Bengal EVM Fire: बंगाल चुनाव में इस्तेमाल 4000 EVM किसले जलाई? क्या Mamata की हार से है बड़ा कनेक्शन?

Bengal EVM Fire: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक सरकारी इमारत में लगी भीषण आग ने प्रशासन और चुनावी व्यवस्था दोनों को झकझोर दिया है। इस आग में लगभग 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। राज्य के दमकल एवं आपातकालीन सेवा मंत्री कौशिक चौधरी ने इस घटना की पुष्टि की है।

यह हादसा दक्षिण कोलकाता के अलीपुर इलाके में स्थित एक सरकारी भवन में हुआ। घटना के बाद चुनावी सुरक्षा, सरकारी रिकॉर्ड और सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Bengal EVM Fire

विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई थीं ये EVM

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, आग में नष्ट हुई सभी EVM मशीनों का इस्तेमाल इसी साल हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में किया गया था। इन मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया था क्योंकि इन्हें राज्य के 10 अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में मतदान कराने के लिए इस्तेमाल किया गया था। चुनाव खत्म होने के बाद इन्हें सरकारी भवन में सुरक्षित रखा गया था।

मंत्री ने जताई साजिश की आशंका

घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य के दमकल मंत्री कौशिक चौधरी ने साफ कहा कि उन्हें यह कोई सामान्य आग नहीं लगती। उन्होंने कहा कि आग जिस तरह फैली और जिस तरह नुकसान हुआ, उसे देखकर किसी संभावित साजिश या तोड़फोड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।

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जिस इमारत में आग लगी, उसका राजनीतिक महत्व भी बड़ा

जिस नौ मंजिला सरकारी इमारत में आग लगी, वहां सिर्फ चुनावी सामग्री ही नहीं रखी गई थी, बल्कि कई महत्वपूर्ण सरकारी विभाग भी संचालित होते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी भवन में दक्षिण 24 परगना जिला परिषद का मुख्य कार्यालय भी मौजूद था। प्रशासनिक नजरिए से यह इमारत काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

क्या ममता बनर्जी की हार से है कनेक्शन?

इस घटना का ममता बनर्जी की हार से सीधा कोई कनेक्शन नहीं है। हालांकि यह घटना दक्षिण 24 परगना जिला परिषद में हुई जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है। ऐसे संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाके में हजारों EVM मशीनों का जल जाना राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर रहा है।

आग फैलने का तरीका बना सबसे बड़ा सवाल

मंत्री कौशिक चौधरी ने शुरुआती जांच के आधार पर आग फैलने के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक, आग सबसे पहले इमारत की तीसरी मंजिल पर लगी थी। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल को ज्यादा नुकसान पहुंचाए बिना आग सीधे सातवीं और आठवीं मंजिल तक पहुंच गई।

क्यों है यह पैटर्न असामान्य?

आमतौर पर किसी बहुमंजिला इमारत में आग नीचे से ऊपर की तरफ धीरे-धीरे फैलती है। लेकिन इस मामले में बीच की कई मंजिलों को छोड़कर ऊपरी हिस्से तक आग पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए एक रहस्य बना हुआ है। इसी वजह से पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और दमकल अधिकारी अब केवल शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी ही नहीं बल्कि संभावित साजिश और बाहरी हस्तक्षेप के एंगल से भी जांच कर रहे हैं।

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FIR दर्ज, जांच शुरू

घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री कौशिक चौधरी ने बताया कि इस मामले में आधिकारिक FIR दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने भी पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

फॉरेंसिक टीम को भी हुई परेशानी

घटना की फॉरेंसिक जांच के लिए राज्य फॉरेंसिक विभाग की विशेष टीम मौके पर पहुंची थी। लेकिन जब अधिकारी सबूत और नमूने इकट्ठा करने पहुंचे तो उन्हें बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आग बुझने के कई घंटे बाद भी इमारत के कई हिस्से बेहद गर्म थे, जिससे जली हुई मंजिलों तक पहुंचना आसान नहीं था।

मंत्री ने क्या कहा?

कौशिक चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा,

"एक एफआईआर दर्ज की गई है और जांच शुरू कर दी गई है। फॉरेंसिक अधिकारी नमूने इकट्ठा करने आए थे। लेकिन इमारत अभी भी गर्म थी, इसलिए उन्हें जली हुई मंजिलों में प्रवेश करने में कठिनाई हुई।"

सुरक्षा इंतजामों की भी होगी जांच

अब कोलकाता पुलिस और दमकल विभाग यह भी जांच कर रहे हैं कि इमारत में सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा था। चूंकि यहां हजारों EVM मशीनें रखी गई थीं, इसलिए उनके स्टोरेज एरिया में मौजूद फायर सेफ्टी सिस्टम, अलार्म, स्प्रिंकलर और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है।

क्या शॉर्ट सर्किट था वजह या कुछ और?

शुरुआत में आग की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही थी। लेकिन मंत्री और अधिकारियों के बयानों के बाद जांच का फोकस अब संभावित साजिश और जानबूझकर आग लगाने की आशंका की तरफ भी चला गया है। दमकल विभाग इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि आग कैसे शुरू हुई और इतनी तेजी से क्यों फैली।

अब सबकी नजर फॉरेंसिक रिपोर्ट पर

अलीपुर की इस सरकारी इमारत में लगी आग और 4,000 EVM मशीनों के नष्ट होने की घटना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। फिलहाल पुलिस, फॉरेंसिक टीम और दमकल विभाग मिलकर हर एंगल से जांच कर रहे हैं। आने वाले दिनों में फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई थी।

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जनता जानना चाहती है सच

चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी हजारों मशीनों का एक साथ जल जाना केवल प्रशासनिक मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा सवाल भी बन गया है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों पर है, क्योंकि फॉरेंसिक रिपोर्ट ही बताएगी कि आखिर कोलकाता की इस रहस्यमयी आग के पीछे असली वजह क्या थी।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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