Tejas Crash:'बहते आंसू, कांपते होंठ', IAF की वर्दी पहन बीवी ने किया पति नमांश को सलाम, कौन देगा मुखाग्नि?
Tejas Crash: दुबई में शुक्रवार को एयर शो के दौरान तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से शहीद हुए पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव देह रविवार को विशेष विमान से हिमाचल में उनके पैतृक गांव लाया गया, जहां पूरा गांव अपने वीर के अंतिम दर्शन करने पहुंचा, सबकी आंखे नम थीं।
तो वहीं इससे पहले सबका कलेजा उस वक्त मुंह पर आ गया जब कांगड़ा एयरपोर्ट पर उनकी पत्नी विंग कमांडर अफशां IAF की वर्दी में पति की पार्थिव शरीर को लेने पहुंची थी, साथ में उनके 7 साल की मासूम बेटी थी, जिसे कि शायद यह तक नहीं पता था कि उसके पापा अब इस दुनिया में दुनिया नहीं है।

बूढ़े मां-बाप के आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं, जिस किसी ने भी ये पल देखा, उसका दिल कांप गया लेकिन कुदरत के इस घोर अन्याय के खिलाफ हर कोई निशब्द हैं। पत्नी की आंखों से अश्रुधारा लगातार बह रही थी लेकिन फिर भी उसने अपने पति को आखिरी सलामी दी।
साल 2014 में नमांश और आफशां ने की थी शादी (Tejas Crash)
आपको बता दें कि साल 2014 में दोनों की शादी हुई थी और इस शादी से दोनों को सात साल की बेटी है, जिसे लेकर दोनों ने काफी सपने बुने थे। वर्तमान में नमांश पत्नी और बेटी के साथ कोलकाता रहते थे। नमांश को मुखाग्नि ताया के बेटे निशांत स्याल ने दी क्योंकि नमांश का अपना कोई सगा भाई नहीं था।

'हमने अपना एक हीरा खो दिया' (Tejas Crash)
पूरा गांव अपने वीर बेटे की मौत से दुखी है। उनके स्कूल से ही पढ़ने वाले स्थानीय निवासी और नमांश के करीबी रहे पंकज चड्ढा ने कहा कि 'मैंने ने भी नमांश के स्कूल से ही पढ़ाई की है- सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा... हमने अपना एक हीरा खो दिया है। वह हमारे स्कूल का गौरव था। हम उसके पैतृक गांव पटियालकर जाएंगे, उसने हम सभी को बहुत गर्व महसूस कराया।'

'वह हमारे छोटे भाई जैसा था, बहुत अच्छा था'
तो वहीं स्थानीय निवासी संदीप कुमार ने कहा कि 'हम नमांश-पटियालकर गांव से हैं... हमारे गांव में हर कोई दुखी है। वह हमारे छोटे भाई जैसा था। ऐसा नहीं होना चाहिए था। हमारे पास शब्द नहीं हैं। हम उससे 3-4 महीने पहले मिले थे जब वह हमारे गांव आया था।'
'अनुभवी और कुशल पायलट थे नमांश' (Tejas Crash)
आपको बता दें कि 19 साल में इंडियन एयरफोर्स में शामिल हुए नमांश मात्र 37 वर्ष के थे और मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले थे, वो इन दिनों सुलूर बेस पर एक सीनियर ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे और अपने करियर ग्रोथ के लिए एडवांस कोर्स कर रहे थे। वो अनुभवी और कुशल पायलट थे और इसी वजह से वो दुबई एयर शो का हिस्सा थे।
'एक मासूम बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया' (Tejas Crash)
21 नवंबर को इस शो का आखिरी दिन था, इसी दिन तेजस एमके-1 ने जैसे ही उड़ान भरी, चंद सेकंड में ही वो आग का गोला बन गया और देश के वीर सपूत विंग कमांडर को अपने साथ हमेशा के लिए ले गया। चंद सेंकड में एक मासूम बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया और एक बूढ़ी मां ने अपनी बुढ़ापे की लाठी खो दी, तो वहीं पत्नी अफशां की तो पूरी दुनिया ही उजड़ गई है।

'दुर्घटना का सही कारण पता लगाने के लिए पूरी जांच की जाएगी'
देश के इस बहादुर लाल को वनइंडिया परिवार भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। आपको बता दें कि आईएएफ के सीनियर अधिकारियों ने कहा है कि 'दुर्घटना का सही कारण पता लगाने के लिए पूरी जांच की जाएगी।'












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