महाराष्ट्र की अहमदनगर सीट से चुनाव मैदान में उतरे पति-पत्नी, सामने आई ये वजह
मुंबई। महाराष्ट्र की अहमदनगर लोकसभा सीट पर बड़ा ही अजीब मामला देखने को मिला है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी ने पहले सुजय विखे पाटिल का नामांकन भराया और फिर उसके बाद उनकी पत्नी धनश्री पाटिल ने भी इसी सीट से नामांकन किया है। ऐसा इसलिए कराया गया क्योंकि किसी वजह से सुजय का पर्चा रद्द हो जाए तो उनकी पत्नी चुनाव मैदान में बनी रहें और पार्टी को भी किसी भी तरह से कोई दिक्कत न हो।

इसको लेकर गुरुवार को सुजय के ऑफिस की ओर से कहा गया है कि यह एक एहतियाती कदम है, तकनीकी कारण से अगर सुजय के नॉमिनेशन में कोई दिक्कत होती है तो उनकी पत्नी की दावेदारी बरकरार रह सके। बता दें कि अहमद नगर की सीट फिलहाल बीजेपी के कब्जे वाली सीट और दिलिप गांधी यहां से मौजूदा सांसद हैं लेकिन इस बार भाजपा ने उनको टिकट नहीं दिया है। उनकी जगह सुजय को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है।
कांग्रेस वरिष्ठ नेता राधा कृष्ण विखे पाटिल के बेटे हैं
कांग्रेस वरिष्ठ नेता राधा कृष्ण विखे पाटिल के बेटे सुजय पाटिल ने हाल ही में बीजेपी ज्वाइन की है। बीजेपी में शामिल होने से पहले वो अहमदनगर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक थे लेकिन कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन की वजह से यह सीट एनसीपी के खाते में चली गई। एनसीपी ने सुजय को टिकट देने से इनकार कर दिया। इसके बाद नाराज सुजय पाटिल ने कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए और भाजपा ने उनको टिकट भी दे दिया। 2014 में नरेंद्र मोदी और बीजेपी-शिवसेना (BJP-SS) के गठबंधन का जादू महाराष्ट्र के मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला था। राज्य की 48 में से 42 सीटों पर इनको जीत मिली थी। कांग्रेस और एनसीपी (NCP) सिर्फ 6 सीटों में सिमट कर रह गई थी। लेकिन, 2019 की परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं।
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