TN Liquor Shops Closure Order: 'थलपति' बने असली नायक! CM Vijay ने दिया 717 शराब की दुकानें बंद करने का आदेश
CM Vijay Liquor Shops Closure Order: तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (C Joseph Vijay) ने सत्ता संभालते ही बड़ा फैसला लेकर साफ संकेत दे दिया है कि उनकी सरकार सामाजिक मुद्दों पर सख्त रुख अपनाने वाली है। मुख्यमंत्री विजय ने राज्यभर में मंदिरों, स्कूलों, कॉलेजों और बस स्टैंड के पास चल रही 717 TASMAC शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है।
सरकार ने इन दुकानों को अगले दो सप्ताह के भीतर बंद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विजय के इस फैसले को उनके चुनावी वादों से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान ड्रग-फ्री तमिलनाडु बनाने का वादा किया था।

राज्य में विजय को उनके समर्थक लंबे समय से थलपति कहकर बुलाते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद लिया गया यह फैसला उन्हें राजनीतिक रूप से नायक की छवि भी दे रहा है।
TASMAC Closure Order: मुख्यमंत्री बनते ही लिया बड़ा फैसला, 717 शराब की दुकानें बंद करने का आदेश
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सी. जोसेफ विजय ने सबसे पहले राज्य में TASMAC शराब दुकानों को लेकर सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसी दुकानों की पहचान की जाए जो धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और बस स्टैंड के 500 मीटर के दायरे में स्थित हैं। सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि तमिलनाडु में कुल 717 शराब दुकानें ऐसे संवेदनशील इलाकों के बेहद करीब संचालित हो रही हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री विजय ने इन दुकानों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया।
किन दुकानों को बंद किया जाएगा? दो हफ्ते का अल्टीमेटम: सर्वे के बाद लिया गया फैसला
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी प्रेस रिलिज के अनुसार, पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद सीएम विजय ने राज्य में संचालित शराब की दुकानों का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। तमिलनाडु सरकार के अनुसार बंद होने वाली दुकानों में-276 दुकानें धार्मिक स्थलों के पास, 186 दुकानें स्कूल-कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के पास हैं। इसके साथ ही 255 दुकानें बस स्टैंड के आसपास स्थित हैं। सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक हित और सामाजिक माहौल को ध्यान में रखते हुए इन दुकानों को अगले दो सप्ताह के भीतर बंद किया जाएगा।
TASMAC से सरकार को होती है बड़ी कमाई
तमिलनाडु में शराब बिक्री पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में होती है और यह काम तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन यानी TASMAC के जरिए किया जाता है। राज्यभर में फिलहाल 4,765 TASMAC दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों से सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। यही वजह है कि शराब नीति तमिलनाडु की राजनीति में हमेशा बड़ा मुद्दा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री विजय ने साफ संकेत दिया है कि उनकी सरकार केवल राजस्व नहीं बल्कि सामाजिक सुधारों को प्राथमिकता देगी।
चुनावी वादे निभाने की शुरुआत? लंबे समय से उठ रही थी मांग
तमिलनाडु में मंदिरों और स्कूलों के पास शराब दुकानों को बंद करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। कई सामाजिक संगठन, महिला समूह और अभिभावक लगातार इन दुकानों को हटाने की मांग उठा रहे थे। लोगों का कहना था कि धार्मिक स्थलों और स्कूलों के आसपास शराब की दुकानें होने से सामाजिक माहौल खराब होता है और बच्चों पर भी इसका गलत असर पड़ता है। अब मुख्यमंत्री विजय के फैसले को जनता की मांगों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' (TVK) ने अपने चुनावी घोषणापत्र में नशामुक्त तमिलनाडु का वादा किया था। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने शराब और ड्रग्स को सामाजिक समस्या बताते हुए इस पर सख्त कदम उठाने की बात कही थी।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TASMAC दुकानों को बंद करने का फैसला उसी दिशा में पहला बड़ा कदम है।
ED जांच के घेरे में भी रहा TASMAC
TASMAC केवल शराब बिक्री को लेकर ही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर भी चर्चा में रहा है। पिछले वर्ष प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने TASMAC और उससे जुड़े कई संस्थानों पर छापेमारी की थी। एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच शुरू की थी। इस वजह से TASMAC लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी विवादों के केंद्र में बना हुआ है।
अब राजनीति में आने के बाद भी विजय खुद को जनता से जुड़े नेता के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद लिया गया यह फैसला उनकी उसी छवि को और मजबूत करता दिख रहा है। तमिलनाडु की राजनीति में विजय का यह कदम आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक असर डाल सकता है।














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