Tejas Pilot Namansh Syal: बेटी के लिए क्या था IAF विंग कमांडर का सरप्राइज प्लान? अधूरी रह गई ये ख्वाहिश
दुबई के आसमान में भारत का गौरव बढ़ाते हुए एक जांबाज सितारा हमेशा के लिए टूट गया। दुबई एयर शो (Dubai Air Show) के दौरान शुक्रवार को भारतीय वायुसेना का तेजस फाइटर जेट क्रैश हो गया, जिसमें विंग कमांडर नमांश स्याल (34) शहीद हो गए। यह खबर न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे देश के लिए किसी वज्रपात से कम नहीं थी।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर आसमान की ऊंचाइयों को छूने वाले नमांश अपने पीछे एक हंसता-खेलता परिवार और कभी न भरने वाला खालीपन छोड़ गए हैं।

चंद सेकेंड और सब कुछ खत्म: कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 2:10 बजे (स्थानीय समयानुसार) हुआ। विंग कमांडर नमांश स्याल भारत के स्वदेशी 'तेजस' (Light Combat Aircraft) को उड़ा रहे थे और एक फ्लाइंग डेमोंसट्रेशन (हवाई प्रदर्शन) का हिस्सा थे। वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के मुताबिक, विमान कम ऊंचाई पर एक 'नेगेटिव-जी' (Negative-G) पैंतरेबाज़ी कर रहा था।
विमान के पंख सीधे थे, लेकिन उसकी नीचे आने की गति (Vertical Speed) बहुत तेज थी। पायलट को विमान को संभालने का मौका नहीं मिला और वह जमीन से जा टकराया। विंग कमांडर नमांश को इजेक्ट (विमान से बाहर निकलने) करने का समय भी नहीं मिल सका। भारतीय वायुसेना ने इस घटना की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं।
देशभक्ति के रंग में रंगा पूरा परिवार
विंग कमांडर नमांश स्याल का पूरा जीवन और उनका परिवार देश सेवा को समर्पित रहा है।
- पिता भी थे फौज में: नमांश के पिता, जगन्नाथ स्याल, भारतीय सेना की मेडिकल कोर (Army Medical Corps) में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल के तौर पर काम किया।
- पत्नी भी हैं वायुसेना अधिकारी: नमांश की पत्नी भी भारतीय वायुसेना (IAF) में एक अधिकारी हैं। जिस वक्त यह हादसा हुआ, वह कोलकाता में एक प्रोफेशनल कोर्स के लिए गई हुई थीं।
नमांश कांगड़ा जिले की नगरोटा बगवां तहसील के पटियालकर गांव के रहने वाले थे। उनकी शुरुआती पढ़ाई सुजानपुर तीरा के सैनिक स्कूल से हुई थी। 2009 में वे वायुसेना में कमीशन हुए और पिछले 16 सालों से देश की सुरक्षा में तैनात थे। वे तमिलनाडु के सुलूर एयर बेस में स्थित 'फ्लाइंग डैगर्स' (No. 45 Squadron) का हिस्सा थे।
बेटी के लिए अधूरा रह गया 'पापा' का वो वादा
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे भावुक और दिल तोड़ने वाला पहलू नमांश की 6 साल की मासूम बेटी से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विंग कमांडर नमांश ने अपनी बेटी के लिए दुबई से कुछ खास तोहफे (Gifts) लाने का प्लान बनाया था। एक पिता की ख्वाहिश थी कि जब वह विदेश से लौटें, तो बेटी के चेहरे पर मुस्कान हो। लेकिन अफसोस, नियति को कुछ और ही मंजूर था। वह गिफ्ट, वह सरप्राइज और बेटी से मिलने की वह तड़प... सब कुछ उस मलबे के ढेर के साथ ही खत्म हो गया।
गांव में पसरा मातम, राजकीय सम्मान के साथ होगी विदाई
हादसे की खबर मिलते ही हिमाचल प्रदेश के पटियालकर गांव में मातम पसर गया है। नमांश के माता-पिता उस वक्त सुलूर एयर फोर्स स्टेशन (कोयंबटूर) में ही थे। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस घटना को "हृदय विदारक" बताते हुए शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र ने एक बहादुर, कर्तव्यनिष्ठ और साहसी पायलट खो दिया है।












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