लखनऊ के विवेक तिवारी मर्डर केस में अब तक क्या-क्या हुआ, जानिए एक नजर में
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीती रात एप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई। आरोप है कि यूपी पुलिस के एक कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने बीती रात विवेक तिवारी को संदिग्ध मानकर सीधे उनके सिर में गोली मार दी। राजधानी के सबसे पॉश इलाके गोमतीनगर में हुई इस घटना से यूपी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल आरोपी सिपाहियों के खिलाफ हत्या की धारा 302 में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

पत्नी ने लगाए पुलिस पर गंभीर आरोप
पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विवेक तिवारी की पत्नी ने कहा, मैं पुलिस की ही बात मानती हूं कि वो एक महिला के साथ थे, वो गाड़ी नहीं रोक रहे थे। तो आप गाड़ी का नम्बर नोट करते, आरटीओ ऑफिस से गाड़ी का नम्बर निकलवाते। मेरे पति को घर से गिरफ्तार करते। मेरे पति को गोली क्यों मारी गई।' विवेक की पत्नी ने सरकार से मुआवजे के रूप में एक करोड़ रुपए और पुलिस विभाग में नौकरी की मांग की है।

विवेक तिवारी के चाचा ने कहा- ये एनकाउंटर है
विवेक तिवारी को गोली मारने के मामले में अब चाचा तिलकराज तिवारी का बयान सामने आया है। कुछ देर पहले दिए गए बयान में तिलकराज तिवारी ने पुलिसकर्मियों पर हत्या करने कहा आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि अगर कार से टक्कर मारी गई थी तो गोली गाड़ी के टायर या शरीर के निचले हिस्से पर मारनी चाहिए थी। गले में गोली मारने का मतलब एनकाउंटर होता है।

सीएम योगी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
जबकि विवेक तिवारी की कॉन्स्टेबल की गोली से मौत के मामले में प्रदेश के सीएम योगी ने कहा कि यह एक एनकाउंटर नहीं है। इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यदि आवश्यक हुआ, तो हम इस घटना की सीबीआई जांच के आदेश देंगे।
जबकि एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी ने भी मीडिया के सामने आकर पक्ष रखा और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को यूपी पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया है और हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि विवेक तिवारी की हत्या की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। विवेक की मौत पुलिसकर्मी का गोली लगाने से हुई है, लेकिन यह सुनियोजित हत्या नहीं है।

सिपाही ने सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई- डीजीपी
जबकि विवेक तिवारी की मौत के मामले में यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि, इस मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सिपाही ने सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई थी। डीजीपी ने इस घटना की निंदा की है और कहा है कि ये सुनियोजित हत्या का मामला नहीं है। एडीजी आनंद कुमार ने भी इस केस में निष्पक्ष जांच कराने की बात कही। बता दें कि इस घटना के बाद पूरा पुलिस महकमा सकते में है। विवेक तिवारी की मौत के मामले में यूपी पुलिस चौतरफा आलोचनाओं का सामना कर रही है।

घटना को लेकर सना ने किया बड़ा खुलासा
वहीं, घटना के वक्त विवेक के साथ मौजूद सना ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा, 'रात में हम ऑफिस से घर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सामने से दो पुलिस वाले आए और उनकी गाड़ी को जबरन रोकने लगे। हम लोग उस सुनसान सड़क पर अकेले थे, इसलिए डर गए और अपनी गाड़ी नहीं रोकी। उन दोनों पुलिसवालों ने इसके बाद हमारी गाड़ी के सामने अपनी बाइक लगा दी और नीचे उतरकर हमारी गाड़ी की ओर बढ़े। इसके बाद विवेक सर साइड से अपनी कार निकालने लगे, जिससे बाइक को थोड़ी टक्कर लग गई। इसपर एक पुलिसवाले ने अपनी पिस्टल निकालकर सीधे विवेक सर के सिर में गोली मार दी।'

आरोपी सिपाही ने कहा- रोकने पर बाइक को मारी थी टक्कर
इसके पहले सुबह, विवेक तिवारी को गोली मारने के आरोपी कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी का बयान भी आया था, सिपाही ने कहा, 'उस गाड़ी की लाइट नहीं जल रही थी और कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था, जब वो लोग गाड़ी के नजदीक गए तो उन लोगों ने गाड़ी स्टार्ट कर बाइक पर चढ़ा दी। उसके बाद दो बार गाड़ी बाइक पर चढ़ाई। आरोपी कॉन्स्टेबल का कहना है कि बार-बार कहने के बाद भी चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। प्रशांत चौधरी का कहना है कि सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई थी।'
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