Retail Inflation May 2026: मई में खुदरा महंगाई दर हुई 3.93 फीसदी, समझिए आम आदमी की पॉकेट पर कितना बढ़ा बोझ?
India Retail Inflation May 2026: भारत में खुदरा महंगाई दर में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 12 जून को Ministry of Statistics and Programme Implementation द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
इससे पिछले महीने, यानी अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा 3.48 प्रतिशत दर्ज किया गया था। महंगाई दर में यह बदलाव मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण देखा जा रहा है। मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि मई 2026 में उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य महंगाई दर भी तेज हुई है।

इस दौरान सालाना आधार पर देश में खाद्य महंगाई दर 4.78 प्रतिशत दर्ज की गई, जो अप्रैल 2026 में 4.20 प्रतिशत थी। इस वृद्धि ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाया है, विशेष रूप से दैनिक उपभोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने इस आंकड़े को प्रभावित किया है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महंगाई का असर
जारी आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई का असर शहरी इलाकों की तुलना में अधिक देखा गया है। मई 2026 में ग्रामीण भारत की खुदरा महंगाई दर 4.25 प्रतिशत दर्ज की गई, जो अप्रैल में 3.74 प्रतिशत थी। दूसरी ओर, शहरी इलाकों में मई महीने के दौरान खुदरा महंगाई 3.53 प्रतिशत रही, जो कि अप्रैल 2026 में 3.16 प्रतिशत के स्तर पर थी।
खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भिन्नता देखी गई। मई 2026 में ग्रामीण क्षेत्रों की खाद्य महंगाई दर बढ़कर 4.85 प्रतिशत हो गई, जो अप्रैल में 4.26 प्रतिशत थी। वहीं, शहरी क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर मई महीने में 4.66 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि अप्रैल में यह दर 4.10 प्रतिशत थी, जिससे दोनों ही क्षेत्रों में खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़े हैं।
Consumer Price Index का विवरण
मंत्रालय ने वर्ष 2024 को आधार वर्ष मानते हुए इन आंकड़ों को तैयार किया है। मई 2026 के लिए संयुक्त सामान्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 105.91 दर्ज किया गया, जबकि अप्रैल में यह 105.12 के स्तर पर था। इसी प्रकार, मई में संयुक्त खाद्य सूचकांक 105.35 रहा, जो पिछले महीने 104.39 पर था। इन विभिन्न सूचकांकों और महंगाई दरों की विस्तृत तुलना नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है।
| सूचकांक का प्रकार | मई 2026 (ग्रामीण) | मई 2026 (शहरी) | मई 2026 (संयुक्त) | अप्रैल 2026 (ग्रामीण) | अप्रैल 2026 (शहरी) | अप्रैल 2026 (संयुक्त) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सामान्य महंगाई दर (%) | 4.25 | 3.53 | 3.93 | 3.74 | 3.16 | 3.48 |
| खाद्य महंगाई दर (%) | 4.85 | 4.66 | 4.78 | 4.26 | 4.10 | 4.20 |
| सामान्य सूचकांक (CPI) | 106.11 | 105.66 | 105.91 | 105.28 | 104.92 | 105.12 |
| खाद्य सूचकांक (CFPI) | 105.07 | 105.83 | 105.35 | 104.17 | 104.77 | 104.39 |
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि मई 2026 में ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में व्यापक कीमतों और खाद्य पदार्थों की दरों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। अप्रैल 2026 की तुलना में मई 2026 के लगभग सभी सूचकांकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो अर्थव्यवस्था में मूल्य स्थिरता के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
RBI के टारगेट के दायरे में लेकिन दबाव बरकरार
हालांकि खुदरा महंगाई दर अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के केंद्रीय लक्ष्य के बेहद करीब है और इसकी संतोषजनक सीमा (2% से 6%) के भीतर बनी हुई है। लेकिन लगातार दूसरे महीने आई यह तेजी नीति निर्माताओं के लिए चिंता का विषय हो सकती है, विशेषकर तब जब मानसून का सीजन सामने है और खाद्य कीमतों में अस्थिरता देखी जा रही है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े देश भर के चुनिंदा ग्रामीण और शहरी बाजारों से साप्ताहिक आधार पर जुटाए गए मूल्य इनपुट के आधार पर तैयार किए गए हैं। जून 2026 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े अगले महीने यानी 13 जुलाई 2026 को जारी किए जाएंगे।














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