Raushan Anand कब जेल से आएंगे बाहर? 'ज्ञान बिंदु' के डायरेक्टर की रिहाई पर वकील का खुलासा!
Khan Sir Coaching Firing Case Updates: पटना के चर्चित खान सर की कोचिंग पर हुए हमले के मामले में 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' के डायरेक्टर रौशन आनंद की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ जहां कोर्ट ने खान सर को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दे दी है, वहीं दूसरी तरफ पटना सिविल कोर्ट ने रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका (Regular Bail) को सिरे से खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद रौशन आनंद फिलहाल पटना के बेऊर जेल में ही बंद रहेंगे।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक सीनियर वकील का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने साफ-साफ बताया है कि रौशन सर कब और किस शर्त पर जेल से बाहर आ सकते हैं। आइए जानतें हैं रौशन आनंद की रिहाई को लेकर वकील ने कौन सा बड़ा कानूनी दांव समझाया है।

क्या है वो 'कानूनी दांव' जिससे जेल से छूटेंगे रौशन सर?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक रिपोर्टर से बातचीत के दौरान एक सीनियर वकील ने रौशन आनंद की रिहाई का पूरा रास्ता समझाया है। वकील के मुताबिक, रौशन सर को जेल से बाहर निकालने के लिए 'डॉक्ट्रिन ऑफ एलीबाई' (Doctrine of Alibi) का सिद्धांत सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है।
कानून में इस कांसेप्ट का मतलब होता है- 'घटना के समय किसी दूसरी जगह पर मौजूद होने का पक्का सबूत देना।' वकील ने खुलासा किया कि जिस वक्त (2 जून की रात) खान सर की कोचिंग पर हमला और तोड़फोड़ हुई थी, उस वक्त रौशन आनंद वहां मौजूद ही नहीं थे, बल्कि वह पटना से बाहर या किसी दूसरी जगह काम पर थे।
हाई कोर्ट जाने से पहले साबित करनी होगी यह बात
वकील ने साफ किया कि चूंकि पुलिस रौशन आनंद को गिरफ्तार कर चुकी है, इसलिए अब अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) का तो सवाल ही नहीं उठता। अब उन्हें रेगुलर बेल (नियमित जमानत) के लिए ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाना होगा।
वकील ने कहा, 'अगर रौशन सर के वकील कोर्ट में 'एलीबाई' का मजबूत सबूत दे देते हैं कि घटना के वक्त वह पटना में या उस विवादित जगह पर मौजूद ही नहीं थे, तो उन पर लगा यह आरोप खारिज हो जाएगा कि उन्हीं के उकसाने या कहने पर हमला हुआ था। यह सबूत मिलते ही उन्हें बहुत आसानी से रेगुलर बेल मिल जाएगी।'
सिविल कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत?
इससे पहले पटना सिविल कोर्ट में रौशन आनंद की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। रौशन आनंद के वकील ने उनके बेगुनाह होने की दलील देते हुए नियमित जमानत की मांग की थी, लेकिन अभियोजन पक्ष (सरकारी वकील) ने मामले की गंभीरता, हत्या के प्रयास की धाराएं और आर्म्स एक्ट का हवाला देते हुए इसका कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने रौशन आनंद को बेल देने से साफ इनकार कर दिया, जिससे उनकी रिहाई में अब और वक्त लग सकता है।
4 दिन से फरार हैं खान सर, ज्ञान बिंदु के शिक्षकों का फूटा गुस्सा
रौशन आनंद की जमानत खारिज होने और खान सर को कोर्ट से राहत मिलने के बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के शिक्षकों और छात्रों में भारी आक्रोश है। कोचिंग के इतिहास के शिक्षक शशांक पाठक ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, 'रौशन सर की गिरफ्तारी के जो भी कारण बताए गए हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। प्रशासन जानबूझकर उन्हें हिरासत में रख रहा है। हम उनकी तत्काल रिहाई की मांग करते हैं, अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम भूख हड़ताल पर बैठेंगे।'
वहीं, कोचिंग के एक अन्य शिक्षक वरुण ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने रौशन सर को पकड़ने में जितनी तत्परता दिखाई, वैसी खान सर के मामले में क्यों नहीं दिखी? उन्होंने आरोप लगाया कि खान सर पिछले 4 दिनों से फरार चल रहे हैं, लेकिन पुलिस ने न तो उन्हें पकड़ा और न ही उनसे कोई पूछताछ की। ज्ञान बिंदु मैनेजमेंट ने इसे अपने खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया है।















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