Ram Mohan Naidu: पिता के निधन के बाद लौटे भारत, लगातार तीसरी बार बने MP, अब बनेंगे केंद्रीय मंत्री
Ram Mohan Naidu: इस बार केंद्र सरकार में टीडीपी की भूमिका काफी अहम होने वाली है, यही वजह है कि मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में टीडीपी को बड़ी जगह मिलने जा रही है। आज नरेंद्र मोदी शाम को लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।
उनके साथ मंत्रिमंडल के कई सहयोगी भी शपथ लेंगे। आज होने वाले शपथ ग्रहण में टीडीपी के युवा सांसद किंजरापू राम मोहन नायडू और पहली बार संसद पहुंचे टीडीपी सांसद डॉक्टर चंद्र शेखर पम्मासानी का नाम काफी चर्चा में हैं।

लगातार तीसरी बार सांसद
महज 36 साल के राम मोहन नायडू तीसरी बार संसद पहुंचे हैं। वो आज देश के केंद्रीय मंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम से लगातार तीसरी बार चुनाव जीतने वाले राम मोहन नायडू ने वाईएसआरसीपी के तिलक पेरादा को हराया है।
उन्होंने उन्हें 3.2 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया है। वह टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं और लोकसभा में पार्टी के नेता हैं। राम मोहन नायडू के दिवंगत पिता के येरान नायडू वरिष्ठ टीडीपी नेता थे, वह पार्टी के विधायक के साथ सांसद भी थे।
इंजीनियरिंग, एमबीए के बाद सिंगापुर में नौकरी
वो 1996 में केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। इसके साथ ही राम मोहन नायडू के चाचा के एचेननायडू आंध्र प्रदेश टीडीपी के अध्यक्ष हैं। राम मोहन नायडू ने आरके पुरम स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल से अपनी पढ़ाई की थी।
इसके बाद उन्होंने यूएस स्टेट ऑफ इंडियाना स्थित पुर्दू यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। फिर लॉन्ग आइसलैंड से एमबीए की पढ़ाई की।
नायडू 2 नवंबर 2012 तक सिंगापुर में नौकरी कर रहे थे। उनके पिता और वरिष्ठ टीडीपी नेता के येरन नायडू का सड़क हादसे में निधन हो गया था। जिसके बाद राम मोहन वापस लौटे और राजनीति के मैदान में अपनी पारी की शुरुआत की।
महज 26 वर्ष की आयु में बनें सांसद
महज 26 वर्ष की आयु में उन्होंने श्रीकाकुलम लोकसभा सीट से 2014 में चुनाव लड़ा और 16वीं लोकसभा के सबसे युना सांसद बनें। अपने पिता की तरह राम मोहन को भी टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू का करीबी माना जाता है।
बतौर सांसद राम मोहन वह कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण संबंधी स्थायी समिति के सदस्य रहे। इसके साथ वह रेलवे और गृह मामलों संबंधी समितियों, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय संबंधी परामर्शदात्री समिति व अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण और राजभाषा विभाग संबंधी समिति के सदस्य रहे हैं।
अहम मसलों पर निभाई सक्रिय भूमिका
जिस तरह से 2021 में राम मोहन नायडू ने अपनी के गर्भवती होने पर पितृत्व अवकाश लिया उसके बाद एक नई तरह की चर्चा शुरू हुई कि क्या महिला के गर्भवती होने पर बच्चे के देखभाल के लिए पिता की भी अहम भूमिका होती है।
यही नहीं राम मोहन ने मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा, यौन शिक्षा की भी वकालत की। उन्होंने सैनिटरी पैड पर जीएसटी हटाने के लिए सक्रिय अभियान शुरू किया।












Click it and Unblock the Notifications