कौन हैं केरल के 'बंटी-बबली'? कैसे बुना '21 दिन में पैसा डबल' का जाल? 25 साल में डकारे 100 करोड़ से ज्यादा
Kerala Chit Fund Scam: 'बंटी-बबली' और 'फिर हेरा फेरी' जैसी बॉलीवुड की फिल्में आपको याद ही होंगी। कुछ इससे मिलता-जुलता मामला केरल में भी सामने आया है। बेंगलुरु में एक पति-पत्नी ने 25 साल तक चली ठगी की साजिश से सैकड़ों लोगों को चूना लगाया। 'A&A चिट्स एंड फाइनेंस' के जरिए '21 दिन में पैसा डबल' और 12-20% रिटर्न का लालच देकर निवेशकों को अपने जाल में फंसाया।
अनुमान है कि इस घोटाले में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी हुई। करोड़ों की लालच लोग घोटाले के अंधकार में डूब गए। अब यह दंपति फरार है, और पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। आइए जानते हैं कौन है ये 'बंटी-बबली' ?

Who Is Kerala Bunty Babli : कौन है ये 'बंटी-बबली'?
टॉमी ए वर्गीस और शाइनी टॉमी (ommy Varghese Shiny Tommy), ने बेंगलुरु में 25 साल तक चली एक चालाक चिटफंड स्कीम के जरिए सैकड़ों निवेशकों से करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी की। राममूर्ति नगर में 'A&A चिट्स एंड फाइनेंस' के नाम से चल रही इस फर्म ने ऊंचे रिटर्न का लालच देकर मलयाली समुदाय के लोगों को अपने जाल में फंसाया। अब यह दंपति फरार है, और पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
25 साल की साजिश, कैसे बनी बात?
टॉमी और शाइनी ने 2005 से बेंगलुरु में A&A चिट्स एंड फाइनेंस के जरिए चिटफंड कारोबार शुरू किया। शुरुआत में छोटे निवेश (5 लाख तक) के साथ शुरू हुआ यह खेल धीरे-धीरे बड़े पैमाने पर पहुंच गया। दंपति ने 12-20% तक के आकर्षक रिटर्न का वादा किया और मलयाली समुदाय के बीच धार्मिक आयोजनों, सामुदायिक समारोहों और चर्च की बैठकों में सक्रियता दिखाकर भरोसा जीता। जनवरी 2025 में उन्होंने एक धार्मिक उत्सव में बुलेट मोटरसाइकिल और नकद पुरस्कार प्रायोजित कर निवेशकों को लुभाया। कई निवेशकों ने अपनी जीवन भर की बचत, कुछ ने तो अपनी संपत्ति बेचकर इस स्कीम में पैसे लगाए।
कैसे दिया ठगी को अंजाम?
दंपति ने निवेशकों को व्हाट्सएप के जरिए लेनदेन करने को कहा। निवेशक खाते में पैसे भेजते और टॉमी को स्क्रीनशॉट भेजते, जिसका वह तुरंत जवाब देता था। शुरुआत में समय पर रिटर्न देकर विश्वास बनाया गया। स्कीम में 5,000 से 20,000 रुपये की मासिक सदस्यता योजनाएं थीं, जिन्हें RBI नियमों के तहत सुरक्षित बताया गया। परिपक्वता पर निवेशकों को दूसरी सावधि जमा योजनाओं में निवेश के लिए उकसाया जाता। एक निवेशक ने बताया, "मेरे फंड की परिपक्वता पर मुझे और ज्यादा ब्याज का लालच देकर दूसरी स्कीम में डाल दिया गया।" निवेश की राशि 1 लाख से 4.5 करोड़ रुपये तक थी।
अचानक गायब, बिक गया घर ?
जुलाई 2025 में भुगतान अचानक रुक गया। टॉमी ने निवेशकों को बताया कि उन्हें पारिवारिक आपातकाल के लिए केरल के अलप्पुझा जाना है। इसके बाद दंपति के फोन बंद हो गए, और वे फरार हो गए। जांच में पता चला कि उन्होंने केआर पुरम में अपनी 1.1 करोड़ की 3BHK फ्लैट और गाड़ियां बेच दीं। उनके ऑफिस में मौजूद कर्मचारियों ने भी अनभिज्ञता जताई। 3 जुलाई को सीसीटीवी में उन्हें सूटकेस के साथ अपार्टमेंट छोड़ते देखा गया।
पुलिस में 289 शिकायतें, 100 करोड़ का घोटाला
कोट्टायम के एक पेंशनभोगी पीटी सावियो की शिकायत ने इस घोटाले का पर्दाफाश किया। सावियो ने 70 लाख रुपये की ठगी की शिकायत की, जिसके बाद 289 निवेशकों ने राममूर्ति नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। पुलिस का अनुमान है कि घोटाले की राशि 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। ज्यादातर पीड़ित मलयाली समुदाय से हैं, जिन्हें सामुदायिक रिश्तों का फायदा उठाकर फंसाया गया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
राममूर्ति नगर पुलिस ने चिट फंड एक्ट 1982, अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम बैनिंग ऑर्डिनेंस 2019, और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 316(2) (विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज किया है। डीसीपी (ईस्ट) डी देवराज ने बताया, 'हम निवेशकों से जानकारी जुटा रहे हैं। घोटाले का सटीक आकार बाद में पता चलेगा।' पुलिस को शक है कि दंपति विदेश भाग गया हो सकता है। मंगलुरु और बेंगलुरु के अन्य ऑफिसों की भी जांच हो रही है।
'बंटी-बबली' की कहानी
टॉमी और शाइनी को 'केरल के बंटी-बबली' कहा जा रहा है, क्योंकि इन्होंने बॉलीवुड फिल्म 'बंटी-बबली' की तर्ज पर लोगों को झांसा दिया। सामुदायिक विश्वास का फायदा उठाकर इन्होंने छोटे निवेशकों से लेकर बड़े कारोबारियों तक को ठगा। एक निवेशक ने कहा, 'मेरे पिता ने इन पर भरोसा किया, फिर मैंने और मेरी बहन ने भी निवेश किया। शक की कोई गुंजाइश ही नहीं थी।
Where Is Tommy Varghese Shiny Tommy: कहां हैं टॉमी और शाइनी?
अलप्पुझा के रमनकारी गांव के रहने वाले टॉमी और शाइनी 25 साल पहले बेंगलुरु आए थे। उनके गांव में एक पुराना घर और कुछ जमीन है, जो अब सुनसान है। उनकी बेटी बेंगलुरु में, एक बेटा गोवा और दूसरा कनाडा में रहता है। पुलिस को शक है कि दंपति ने भागने की पहले से योजना बनाई थी, क्योंकि उन्होंने पिछले एक साल में ब्याज दरें बढ़ाकर और संपत्ति बेचकर ठगी को अंजाम दिया।
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