'Bhaipo tax' क्या है? पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी सरकार ने कसा शिकंजा, पूरा किया शाह का चुनावी वादा
What is 'Bhaipo tax': पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने 'भतीजा टैक्स' कहे जाने वाले अवैध राजमार्ग वसूली केंद्रों पर कार्रवाई का आदेश दिया है। यह कदम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के चुनावी अभियान के दौरान किए गए वादे के तहत उठाया गया है।
अप्रैल 2026 में बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनाव प्रचार में अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण वादा किया था। उन्होंने कहा था, "4 मई को, जैसे ही भाजपा सरकार बनेगी, बंगाल के लोग 'भतीजा टैक्स' से मुक्त हो जाएंगे।"

'भतीजा टैक्स' पर कार्रवाई सुवेंदु सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों में से एक है, जिसने टीएमसी शासन की कई योजनाओं को उलट दिया है और उनमें सुधार किया है। जिसमें BSF को सीमा भूमि हस्तांतरण में तेजी लाना, धर्म-आधारित योजनाओं को समाप्त करना और राज्य की OBC सूची को रद्द करना शामिल है।
What is 'Bhaipo tax': भतीजा टैक्स क्या होता है?
'Bhaipo tax' जिसे बंगाल में 'भतीजो टैक्स' कहा जाता है, ये शब्द पड़ोसी राज्यों से पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने वाले ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्टरों के बीच भय और निराशा का प्रतीक बन गया था। टीएमसी शासनकाल के दौरान बंगाल में सीमा चौकियां और राजमार्ग 'भतीजा टैक्स' और 'डंडा टैक्स' के लिए कुख्यात हो गए थे। विशेष रूप से झारखंड-असम-बंगाल मार्ग पर, राजमार्गों के किनारे कई क्षेत्रों में बांस के बैरिकेड्स लगाकर अवैध चौकियां उग आई थीं। हर चौकी का प्रबंधन सिंडिकेट के गुंडों और उनके सहयोगियों द्वारा किया जाता था, जो लाठियों से लैस होते थे।
भतीजाे टैक्स इसे क्यों कहा जाता है?
बांग्ला में 'भतीजो' का अर्थ 'भतीजा' होता है। भाजपा और वाम दलों सहित कई पार्टियों ने इस शब्द का इस्तेमाल तृणमूल कांग्रेस सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के संदर्भ में किया है। चुनावों से पहले, भाजपा ने बार-बार अभिषेक पर बंगाल में वसूली सिंडिकेट में शामिल होने का आरोप लगाया।
ट्रक चालकों का ऐसे होता था उत्पीड़न
पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और बांग्लादेश को जोड़ने वाला एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब होने के कारण, बंगाल से प्रतिदिन लगभग 50,000 ट्रक गुजरते हैं। पश्चिम बर्धमान और पुरुलिया जैसे जिलों से गुजरने वाले हाइवे सबसे कुख्यात माने जाते थे। हर कुछ किलोमीटर पर बांस के बैरिकेड्स सड़क को अवरुद्ध कर देते थे। रसीद मांगने पर वे आक्रामक हो जाते थे। भुगतान से इनकार करने पर वे शीशे तोड़ देते थे या टायर पंचर कर देते थे। ट्रक चालाकों को धमकाया जाता था। "यह ट्रक चालकों के लिए एक बुरा सपना बन गया था, क्योंकि उन्हें अपनी जेब से पैसे निकालने पड़ते थे। अब नई भाजपा सरकार ने अपने वादे के अनुसार ऐसे वसूली नाकों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
ट्रक चालकों को अवैध वसूली और उत्पीड़न से मिली राहत
पश्चिम बंगाल में कार्यभार संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर, भाजपा सरकार ने वसूली गिरोहों और तथाकथित 'भतीजो टैक्स' पर शिकंजा कसा है। टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जिलाधिकारियों को राजमार्गों पर सभी अवैध वसूली केंद्रों को खत्म करने और उनकी वापसी को रोकने का निर्देश दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक हफ्ते में स्थिति बदल गई है - राजमार्गों पर फैले बांस के अवरोधक और अवैध नाके गायब हो गए हैं। सिंडिकेट गिरोहों ने मानो Houdini का जादू दिखा दिया है। अब NH-2 और उससे सटे मार्गों पर आवाजाही सुचारु रूप से चल रही है। वसूली की चौकियाँ कहीं भी दिखाई नहीं दे रही हैं।
पीएम मोदी, अमित शाह ने बुआ-भतीजे पर साधा था निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने "बुआ-भतीजा" (ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी) की जोड़ी को निशाना बनाने के लिए अक्सर 'तोलाबाज' (वसूली करने वाला) शब्द का इस्तेमाल किया। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि अभिषेक राज्य में "सिंगल विंडो" बन गए थे, दावा किया कि उनकी मंजूरी या प्रभाव के बिना कोई काम आगे नहीं बढ़ता था। अमित शाह ने अपने अभियान के दौरान कहा था, "पैसा बनाने का अधिकार सिर्फ भतीजे को है, आम आदमी को नहीं।"
असम सीएम बिस्वा ने भी 'अभिषेक टैक्स' का किया था जिक्र
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने दावा किया कि असम और बंगाल के बीच यात्रा करने वाले ट्रक चालक अक्सर 'अभिषेक टैक्स' चुकाने की शिकायत करते थे। सरमा ने कहा था, "मैं अक्सर ट्रक चालकों से पूछता हूं कि कीमतें क्यों बढ़ रही हैं। लोग मुझे बताते हैं कि सिलीगुड़ी प्रवेश बिंदु में उन्हें हर ट्रक पर 'अभिषेक टैक्स' नामक कुछ चुकाना पड़ता है।"













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