कौन बन सकता है भारत का नया शिक्षा मंत्री? किन महिलाओं को मिलेगी मोदी कैबिनेट में एंट्री? क्या है अपडेट
Modi Cabinet Reshuffle 2026: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होना है और उससे पहले या उसके बाद कैबिनेट में फेरबदल कभी भी हो सकता है। इस बार के विस्तार में कई चौंकाने वाले फैसले देखने को मिल सकते हैं, जिसमें कुछ बड़े और कद्दावर मंत्रियों की विदाई तय मानी जा रही है, तो वहीं कुछ नए और युवा चेहरों को मौका मिलने की उम्मीद है।
नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के बाद से ही इस बात की चर्चा सबसे तेज है कि क्या धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्रालय वापस ले लिया जाएगा? अगर ऐसा होता है तो भारत का नया शिक्षा मंत्री कौन बनेगा? साथ ही यह भी सवाल है कि क्या इस बार मोदी कैबिनेट में नए महिला चेहरों को भी जगह मिलेगी। किन आधार पर कैबिनेट में फेरबदल किया जाएगा। मंत्रिमंडल विस्तार पर आइए जानें क्या अपडेट हैं।

हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सामने आ रही ज्यादातर जानकारी मीडिया रिपोर्ट राजनीतिक सूत्रों और अंदरूनी चर्चाओं पर आधारित है।
कैबिनेट फेरबदल के दो सबसे बड़े फॉर्मूले: उम्र और राजनीतिक समीकरण
मंत्रालय और राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, इस बार मोदी कैबिनेट में बदलाव के दो मुख्य आधार तय किए गए हैं।
- पहला है, युवा टीम पर फोकस, सरकार इस बार अपनी कैबिनेट की औसत उम्र को बीजेपी अध्यक्ष की उम्र के आसपास यानी करीब 46 साल के करीब लाना चाहती है। नियम यह बनाया जा रहा है कि इक्का-दुक्का अपवादों को छोड़कर 65 साल से ज्यादा उम्र के मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है।
- दूसरा है, नए सहयोगियों को जगह, पिछले कुछ समय में विपक्षी पार्टियों को छोड़कर एनडीए (NDA) के साथ आए नेताओं को कैबिनेट में इनाम मिलने की पूरी उम्मीद है। इसमें पंजाब से आम आदमी पार्टी के बागी सांसद, महाराष्ट्र से उद्धव गुट को छोड़कर आए नेता और पश्चिम बंगाल से टीएमसी का साथ छोड़ चुके बड़े चेहरे शामिल हैं।
धर्मेंद्र प्रधान की जगह कौन संभाल सकता है शिक्षा मंत्रालय?
नीट पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कयास हैं कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर कोई दूसरा विभाग दिया जा सकता है। उनकी जगह पर दो महिलाओं के नाम सबसे आगे चल रहे हैं।
- निर्मला सीतारमण: चर्चा है कि मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है।
- डी पुरंदेश्वरी: साउथ इंडिया में पार्टी को मजबूत करने के लिए 2029 के मिशन के तहत डी पुरंदेश्वरी को शिक्षा मंत्रालय या इस विभाग में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
हालांकि सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी (AAP) से BJP में आने वाले राघव चड्ढा के नाम की भी चर्चा है। इसके अलावा स्मृति ईरानी को राज्यसभा सांसद बनाकर कैबिनेट में लाने की बात चल रही है।
वहीं कुछ सूत्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय कैबिनेट से तभी बाहर किया जाएगा जब उन्हें ओडिशा में मोहन मांझी की जगह मुख्यमंत्री की कमान सौंपी जाए, क्योंकि वहां की राज्य सरकार का मौजूदा कार्यकाल विवादों में रहा है। या फिर शिक्षा मंत्रालय से हटाकर धर्मेंद्र प्रधान को कोई और मंत्रालय दिया जाएगा।
2 महिलाओं समेत इन नए चेहरों को मिल सकती है एंट्री?
इस फेरबदल में जिन नए चेहरों को मोदी 3.0 कैबिनेट में जगह मिल सकती है, उनमें दो प्रमुख महिला नेताओं के नाम शामिल हैं।
- डी पुरंदेश्वरी: दक्षिण भारत की राजनीति का एक बहुत बड़ा चेहरा, जिनकी एंट्री इस बार तय मानी जा रही है।
- काकोली दस्तीदार: तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर एनडीए के पाले में आए सांसदों में से इन्हें महिला कोटे से कैबिनेट में जगह मिलने की सबसे ज्यादा चर्चा है।
- अनुराग ठाकुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की एक बार फिर कैबिनेट में दमदार वापसी हो सकती है।
- राघव चड्ढा या संदीप पाठक: पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर 'आप' से आए बड़े चेहरों में से किसी एक को मौका मिल सकता है।
- श्रीकांत शिंदे और तरुण चुघ: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे और पंजाब के अमृतसर से आने वाले तरुण चुघ को भी नए मंत्रियों की लिस्ट में शामिल किया जा सकता है।
निर्मला सीतारमण और हरदीप पुरी समेत इन 4 मंत्रियों की बदल सकती है भूमिका
रिपोर्ट के मुताबिक इस फेरबदल में चार बड़े चेहरों को कैबिनेट से संगठन या दूसरी भूमिकाओं में भेजा जा सकता है। वो नाम हैं..
- निर्मला सीतारमण: इन्हें साउथ इंडिया में पार्टी को मजबूत करने का बड़ा जिम्मा दिया जा सकता है। उनकी जगह रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर और पीएम के प्रधान सचिव शक्तिकांत दास या मौजूदा पीयूष गोयल को नया वित्त मंत्री बनाने की लिस्ट में रखा गया है।
- हरदीप सिंह पुरी (74 वर्ष): उम्र के नए फॉर्मूले के तहत पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की विदाई भी लगभग तय मानी जा रही है ताकि नए और युवा चेहरों के लिए जगह बनाई जा सके।
- पंकज चौधरी: 'एक व्यक्ति दो पद' की नीति के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी को यूपी बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने के लिए मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।
- हर्ष मल्होत्रा: दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को भी दिल्ली सरकार और आगामी चुनावों में संगठन का काम सुधारने की बड़ी जिम्मेदारी के लिए मंत्री पद से मुक्त किया जा सकता है।
फिलहाल यह याद रखना जरूरी है कि मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित बदलाव को लेकर चल रही सारी चर्चाएं मीडिया रिपोर्ट्स, राजनीतिक सूत्रों और अटकलों पर आधारित हैं। सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक किसी मंत्री के हटने, किसी नए मंत्री की नियुक्ति या विभाग बदलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए अंतिम फैसला तभी माना जाएगा जब केंद्र सरकार औपचारिक घोषणा करेगी।















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