PoK Protest: सस्ता आटा मांग रही थी जनता, मुनीर की फौज ने बरसाईं गोलियां, 16 की मौत- Video
PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) के रावलकोट शहर में एक बार फिर आसिम मुनीर की फौज द्वारा निहत्थे मासूम लोगों पर हमला करने की खबर आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईदगाह मैदान में हजारों लोग अपने अधिकारों और महंगाई से राहत की मांग को लेकर इकठ्ठे हुए थे। प्रदर्शनकारी सस्ता आटा, चावल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे थे। शुरुआत में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण बताया गया, लेकिन पुलिस की दखल के बाद हालात हिंसक हो गए।
हजारों लोग जुटे, फिर अचानक बदला माहौल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रावलकोट में करीब 60,000 से 70,000 लोग जमा हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की नीतियों और क्षेत्र में चल रहे प्रशासनिक प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए। भीड़ उन लोगों के लिए न्याय की मांग भी कर रही थी, जो मंगलवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में मारे गए या घायल हुए थे। बताया गया कि उस घटना में 30 लोगों की मौत और करीब 200 लोगों के घायल होने का दावा किया गया था।

16 की मौत, 37 घायल
स्थानीय रिपोर्ट्स और प्रदर्शनकारियों के आरोपों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने भीड़ पर गोलीबारी की। दावा किया गया कि पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स के जवानों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर AK-47 राइफलों से फायरिंग की। इस गोलीबारी में कम से कम 16 लोगों की मौत और 37 से अधिक लोगों के घायल हो गए।
महिलाओं और बच्चों के भी मौजूद होने का दावा
चश्मदीदों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदर्शन में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। अचानक हुई हिंसा के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई परिवार अपने लोगों की तलाश करते नजर आए और अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ने लगी।
सड़कों से लेकर खेतों तक दिखा दर्दनाक मंजर
घटना के बाद रावलकोट और आसपास के इलाकों में हालात बेहद तनावपूर्ण बताए गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़कों और खेतों में घायल लोगों को ले जाया गया। कई परिवार अपने परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए अस्पतालों और राहत केंद्रों के चक्कर लगाते रहे। इस पूरी घटना ने इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया।
विरोध प्रदर्शनों में अब तक 53 मौतों का दावा
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शुक्रवार से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई में अब तक कुल 53 लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय संगठनों का कहना है कि हर मौत के पीछे एक ऐसा परिवार है जिसने अपने किसी प्रिय सदस्य को खोया है। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं प्रदर्शनकारी
खून-खराबे और मौतों के दावों के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। हजारों लोग अब भी रावलकोट में मौजूद बताए जा रहे हैं और आर्थिक राहत, सस्ती बिजली, सस्ते खाद्यान्न और राजनीतिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन के नेताओं ने क्या कहा?
गोलीबारी के बाद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आंदोलन के नेता सरदार अमान खान ने कहा कि यह संघर्ष अब एक निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि जान-माल के नुकसान के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा और लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहेंगे। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि उनके पास कोई हथियार नहीं हैं। लेकिन शहबाज की राजनीति और मुनीर की फौज ने इन लोगों के नसीब में गोलियां लिख दी हैं।
इस मामले पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।














Click it and Unblock the Notifications