बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां भी सुभान अल्लाह! वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई ने जड़ा पहला शतक
Vaibhav Sooryavanshi brother hit Century: भारतीय क्रिकेट के नए उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के घर से एक और बेहद सुखद खबर सामने आई है। क्रिकेट के मैदान पर अपने बल्ले का लोहा मनवाने वाले वैभव के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने भी क्रिकेट की पिच पर अपने शानदार सफर का आगाज कर दिया है। आशीर्वाद ने हाल ही में एक लोकल प्रैक्टिस मैच के दौरान अपने करियर का पहला शतक जड़ा है। इस उपलब्धि के बाद सूर्यवंशी परिवार में खुशी का माहौल है और क्रिकेट फैंस के बीच भी इस नए टैलेंट को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
वैभव सूर्यवंशी ने बनाई अपनी अलग पहचान (Vaibhav Sooryavanshi brother hit Century)
किसी भी खिलाड़ी के परिवार में बैक-टू-बैक दो प्रतिभाओं का उभरना भारतीय क्रिकेट के मजबूत जमीनी ढांचे को बताता है। वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह बहुत कम उम्र में भारतीय जूनियर क्रिकेट और फिर आईपीएल (IPL) के मंच तक अपनी जगह बनाई है, उसके बाद उनके छोटे भाई से भी उम्मीदें स्वाभाविक रूप से जुड़ गई हैं। वैभव सूर्यवंशी की काबिलियत को देखते हुए बेहद कम उम्र में ही उन्हें भारतीय टी-20 टीम में भी शामिल कर लिया गया है।

पिता संजीव सूर्यवंशी ने सोशल मीडिया पर शेयर की खुशी
आशीर्वाद की इस विशेष उपलब्धि की जानकारी खुद उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने सोशल मीडिया के जरिए फैंस के साथ शेयर की। उन्होंने फेसबुक पर एक बेहद भावुक और गर्व से भरी पोस्ट शेयर की। संजीव सूर्यवंशी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मेरे छोटे बेटे आशीर्वाद सूर्यवंशी ने आज प्रैक्टिस मैच में अपना पहला शतक बनाया है। आप सभी से अनुरोध है कि वैभव की तरह आशीर्वाद पर भी अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें। पिता की इस पोस्ट के बाद क्रिकेट सर्किट से जुड़े लोग और फैंस आशीर्वाद को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।
क्या वैभव की तरह छोटे भाई भी करेंगे क्रिकेट की दुनिया पर राज?
पिता के इस पोस्ट के बाद फैंस के बीच एक बड़ा और दिलचस्प सवाल भी उठ गया है। एक फैन ने लिखा कि क्या वैभव की तरह उनका छोटा भाई भी क्रिकेट की दुनिया पर राज करेगा? बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभानअल्लाह। खेल जगत में ऐसी कई जोड़ियां रही हैं। जैसे स्टीव वॉ और मार्क वॉ, या भारतीय क्रिकेट में हार्दिक पांड्या और क्रुणाल पांड्या जिन्होंने मिलकर देश का नाम रोशन किया है। आशीर्वाद का यह पहला शतक इस बात का संकेत है कि वे भी अपने बड़े भाई के नक्शेकदम पर चलते हुए कड़ा अभ्यास कर रहे हैं।
चैंपियन भाई की लेगेसी को आगे बढ़ाने की चुनौती
आशीर्वाद सूर्यवंशी के लिए यह सफर जितना रोमांचक है, उतना ही जिम्मेदारी से भरा भी है। उनके बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी ने रिकॉर्ड्स बुक में अपना नाम दर्ज कराया है और बेहद कम उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट और भारत की अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया है। अब छोटे भाई आशीर्वाद ने भी अपनी काबिलियत की पहली झलक दिखा दी है। हालांकि, एक स्थानीय प्रैक्टिस मैच के शतक को भविष्य के बड़े मंचों में बदलने के लिए अभी उन्हें लंबी तकनीकी ट्रेनिंग, कड़े अनुशासन और कई घरेलू टूर्नामेंट्स के दौर से गुजरना होगा।















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