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'16 साल का साथ खत्म', तेजस क्रैश में शहीद पायलट नमांश की पत्नी अफसाना का दर्द, कौन हैं वो और क्या करती हैं?

Tejas crash (Namansh Syal pilot Afsana IAF officer): दुबई एयर शो में तेजस फाइटर जेट के क्रैश होने से विंग कमांडर नमांश स्याल की शहादत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। 21 नवंबर को महज कुछ सेकंड में हादसा ऐसा हुआ कि 37 साल के बहादुर पायलट नमांश स्याल की 16 साल पुरानी जिंदगी उजड़ गई।

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का बेटा नमांश स्याल अपने देश का नाम ऊंचा करते-करते देश के लिए कुर्बान हो गया। लेकिन सबसे ज्यादा दर्द उस पत्नी के हिस्से आया, जिसके साथ उन्होंने आसमान में उड़ने के सपने भी साझा किए थे और देश की रक्षा की शपथ भी खाई थी। नमांश स्याल की पत्नी अफसाना वायुसेना में अधिकारी विंग कमांडर हैं। नमांश अफसान की एक 7 साल की बेटी है। दोनों ने प्रेम विवाह किया था।

Tejas crash Namansh Syal pilot Afsana IAF officer

16 साल की शादी... और एक पल में टूटा पूरा संसार

नमांश और उनकी पत्नी अफसाना दोनों भारतीय वायुसेना में अधिकारी हैं। दोनों ने अपनी जिंदगी की लंबी उड़ान भी साथ ही शुरू की थी। करीब 16 साल का यह रिश्ता सिर्फ जमीन पर नहीं, बादलों के बीच भी पनपा था। दोनों ने एक-दूसरे को उसी दुनिया में समझा जहां हर दिन खतरा रहता है, लेकिन हौसला उससे कई गुना बड़ा।

तेजस क्रैश की खबर आते ही यह पूरा संसार पलभर में ढह गया। अफसाना के लिए यह नुकसान सिर्फ पति का नहीं, बल्कि उस साथी का था जिसके साथ वह अपने कई सपनों की उड़ान भरने वाली थीं। 7 साल की बेटी आज भी यह समझ नहीं पा रही है कि वह पिता, जो उसे गोद में उठाकर हंसाया करते थे, अब कभी वापस नहीं आएंगे।

परिवार में पसरा मातम... गांव में उमड़ी भीड़

जैसे ही कांगड़ा में नमांश की शहादत की खबर पहुंची, पूरा इलाका शोक में डूब गया। उनके गांव में लोगों की भीड़ लग गई। हर चेहरे पर दुख साफ दिख रहा था। जो बेटा सेना में जाकर गर्व दिलाता था, उसकी अधूरी कहानी ने पूरे गांव को हिला दिया।

नमांश अपने अनुशासन और बेहतरीन सर्विस रिकॉर्ड के लिए जाने जाते थे। वे नगरोटा बगवां के मूल निवासी थे और सुजानपुर टीरा के सैनिक स्कूल से पढ़े थे। उनके पिता जगननाथ स्याल भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं और बाद में शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल रहे। घर में सैनिक परंपरा और देशभक्ति का यही माहौल था जिसने नमांश को आसमान में उड़ने का हौसला दिया।

Tejas crash Namansh Syal pilot Afsana IAF officer

पिता को ऐसे मिला हादसे का पता, दिल दहल गया

इस घटना का सबसे दर्दनाक हिस्सा यह है कि नमांश के पिता जगननाथ स्याल को हादसे की जानकारी टीवी और यूट्यूब से मिली। नमांश ने ही एक दिन पहले उनसे कहा था कि एयरशो की झलकियां वीडियो में जरूर देखें।

शुक्रवार 21 नवंबर शाम करीब 4 बजे जब जगननाथ स्याल यूट्यूब पर एयरशो खोज रहे थे, तभी उन्हें तेजस के गिरने की रिपोर्ट दिखी। उनका दिल बैठ गया। उन्होंने तुरंत बहू अफसाना को फोन किया, जो खुद भी विंग कमांडर हैं। कुछ ही देर में एयरफोर्स के छह अधिकारी उनके घर पहुंचे और सारी शंकाएं सच साबित हो गईं।

आज जगननाथ स्याल और उनकी पत्नी वीणा तमिलनाडु के कोयंबटूर में अफसाना और पोती आर्या के साथ हैं। दो हफ्ते पहले वे कांगड़ा से यहां आए थे ताकि पोती की देखभाल कर सकें, क्योंकि अफसाना कोलकाता में ट्रेनिंग पर थीं।

देश की सेवा में समर्पित थी यह बहादुर जोड़ी

नमांश पिछले 16 साल से भारतीय वायुसेना में सेवा दे रहे थे। कोयंबटूर में उनकी पोस्टिंग थी। वे छह दिनों से दुबई एयर शो में हिस्सा ले रहे थे और 21 नवंबर एयर डेमो का आखिरी दिन था। इसी दिन तेजस एमके-1 ने उड़ान भरी और अचानक बेकाबू होकर जमीन से टकरा गया। जोरदार धमाके के साथ विमान आग की लपटों में घिर गया और देश ने एक वीर पायलट खो दिया।

अफसाना, जो खुद एयरफोर्स में पायलट हैं, अपने पति के हर मिशन में गर्व महसूस करती थीं। यह जोड़ी देश की रक्षा करने वाले उन साहसी चेहरों में थी, जो परिवार से ज्यादा देश को प्राथमिकता देते हैं।

Tejas crash Namansh Syal pilot Afsana IAF officer

क्यों हुआ हादसा? जांच करेगी कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी

भारतीय वायुसेना ने बताया है कि दुबई के अल मकतूम एयरपोर्ट पर तेजस एमके-1 डेमो फ्लाइट दे रहा था, तभी तकनीकी गड़बड़ी के बाद विमान बेकाबू हो गया। इसके असली कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की जाएगी।

तेजस जेट के दुर्घटनाग्रस्त होने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 2024 में राजस्थान के पोकरण में युद्धाभ्यास के दौरान इंजन फेल होने के कारण तेजस क्रैश हुआ था।

एक बेटी, एक पत्नी, एक परिवार... और देश का दर्द

नमांश अपने पीछे पत्नी अफसाना, एक छोटी बेटी और माता-पिता को छोड़ गए हैं। जिस घर में कुछ दिन पहले तक हंसी गूंजती थी, आज वहां सन्नाटा और सवालों का पहाड़ खड़ा है। एक राष्ट्र के रूप में हम उनकी शहादत को सलाम करते हैं, लेकिन इस बलिदान का असली दर्द उस परिवार ने झेला है जिसका संसार एक पल में बिखर गया।

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