US Iran Peace Talk: खाड़ी में युद्ध के बीच शांति की आहट? ट्रंप ने ‘Project Freedom' पर क्यों लगाई अस्थायी रोक?
US Iran Peace Talk: पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) में जारी भीषण तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान करते हुए 'Project Freedom' को कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है, हालांकि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी पहले की तरह जारी रहेगी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चरम पर है और अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह नाकेबंदी कर रखी है।ट्रंप ने 'Project Freedom' पर क्यों लगाई अस्थायी रोक, क्या है अमेरिका की स्ट्रैटेजी...

क्या है Project Freedom? क्यों लिया गया रोक का फैसला?
'Project Freedom' एक अमेरिकी पहल थी, जिसका उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना था। यह इलाका वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई होती है। हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कई देशों के जहाज इस मार्ग में फंस गए थे।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर बताया कि यह फैसला पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध के बाद लिया गया है। पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच संभावित समझौते की कोशिश कर रहा है।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अभियान में अमेरिका को "महत्वपूर्ण सैन्य सफलता" मिली है और साथ ही ईरानी प्रतिनिधियों के साथ समझौते की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए Project Freedom को कुछ समय के लिए रोका गया है, ताकि यह देखा जा सके कि क्या दोनों देशों के बीच अंतिम समझौता हो सकता है।
कैसे शुरू हुआ था यह ऑपरेशन? नाकाबंदी जारी रहेगी
हालांकि Project Freedom पर रोक लगाई गई है, लेकिन ट्रंप ने साफ किया कि ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह लागू रहेगी। इसका मतलब है कि क्षेत्र में सैन्य दबाव अभी भी बरकरार रहेगा। रविवार, 3 मई को ट्रंप ने Project Freedom की घोषणा की थी, जिसके तहत US Central Command (CENTCOM) ने सोमवार से ऑपरेशन शुरू किया।
इस मिशन में अमेरिका ने बड़े पैमाने पर सैन्य ताकत तैनात की थी, जिसमें गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर, 100 से ज्यादा हवाई और समुद्री विमान, कई मल्टी-डोमेन ड्रोन प्लेटफॉर्म औऱ करीब 15,000 सैनिक शामिल हैं। इसका मकसद था कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग को सुरक्षित रखते हुए फंसे जहाजों को बाहर निकाला जा सके।
क्या होगा इसका वैश्विक असर, क्या होगी आगे की रणनीति
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है, ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव दुनिया भर के तेल बाजार और व्यापार को प्रभावित कर सकता है। Project Freedom पर अस्थायी रोक यह संकेत देती है कि अमेरिका अब कूटनीतिक समाधान की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है, जबकि सैन्य दबाव बनाए रखे हुए है।
डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला एक दोहरी रणनीति को दर्शाता है एक ओर ईरान पर दबाव बनाए रखना और दूसरी ओर बातचीत के जरिए समाधान तलाशना। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता हो पाता है या फिर खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ेगा।












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