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कौन थे अनंतनाग आतंकी हमले में शहीद SHO अरशद खान, जिनके परिवार से मिले गृहमंत्री अमित शाह

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    Amit Shah ने की Anantnag Martyr Arshad Khan की Family से मुलाकात , WATCH VIDEO | वनइंडिया हिंदी

    अनंतनाग। गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह ने श्रीनगर जाकर शहीद एसएचओ अरशद अहमद खान के परिवारवालों से मुलाकात की। अरशद खान 12 जून को दक्षिण कश्‍मीर के अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में बुरी तरह से घायल हो गए थे। इसके बाद 16 जून को उन्‍होंने दिल्‍ली स्थित एम्‍स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। अरशद ने बहादुरी के साथ आत‍ंकियों का मुकाबला किया। उनके निधन के बाद उनकी श्रद्धांजलि की जो तस्‍वीरें आई थीं, उसने हर किसी को दुखी कर दिया था। खान, अनंतनाग के सदर पुलिस स्‍टेशन पर बतौर स्‍टेशन हाउस ऑफिसर तैनात थे जब आतंकी हमला हुआ था।

    यह भी पढ़ें- 30 वर्षों में पहली बार गृहमंत्री के दौरे पर कश्‍मीर बंद नहीं

    हमले के बीच बुलेट प्रूफ गाड़ी बाहर आ गए थे अरशद

    हमले के बीच बुलेट प्रूफ गाड़ी बाहर आ गए थे अरशद

    37 वर्षीय एसएचओ अरशद अहमद खान 12 जून को सदर पुलिस स्‍टेशन पर अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे कि उन्‍हें केपी रोड पर सीआरपीएफ पर आतंकी हमले की खबर मिली। खबर मिलते ही वह फौरन रवाना हो गए। जिस समय अरशद पहुंचे तब तक सीआरपीएफ के पांच जवान इस आत्‍मघाती हमले में शहीद हो चुके थे और आतंकियों की ओर से फायरिंग जारी थी। इंस्‍पेक्‍टर खान अपनी सर्विस राइफल के साथ बुलेट प्रूफ गाड़ी से बाहर आए। जैसे ही वह बाहर आए आतंकियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई।

     खान की बहादुरी के कायल सीनियर्स

    खान की बहादुरी के कायल सीनियर्स

    एक गोली उनकी सर्विस राइफल को छूती हुई उनके पेट में लग गई। खान, बुरी तरह से घायल हो गए थे और उन्‍हें श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस हॉस्पिटल लाया गया। उनकी हालत काफी नाजुक थी।15 जून को उन्‍हें श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्‍मीर इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के लिए रेफर किया गया था। रविवार को विशेष इलाज के लिए खान को एयर एंबुलेंस की मदद से दिल्‍ली स्थित एम्‍स लाया गया। दोपहर में उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती किया गया था और उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। डॉक्‍टरों की लाख कोशिशों के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। एसएचओ खान की उनके सीनियर ऑफिसर्स काफी तारीफ करते थे। अनंतनाग हमले में उन्‍होंने जिस बहादुरी और तेजी का परिचय दिखाया, उसके बाद ऑफिसर्स उनकी प्रशंसा करते नहीं थक रहे हैं।

    अपने प्रोफेशनलिज्‍म के लिए थे मशहूर

    अपने प्रोफेशनलिज्‍म के लिए थे मशहूर

    खान को उनके प्रोफेशनलिज्‍म के लिए जाना जाता था। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिस समय उन्‍हें आर्मी अस्‍पताल लाया गया था करीब 70 लोग उनका हाल-चाल लेने के आए थे। पिछले कुछ वर्षों से खान की पोस्टिंग साउथ कश्‍मीर में ही थी। जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने उनके निधन के बाद कहा, 'हमने पूरी कोशिश की कि ऑफिसर की जान बच जाए लेकिन दुर्भाग्‍य से ऐसा नहीं हो सका और हमनें उन्‍हें खो दिया है। जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस के लिए आज का दिन बहुत ही दुखद है जिसने सीमा पार आतंकवाद में एक और बेटे को गंवा दिया है।'

    चार वर्ष के बेटे ने दी पिता को श्रद्धांजलि

    चार वर्ष के बेटे ने दी पिता को श्रद्धांजलि

    एसएचओ अरशद खान को जब श्रद्धांजलि दी गई। उनका चार वर्ष का बेटा भी अपने पिता को आखिरी बार सलाम करने आया था। श्रीनगर के एसएसपी डॉक्‍टर हसीब मुगल ने एसएचओ अरशद के बेटे को गोद में लिया हुआ था। उनकी आंखों से भी आंसू रुक नहीं पा रहे थे। खान के घर में उनकी पत्‍नी और दो बेटे हैं जिसमें से एक बेटा एक वर्ष का है। अनंतनाग में12 जून को जो आतंकी हमला हुआ था उसकी जिम्‍मेदारी पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन मुश्‍ताक अहमद जरगर के आतंकी जगह अल-उमर मुजाहिद्दीन ने ली थी।

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    English summary
    Who was martyred SHO Arshad Khan and why Home Minister Amit Shah meets his family.
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