के बिल्कुल पास स्थित है। चंपत राय ने हमारे इस ऐतिहासिक मंदिर पर जबरन कब्जा जमा लिया है। जब हमने इसका विरोध किया तो इस पूरे मामले को रफा-दफा करने और हमारा मुंह बंद रखने के लिए उन्होंने हमें करोड़ों रुपये का लालच भी दिया था।
यही नहीं हमारे मंदिर का जितना भी चढ़ावा आता था, उसे भी चंपत राय ने खुद रख लिया। यह आस्था के नाम पर सिर्फ धर्म का धंधा चलाया जा रहा है। हमने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के बहुत चक्कर काटे, लेकिन इस योगी सरकार में हमारी कोई सुनने वाला नहीं है।"














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